
संवाददाता
नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े आतंकी-संगठित अपराध नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम से जुड़े तत्वों और पाकिस्तान-दुबई आधारित ऑपरेटरों के साथ मिलकर भारत में बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विस्फोटक सामग्री, ग्रेनेड और अत्याधुनिक विदेशी हथियार बरामद किए हैं.
सूत्रों के अनुसार इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान और दुबई तक जुड़े हुए हैं. गिरफ्तारियां दिल्ली, मुंबई, राजस्थान और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों में चलाए गए समन्वित अभियान के दौरान की गईं. जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपियों को देश की महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थापनाओं को निशाना बनाने का जिम्मा सौंपा गया था.
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि नेटवर्क तीन स्तरों पर संचालित हो रहा था. सूत्रों के मुताबिक पूरे ऑपरेशन का रणनीतिक मास्टरमाइंड पाकिस्तान की आईएसआई थी, जबकि नेटवर्क का एक हिस्सा अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़े तत्वों के निर्देश पर काम कर रहा था. वहीं दूसरे हिस्से का संचालन पाकिस्तान से जुड़े कथित ऑपरेटर शहजाद भट्टी द्वारा किया जा रहा था. जांच एजेंसियां इन सभी कड़ियों की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं.
आतंकवादियों के निशाने पर प्रमुख प्रतिष्ठान
सूत्रों का कहना है कि आतंकियों के निशाने पर दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाएं थीं. संभावित लक्ष्यों में पावर प्लांट, बिजली उत्पादन एवं वितरण केंद्र, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान शामिल थे. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन ठिकानों पर हमला कर व्यापक जनहानि के साथ-साथ देश की आवश्यक सेवाओं को बाधित करने की साजिश रची जा रही थी.
जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद विस्फोटक सामग्री कथित तौर पर सीमा पार से भारत पहुंचाई गई थी. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोटकों और हथियारों की खेप देश के भीतर किस नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे. बरामद सामग्री में ग्रेनेड और कई अत्याधुनिक विदेशी हथियार शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है.
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है. जांच एजेंसियां उनके डिजिटल उपकरणों, संचार माध्यमों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क की संरचना, फंडिंग और विदेशी संपर्कों का पता लगाया जा सके. दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर (स्पेशल सेल) मामले को लेकर पुलिस मुख्यालय में प्रेस ब्रीफिंग करेंगे, जिसमें ऑपरेशन की पूरी जानकारी, गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका और बरामद हथियारों एवं विस्फोटकों से जुड़े विवरण साझा किए जाने की संभावना है.
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई देश की सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता है, क्योंकि इससे एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसके तार कथित तौर पर पाकिस्तान की आईएसआई, दुबई आधारित ऑपरेटरों और अंडरवर्ल्ड से जुड़े तत्वों तक पहुंचते हैं. हालांकि जांच अभी जारी है और कई तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की विस्तृत ब्रीफिंग के बाद ही हो सकेगी.



