latest-newsउत्तर प्रदेश

कैबिनेट विस्तार से योगी सरकार ने साधे 2027 के समीकरण…1 ब्राह्मण, 2 दलित और 3 OBC

संवाददाता

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट विस्तार रविवार को हुआ. रविवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित शपथ समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भूपेंद्र चौधरी, कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्मा, मनोज पांडे, कैलाश राजपूत, सुरेंद्र दिलेर को नए मंत्री के रूप में शपथ दिलाई. इस बड़े विस्तार में, भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडे ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली.

वहीं, कृष्णा पासवान, कैलाश सिंह राजपूत, हंसराज विश्वकर्मा और सुरेंद्र दिलेर ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली. इनके अतिरिक्त सोमेंद्र तोमर और अजीत सिंह पाल को भी शपथ दिलाई गई. सीएम योगी ने अजीत सिंह पाल और सोमेंद्र तोमर को स्वतंत्र प्रभार वाला राज्य मंत्री बनाया. नए चेहरों में एक ब्राह्मण, तीन ओबीसी और दो दलित समाज से हैं.

यह शपथ ग्रहण सीएम योगी आदित्यनाथ की जनभवन में आनंदीबेन पटेल से मुलाकात के एक दिन बाद हुआ है, जिससे 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश मंत्रालय में लंबे समय से इंतजार किए जा रहे फेरबदल की अटकलों पर विराम लग गया.

भूपेंद्र सिंह चौधरी: यूपी बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख जाट चेहरों में से एक हैं. वे मुरादाबाद के रहने वाले हैं. लंबे समय से संघ और भाजपा में सक्रिय हैं. 2016 में पहली बार विधान परिषद सदस्य (MLC) बने. अभी भी MLC हैं. 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद पंचायती राज राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बने और 2019 में पंचायती राज के कैबिनेट मंत्री बने.

मनोज पांडे: वे रायबरेली की ऊंचाहार विधानसभा सीट से विधायक हैं. वह 2012-17 तक सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री थे. वह 2022 में सपा के टिकट पर विधायक चुने गए. वह विधानसभा में सपा के चीफ व्हिप भी रह चुके हैं. मनोज पांडे अवध और पूर्वांचल के बड़े ब्राह्मण नेता हैं.
कृष्णा पासवान: वह फतेहपुर जिले की खागा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं. आंगनवाड़ी वर्कर के तौर पर अपनी संघर्ष भरी जिंदगी शुरू करने वाली कृष्णा पासवान की गिनती जिले के बड़े दलित नेताओं में होती है. वह 4 बार विधायक और दो बार जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं. उन्हें UP BJP का भरोसेमंद महिला चेहरा माना जाता है.

सुरेंद्र दिलेर: वह अलीगढ़ जिले की खैर विधानसभा सीट से BJP MLA हैं. वे BJP के जाने-माने दलित युवा नेताओं में से हैं. वे हाथरस से BJP के पुराने MP राजवीर सिंह दिलेर के बेटे हैं. उनके दादा किशन लाल दिलेर 6 बार MLA और 4 बार MP रह चुके हैं. उनके पिता राजवीर सिंह दिलेर एक बार MP और एक बार MLA रह चुके हैं.

हंसराज विश्वकर्मा: वे BJP से लेजिस्लेटिव काउंसिल मेंबर (MLC) हैं. पिछड़े वर्ग की पॉलिटिक्स में मज़बूत पकड़ रखने वाले हंसराज विश्वकर्मा पिछले 34 सालों से पॉलिटिक्स में एक्टिव हैं. उन्होंने 1989 में बूथ लेवल से अपना पॉलिटिकल सफ़र शुरू किया था. उन्होंने राम मंदिर आंदोलन में भी एक्टिव रोल निभाया था. 2019 के लोकसभा और 2022 के विधानसभा चुनावों में वाराणसी में BJP की बड़ी जीत में उनका अहम रोल माना जाता है.

कैलाश सिंह राजपूत: 1996 में तिर्वा विधानसभा सीट से BJP कैंडिडेट के तौर पर जीते. उसके बाद 2007 में BSP के टिकट पर चुनाव लड़े और जीते. 2017 के विधानसभा चुनाव में फिर से BJP में शामिल हुए और जीतकर विधानसभा पहुंचे. 2022 में भी उन्होंने कन्नौज जिले की तिर्वा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की.

ब्राह्माण, दलित और ओबीसी को साधने की कोशिश

अभी कैबिनेट में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक समेत कुल 7 ब्राह्मण मंत्री हैं. पूर्व मंत्री जितिन प्रसाद के सांसद और केंद्र में मंत्री बनने के बाद योगी कैबिनेट में ब्राह्मण कोटे की एक सीट खाली हो गई थी. पार्टी ने इसके लिए मनोज पांडे को चुना है। वह रविवार को शपथ लेंगे.

दलित समुदाय से 2 मंत्री होंगे सुरेंद्र दिलेर और कृष्णा पासवान को कैबिनेट में शामिल करके सरकार ने दलित समुदाय को मैसेज देने की कोशिश की है. इससे पहले योगी सरकार में दलित समुदाय से कुल 8 मंत्री थे, जिनमें कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य भी शामिल हैं, यूपी विधानसभा में कुल 86 रिजर्व सीटें हैं. इनमें से 84 सीटें एससी और 2 सीटें एसटी के लिए रिजर्व हैं. इनमें से 67 दलित विधायक भाजपा के हैं.

कैबिनेट में महिलाओं के लिए जगह बनाई गई यूपी विधानसभा में 51 महिला विधायक हैं.इनमें 30 भाजपा, 4 अपना दल (एस) और 1 आरएलडी से हैं. योगी सरकार में कुल 5 महिला मंत्री हैं. महिला आरक्षण लागू करने के लिए ज़रूरी संविधान संशोधन बिल संसद में पास नहीं हो सका. महिलाओं के बीच विपक्ष के खिलाफ BJP इसे मुद्दा बना रही है. इसे और मजबूत करने के लिए कृष्णा पासवान को कैबिनेट में जगह दी गई है. पिछड़े वर्ग से डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, धर्मपाल सिंह, राकेश सचान, अनिल राजभर, दारा सिंह चौहान और चौधरी लक्ष्मी नारायण कैबिनेट मंत्री हैं.

सहयोगी पार्टियों से कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल, ओमप्रकाश राजभर और संजय निषाद भी पिछड़े वर्ग से हैं. 5 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 6 राज्य मंत्री हैं. रविवार को हो रहे कैबिनेट विस्तार में पिछड़े वर्ग से 3 चेहरों को शामिल किया गया है. इनमें जाट समुदाय से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत शामिल हैं.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com