
संवाददाता
नई दिल्ली । राम मंदिर के चंदे चोरी का मामला गरमाया हुआ है. विपक्षी पार्टियां लगातार राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय पर तरह-तरह के आरोप लगा रही है. अब आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने चंपत राय पर बड़ा आरोप लगाया है. संजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर के नाम पर देश के कोने-कोने से मिले चंदे के पैसे से अयोध्या में कम पैसे की जमीन बहुत अधिक रेट में खरीदी गई. उन्होंने आरोप लगाया कि इस जमीन की खरीद फरोख्त में जमकर भ्रष्टाचार हुआ हुआ है.
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि 2 अप्रैल 2024 को चंपत राय ने अयोध्या में 645 वर्ग मीटर की एक नजूल की जमीन खरीदी थी. इस जमीन की कीमत करीब 2 करोड़ 92 लाख रुपये थी. लेकिन इस जमीन को चंपत राय ने 24 करोड़ में खरीदा था. यानी 3 करोड़ की जमीन को 24 करोड़ रुपये में खरीदा गया. साथ ही इसे खरीदने में देशभर के लोगों द्वारा मंदिर को दान दिए गए पैसों का इस्तेमाल हुआ था. इसी से साफ पता चलता है कि इसका खरीद फरोख्त अवैध रूप से किया गया था.
सरकारी जमीन खरीदने का आरोप
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि 22 जुलाई 2024 को अयोध्या के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट ने पुष्टि की कि खरीदी गई जमीन वास्तव में नजूल (सरकारी) जमीन थी. इससे साफ पता चलता है कि यह सौदा गैर-कानूनी था. संजय सिंह ने बताया कि नजूल जमीन सरकार की जमीन होती है और इसे खरीदा या बेचा नहीं जा सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि बेचने वाले महंत मुरली दास थे, जो बाबा पूरन दास के शिष्य थे और खरीदने वाले चंपत राय थे, जबकि मिथिलेश्वर नाम के व्यक्ति ने गवाह के तौर पर काम किया.
अखिलेश और विनय कटियार ने भी चंपत को घेरा
इससे पहले, समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी चंपत राय पर निशाना साधा था. अखिलेश यादव ने कहा था कि मंदिर के दान में करोड़ों की हेराफेरी (चोरी) में चंपत राय का अहम रोल है. क्योंकि उनके हाथ में ही मंदिर का सबकुछ था. राम मंदिर आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ भाजपा नेता विनय कटियार ने भी दान में कथित अनियमितताओं को लेकर चंपत राय पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब डंडा चलेगा तो सब पता चल जाएगा. इस पाप के पीछे कौन है.



