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आईपीएल की सट्टेबाजी और दाऊद इब्राहिम की धमकी…ललित मोदी ने इंटरव्यू में किए कई खुलासे

संवाददाता

नई दिल्ली। लंबे समय से भारत छोड़कर विदेश में रह रहे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. उनका कहना है कि वह कहीं भाग नहीं रहे हैं. भारत जैसे ग्लोबल सुपरपावर देश से बचकर कहीं भी घूमते रहने नामुमकिन है. साथ ही ललित ने दावा किया कि क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले के पीछे की सबसे बड़ी वजह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके गुर्गों की ओर से मिली जान से मारने की मिली कई धमकियां हैं. उनकी सख्ती की वजह से अंडरवर्ल्ड से रिश्ते बहुत खराब हो गए थे.

समाचार एजेंसी ANI के साथ एक इंटरव्यू में ललित मोदी ने पहली बार यह बताया कि दाऊद इब्राहिम और उसके क्राइम सिंडिकेट की ओर से जान से मारने की मिली कथित धमकियों ने उन्हें क्रिकेट प्रशासन से हमेशा के लिए संन्यास लेने के फैसले को मजबूर किया. उन्होंने बताया कि IPL के शुरुआती सालों में मैच-फिक्सिंग के खिलाफ उनके कड़ा रुख का असर सीधे-सीधे ‘D कंपनी’ के अरबों डॉलर के अवैध सट्टेबाजी के साम्राज्य पर खासा असर पड़ रहा था.

‘हर गेंद पर बदलते हैं भाव’

पूर्व क्रिकेट प्रशासक ने यह भी दावा किया कि यह सिंडिकेट बहुत बड़ा “सट्टा बाजार” चलाता है, जहां हर गेंद के साथ सट्टे के भाव बदलते रहते हैं. उन्होंने बताया, “दाऊद इब्राहिम खुद एक बहुत बड़ा बुकी है. वह क्रिकेट के सट्टे को कंट्रोल करता किया करता था. तब करीब 2 अरब डॉलर का अवैध सट्टा हुआ करता था. आज, यह हर मैच में करीब 4 अरब डॉलर का अवैध सट्टा लगा होता है.”

उन्होंने कहा, “यह बहुत बड़ा आंकड़ा है. यह अकल्पनीय रूप से बहुत बड़ा है. हर गेंद पर, सट्टे का एक चांस होता है. यह सट्टा बाजार है. अब कोई पूरे मैच को फिक्स नहीं करता. अब ओवर फिक्स किए जाते हैं. बॉल फिक्स किए जाते हैं.”

‘गुप्त इशारों के लिए जरिए फिक्सिंग’

स्पॉट-फिक्सिंग का जिक्र करते हुए ललित मोदी ने बताया कि कैसे बुकी मैदान पर गुप्त इशारों के जरिए किसी खास गेंद या ओवर को निशाना बनाते हैं, उन्होंने आगे कहा, “हमें पता भी नहीं चलता कि कब फिक्सिंग हो गई. यह बहुत ज्यादा पेचीदा हो गया है. जैसे कोई रूमाल निकालता है, कोई किसी चीज को दूसरी तरफ से रगड़ता है, और यह एक इशारा होता है. यह भी है, हम इन इशारों पर नजर रखते हैं. हम इन इशारों को समझने की कोशिश करते हैं.”

पूर्व क्रिकेट प्रशासक ने दावा करते हुए कहा कि वह इन चीजों पर सख्ती से नजर रखते थे और बुकी के मामले में सहयोग करने से मना कर दिया था, इसलिए वह माफिया के निशाने पर आ गए थे. उन्होंने कहा, “अगर आप शुरुआती 3 साल देखेंगे, जब मैंने IPL चलाया था, तब कोई फिक्सिंग नहीं हुई थी. मैंने बहुत से लोगों को सबक सिखाया. मैंने बहुत से लोगों को स्टेडियम से बाहर निकाल दिया था. मैंने बहुत से लोगों के आने पर रोक लगा दी थी. लेकिन यही सख्ती माफिया से जुड़े लोगों को पसंद नहीं आई.”

‘बाबा नाम के बिचौलिए ने कराई दाऊद से बात’

ललित ने यह भी दावा किया कि उन्होंने भारी रिश्वत के प्रस्ताव ठुकरा दिए थे. उनका कहना है कि “उन्होंने मुझे आंखें मूंद लेने के लिए करोड़ों डॉलर की पेशकश की थी.” साल 2012 की घटनाओं को याद करते हुए, ललित मोदी ने एक ऐसी घटना का जिक्र किया, जिसमें लंदन के एक फिक्सर ने ‘बाबा’ नाम के एक रसूखदार बिचौलिए के पेंटहाउस में देर रात एक मीटिंग की व्यवस्था की थी. इस मुलाकात के दौरान, बिचौलिए ने कथित तौर पर अपने टेरेस से ही एक सैटेलाइट फोन के जरिए सीधे दाऊद इब्राहिम को फोन किया और उसने फोन को स्पीकर पर डाल दिया, ताकि उन पर दबाव डालकर सिंडिकेट के लिए एक IPL फ़्रैंचाइज़ी दिलवाई जा सके.

