
संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में अवैध मदरसों पर एक्शन तेज हो गया है। दो किशोरों के हिंडन नदी में मांस फेंके जाने के मामले में मदरसा का नाम सामने आया था। वहीं, खोड़ा के सूर्या मर्डर केस के बाद से प्रशासन की कार्रवाई काफी तेज हो गई है। इस क्रम में शनिवार को इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनावनी में अवैध रूप से संचालित मदरसे को प्रशासन की टीम ने सील कर दिया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कैलाश चंद तिवारी ने यह कार्रवाई की है।
जिला कल्याण अधिकारी कैलाश चंद तिवारी ने मामले में कहा कि कनावनी स्थित मदरसा जामिया खुल्फा-ए-राशिदीन बिना मान्यता के संचालित हो रही थी। इस मदरसे को अवैध पाया गया। इसके पास फायर ब्रिगेड और बिजली विभाग की एनओसी भी नहीं थी। इन तमाम मामलों की जानकारी के बाद एक्शन हुआ है।
पुलिस ने दी जानकारी
डीसीपी सिटी एवं ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल ने मदरसा पर हुए एक्शन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि थाना इंदिरापुरम के कनावनी क्षेत्र स्थित मदरसा जामिया खुल्फा-ए-राशिदीन को आज अल्पसंख्यक विभाग की ओर से सील किया गया है। इसका प्रमुख कारण यह है कि अल्पसंख्यक विभाग के जो मानक है उनको यह मदरसा पूरा नहीं कर रहा था। इस मदरसे को अवैध रूप से चलाया जा रहा था। मदरसे का रजिस्ट्रेशन भी नहीं था।
डीसीपी ने कहा कि फायर विभाग की एनओसी भी मदरसे को नहीं मिली है। इन सभी मानकों के आधार पर यह अवैध रूप से पाया गया है। शनिवार को इसके सीलिंग की कार्यवाही की गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस इसमें एफआईआर दर्ज करेगी। मामले में जांच कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जाएगी।
मेयर के एक्शन के बाद चर्चा में आया
गाजियाबाद की मेयर सुनीता दयाल ने पिछले सप्ताह दो किशारों को हिंडन नदी में मांस फेंकते पकड़ा था। किशोरों से पूछताछ के क्रम में इस मदरसे का नाम सामने आया था। मेयर ने इसके बाद मदरसे की जांच के आदेश दिए थे। वहीं, सूर्या हत्याकांड के बाद अवैध संस्थानों पर एक्शन तेज हो गया है। अब तक खोड़ा के दो और कनावनी के एक समेत कुल तीन मदरसों को सील किया जा चुका है।



