
संवाददाता
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने देश के 10 राज्यों की 27 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की घोषणा कर दी है। इसमें 24 नियमित सीटें और महाराष्ट्र, तमिलनाडु, ओडिशा में 3 उपचुनाव शामिल हैं। इन सभी सीटों पर 18 जून को वोट डाले जाएँगे।
जानकारी के अनुसार, उसी दिन शाम 5 बजे के बाद काउंटिंग भी होगी। नामांकन भरने की आखिरी तारीख 8 जून तय की गई है। इस चुनाव से उच्च सदन में भाजपा के नेतृत्व वाले NDA की ताकत बढ़ सकती है।
NDA 27 में से 17 से 19 सीटें जीत सकता है। मल्लिकार्जुन खरगे और दिग्विजय सिंह जैसे बड़े नेताओं का कार्यकाल खत्म हो रहा है। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष खरगे के कर्नाटक से दोबारा चुने जाने की संभावना है।
चुनाव आयोग ये चुनाव क्यों करवा रहा है?
चुनाव आयोग ने बताया कि राज्यसभा में 10 राज्यों की 24 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव होंगे। महाराष्ट्र, तमिलनाडु और ओडिशा में राज्यसभा सीटों के लिए उपचुनाव होंगे। इस बीच, बिहार में राज्य विधान परिषदों की नौ सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव होंगे, और एक सीट के लिए उपचुनाव होगा।
कर्नाटक की 4 राज्यसभा और 7 विधान परिषद सीट पर चुनाव
कर्नाटक में, विधान परिषद की सात सीटों के लिए चुनाव होंगे। कर्नाटक की चार राज्यसभा और सात विधान परिषद सीट पर चुनाव के लिए अधिसूचना सोमवार को जारी कर दी गई, जिसके तहत मतदान 18 जून को होगा।
25 जून को खत्म होने वाला है कार्यकाल
कर्नाटक विधानसभा के सदस्य ‘विधान सौध’ में इन चुनावों के लिए मतदान करेंगे। कर्नाटक में राज्यसभा सदस्य के रूप में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इरन्ना कडाडी और नारायण कोरगप्पा, कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खरगे तथा जनता दल (सेक्युलर) के एचडी देवेगौड़ा का कार्यकाल 25 जून को समाप्त होने वाला है, जिसके मद्देनजर इन चार सीट पर चुनाव कराए जा रहे हैं।
वहीं, विधान परिषद के चुनाव इसलिए कराए जा रहे हैं, क्योंकि विधायकों की ओर से चुने गए सात विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल 30 जून को समाप्त होने वाला है। इनमें कांग्रेस के गोविंद राजू, नसीर अहमद, तिप्पन्नप्पा और बीके हरिप्रसाद तथा भाजपा के एन नागराजू (एमटीबी), प्रताप सिम्हा नायक के. एवं सुनील वल्ल्यापुर शामिल हैं।



