latest-newsएनसीआरदिल्ली

‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ योजना पर दिल्ली सरकार सख्त, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बुलाई अहम बैठक

मालवीय नगर अग्रिकांड के बाद दिल्ली सरकार हरकत में आ गई है. इसी कड़ी में सीएम ने शुक्रवार को बैठक बुलाई है.

संवाददाता

नई दिल्ली । दिल्ली में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और मालवीय नगर अग्निकांड जैसी दुखद घटनाओं के बाद दिल्ली सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. सरकार ने ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ (B&B) योजना को वापस लेने की तैयारी में है. दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को सचिवालय में एक अहम बैठक बुलाई है, जिसमें भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अनाधिकृत निर्माण और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी. इस बैठक में दिल्ली पुलिस, राजस्व विभाग, एमसीडी, एनडीएमसी, डीडीए, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली जल बोर्ड व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे. इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि बेड एवं ब्रेकफास्ट योजना में गंभीर खामियां सामने आई हैं.

दरअसल, मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिश स्टे’ नामक गेस्ट हाउस में लगी भीषण आग के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे. इस अग्निकांड में 21 लोगों की जान जाने की घटना ने प्रशासन को झकझोर कर रख दिया. पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि सरकार ने इस हादसे से सबक लेते हुए करीब एक महीने पहले ही इस विवादास्पद योजना को वापस लेने का मन बना लिया था. उन्होंने कहा कि यह घटना लापरवाही और अपराध का जीता-जागता उदाहरण है, जिसने न केवल सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं, बल्कि दिल्ली की छवि को भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल किया है.

नियमों का सरासर उल्लंघन: पर्यटन मंत्री के अनुसार, इस योजना की जांच के दौरान विभाग को कई चौंकाने वाली अनियमितताएं मिली हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान पर्यटकों की सुविधा के लिए शुरू की गई इस योजना का दुरुपयोग किया जा रहा था. उन्होंने बताया कि एक विशिष्ट गेस्ट हाउस को केवल 6 कमरों के लिए मंजूरी दी गई थी, लेकिन मौके पर 25 कमरे संचालित पाए गए. यह नियमों का सरासर उल्लंघन है. सरकार अब इस योजना के तहत रजिस्टर्ड सभी ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ और गेस्ट हाउसों की गहन जांच कराने की तैयारी कर रही है. सरकार अब एक नई और सख्त कार्ययोजना (एक्शन प्लान) पर काम कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.

नर्सिंग होम की सुरक्षा व्यवस्था पर भी दें ध्यान: वहीं इस मामले पर राजनीति भी तेज हो गई है. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है. हालांकि, उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के संरक्षण में पिछले दो दशकों से अवैध रूप से होटल चलाने की संस्कृति पनपी है. भाजपा नेता ने सुझाव दिया कि सरकार को केवल गेस्ट हाउस ही नहीं, बल्कि छोटे नर्सिंग होम की सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि वहां भी ऐसी ही लापरवाही होने की आशंका बनी रहती है. दिल्ली में 2007 से लागू ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट लाइसेंस स्कीम तत्कालीन शीला दीक्षित सरकार द्वारा लाई गई ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट लाइसेंस स्कीम विगत दो दशक में कांग्रेस एवं ‘आप’ नेताओं के संरक्षण में अवैध होटल चलाने की छूट बन गई थी और इसी के चलते भाजपा सरकार ने गत माह इसे रद्द करने का निर्णय लेकर नई सख्त पारदर्शी ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट लाइसेंस स्कीम के लिए जनसुझाव आमंत्रित किये थे.

पुरानी योजना पर रोक: फिलहाल सरकार ने पुरानी योजना के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है और नई स्कीम का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है. दिल्ली की जनता और यहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा अब सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में है. आने वाले दिनों में अवैध रूप से चल रहे सभी गेस्ट हाउसों के खिलाफ सरकार सख्त कानूनी कार्रवाई कर सकती है.

‘आप’ ने साधा निशाना: उधर, आम आदमी पार्टी का कहना है कि भाजपा को 21 लोगों के मौत की जिम्मेदारी से भागने नहीं देंगे. भाजपा के नेता लोगों को गुमराह कर रहे है कि इस होटल को बेड एंड ब्रेकफास्ट का लाइसेंस आम आदमी पार्टी के शासनकाल में मिला. आप नेता सोमनाथ भारती ने कहा कि जब 23.04.2024 को इस होटल को लाइसेंस मिला तो दिल्ली में लोकसभा चुनाव के कारण 16.03.2024 से कोड ऑफ कंडक्ट लगा हुआ था. यानी दिल्ली में भाजपा शासित इलेक्शन कमीशन का शासन चल रहा था.

दिल्ली की ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ (B&B) योजना: दिल्ली में पर्यटकों के लिए एक किफायती और घरेलू आवास सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी. इस योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों (विशेषकर विदेशी पर्यटकों) को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और खान-पान का अनुभव कराने के साथ-साथ उन्हें घर जैसा सुरक्षित और साफ-सुथरा माहौल प्रदान करना था. साथ ही, यह मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अतिरिक्त आय का एक जरिया भी था. यह व्यावसायिक होटलों से अलग है. इसके तहत, मकान मालिक अपने ही घर में पर्यटकों के लिए सीमित कमरे (आमतौर पर 1 से 6 कमरे तक) किराए पर दे सकते हैं. इसमें यह अनिवार्य था कि मकान मालिक का परिवार उसी संपत्ति में रहे.

हादसे के बाद आई चर्चा में: यह योजना 2007 में भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा शुरू की गई थी. दिल्ली सरकार ने हाल ही में ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट पॉलिसी 2026’ का एक ड्राफ्ट भी तैयार किया था, जिसमें नियमों को और अधिक स्पष्ट और सख्त करने का प्रस्ताव था, जैसे कि कमरों की संख्या को अधिकतम 8 तक बढ़ाना, सीसीटीवी लगाना और अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन आदि. गौरतलब है कि मालवीय नगर में गेस्ट हाउस (‘फ्लोरिश स्टे’) में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद यह योजना चर्चा में आई. जांच में पाया गया कि गेस्ट हाउस ने नियमों का उल्लंघन कर 6 कमरों की अनुमति के विपरीत 25 कमरे बना रखे थे.

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com