
संवाददाता
लखनऊ । प्रतीक यादव की अचानक मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है. उनकी मौत की गुत्थी अभी उलझी हुई है. प्रतीक के शव को देखकर जहर की भी आशंका जताई गई. वहीं बड़े भाई अखिलेश यादव ने इसकी जांच कराने की बात कही. प्रतीक के शव का पोस्टमॉर्टम हो चुका है. लेकिन उसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है ऐसे में प्रतीक यादव की मौत के पीछे फेफड़ों की बीमारी भी एक वजह हो सकती है.
जहां तक मौत के पीछे फेफड़ों की बीमारी वजह हो सकती है या नहीं, का सवाल है तो आइए लखनऊ के जाने-माने पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. एके सिंह से जानते हैं कि क्या लंग्स की बीमारी जान भी ले सकती है? यह बीमारी क्यों और कैसे होती है? क्या फिटनेस के जुनूनी भी इस बीमारी के शिकार हो सकते हैं?
प्रतीक यादव की मौत के पीछे कौन सी बीमारी एक संभावित वजह मानी जा रही है?
डॉ. एके सिंह बताते हैं कि फेफड़ों में क्लॉट यानि लंग्स क्लॉट सीरियस बीमारी है. यह इतनी गंभीर होती है कि इससे जान भी जा सकती है. यह क्रॉनिक और एक्यूट दोनों ही स्तरों पर खतरनाक हो सकती है. किसी के भी सीधे लंग में क्लॉट हो सकता है, या ऐसा भी हो सकता है कि उसके पैर या पेट में क्लॉट जमे और फिर वह ट्रैवल करके लंग तक पहुंच जाए और अचानक लंग क्लॉट से मौत हो जाए.
क्या लंग क्लॉट जानलेवा है?
हां लंग क्लॉट हार्ट अटैक की तरह मिनटों में जाने सकता है. यानि अभी फेफड़ों में क्लॉट बना और जान चली जाए. इसके अलावा यह क्रॉनिक बीमारी में भी जानलेवा होता है.
एक्सरसाइज आपके क्लॉटिंग को नहीं रोकता है.इस बीमारी को रोकने के लिए एक्सरसाइज का डायरेक्ट योगदान नहीं होता. हां ये खतरे कम कर सकता है लेकिन क्लॉट किसी को भी हो सकता है.
क्या यह सप्लीमेंट्स लेने से होता है?
ऐसा अभी तक कोई सबूत सामने नहीं आया है कि यह बॉडी बिल्डिंग सप्लीमेंट लेने से हो.
लंग क्लॉट क्यों होते हैं?
यह ज्यादा देर तक फ्लाइट की लंबी दूरी की यात्रा करने या क्लॉटिंग डिसऑर्डर की वजह से होता है.
इसका इलाज क्या है?
क्लॉट पता चल जाए तो क्लॉट को गलाने की दवा दी जाती है.दूसरा तरीका उस क्लॉट को सक करने के निकालने का है और अगर क्रॉनिक बीमारी है तो सर्जरी से क्लॉट को निकालना होता है
क्या बीमारी से मौत पर नाखून नीले पड़ जाते हैं?
हां किसी भी बीमारी से मौत होती है तो नाखून नीले पड़ सकते हैं, ऐसा शरीर में ऑक्सीजन की कमी की वजह से होता है.
फेफड़ों की बीमारी में क्या एक्सरसाइज कर सकते हैं?
हां लंग क्लॉट होने पर व्यक्ति सामान्य जीवन जीता है और वह व्यायाम कर सकता है.