लंबे समय से भारत छोड़कर विदेश में रह रहे ललित मोदी ने कहा, “यह कहानी मैंने अब तक किसी को नहीं बताई है. मुझे तड़के सुबह 3:30 बजे फोन आया. उसने (फिक्सर ने) कहा, ‘तुम्हें आकर इस आदमी, बाबा से मिलना होगा. और तुम्हें तुरंत आना होगा.’ मैंने सोचा कि शायद कोई जरूरी बात होगी. इसलिए मैं बाबा के घर चला गया. वहां उसने (बाबा ने) कहा, ‘तुमने भारत छोड़ दिया है, हमें IPL में एक टीम चाहिए.”

‘मेरे बेटे को लंदन से अगवा कर लिया’

उन्होंने कहा, “मैंने कहा कि मैं तो भारत में हूं भी नहीं. तुम्हें IPL टीम क्यों चाहिए? जिसे भी जाकर किसी से टीम खरीदनी है, वह जाकर खरीद ले. इसके अलावा, मैं भारत वापस भी नहीं जा रहा हूं. वहां दाऊद की समस्या है. जिस पर उसने कहा, ‘मैं इसे एक मिनट में ठीक कर दूंगा.’”

ललित ने आगे कहा, “इसके बाद बिचौलिया अपने टेरेस पर गया, उसने एक सैटेलाइट फोन निकाला, और कथित तौर पर सीधे दाऊद इब्राहिम को फोन मिलाया. बाबा कहता है, ‘दाऊद भाई, ललित भाई आया है. बात करो.’ मैंने कहा कि मैं बात नहीं करूंगा. इसलिए उसने कॉल स्पीकर मोड पर डाल दिया. मैंने फिर कहा, मैं बात नहीं करूंगा. ऐसे में उसने (दाऊद ने) बस इतना कहा, ‘तुम हमारे दोस्त हो, सब कुछ भूल जाओ, अब सब ठीक हो गया है.’”

उन्होंने खुलासा किया कि उनके मना करने के बाद दुनिया भर में बदले की कार्रवाई की एक जबरदस्त लहर शुरू हो गई, जिसके चलते कानून लागू करने वाली एजेंसियों को दखल देना पड़ा. उन्होंने कहा, “मुंबई पुलिस ने सब कुछ रिकॉर्ड कर लिया था. यह जानकारी मुंबई पुलिस से ही मिली थी. मुंबई पुलिस ने मुझे Z-सुरक्षा दी. हालांकि मैंने इसकी मांग नहीं की थी. मुझे अचानक से Z कैटेगरी की सुरक्षा मिल गई. मुंबई में मेरे घर के बाहर गोलीबारी हुई. जोहान्सबर्ग में मुझ पर हमला करने की साजिश रची गई. मैं केप टाउन में था, जिसकी जानकारी दक्षिण अफ़्रीकी सरकार को मिल गई थी. मोंटेनेग्रो में भी मुझ पर हमला करने की साजिश रची गई थी, जिसका पता क्रोएशियाई बॉर्डर पर ही चल गया था.” उन्होंने आगे कहा, “मेरे बेटे को लंदन की स्लोन स्ट्रीट से अगवा कर लिया गया. बाबा अविन नाम के एक आदमी ने उसे किडनैप किया था. वह पार्क स्ट्रीट पर रहता था.”

‘अंडरवर्ल्ड से बढ़ गई दुश्मनी’

आईपीएल के पूर्व प्रमुख ने यह भी दावा किया कि अंडरवर्ल्ड के साथ उनकी दुश्मनी तब बहुत ज्यादा बढ़ गई, जब उन्होंने आईपीएल के दूसरे सीजन को दक्षिण अफ्रीका में शिफ्ट कर दिया. इस वजह से बड़े-बड़े सट्टेबाजी से जुड़े सिंडिकेट्स का काम खराब हो गया, जिन्होंने इस पर ही दांव लगाया था कि यह टूर्नामेंट होगा ही नहीं.

उन्होंने मुझ पर आईपीएल को दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट करने का आरोप लगाया, क्योंकि उन्हें लगा था कि यह कहीं नहीं जाएगा, लेकिन उनके सारे दावे गलत साबित हो गए, लिहाजा उन्हें बहुत सारा पैसा गंवाना पड़ा. इसलिए वे चाहते थे कि मैं उनके उस पैसे की भरपाई करूं. हालांकि मैंने उनसे ऐसा दांव लगाने के लिए कभी नहीं कहा था. इसिलए मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं था.”

ललित मोदी ने दावा किया कि खतरनाक हो चुका यह टकराव तभी सुलझा, जब सिंडिकेट के एक दूसरे बड़े गुर्गे, छोटा शकील ने एक लाइव इंटरव्यू में बताया कि अंडरवर्ल्ड ने ललित के साथ अपने सारे विवाद सुलझा लिए हैं. जब उनसे पूछा गया कि आखिर कौन सा मामला सुलझा लिया गया, तो ललित ने साफ किया कि खेल से पूरी तरह से दूर हो जाने की उनकी अपनी निजी गारंटी ने ही उनकी जान बचाई. (छोटा शकील) ने कहा कि हमने ललित मोदी के साथ अपने सारे मसले सुलझा लिए हैं. मैंने बस इतना कहा था कि मैं क्रिकेट से संन्यास ले लूंगा. मैंने वादा किया था कि मैं संन्यास ले लूंगा. यही चीज क्रिकेट से दूर जाने की सबसे बड़ी वजहों में से एक वजह रही. मैं खुद को मीडिया के दबाव, सरकार के दबाव और फिर जान के खतरे वाले दबाव में क्यों डालूंगा?”

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