
संवाददाता
नई दिल्ली। तमिलनाडु की सियासत में आज से एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है. अभिनेता से नेता बने थलपति विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बने. चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में उन्होंने राज्य के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. उनके साथ-साथ 9 विधायक भी मंत्री बने. 59 साल बाद पहली बार तमिलनाडु में गैर DMK-AIADMK सरकार बनी है. विजय के शपथग्रहण समारोह में राहुल गांधी भी मौजूद थे.

विजय ने शनिवार को राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था. राज्यपाल ने उन्हें मुख्यमंत्री नियुक्त करते हुए 13 मई 2026 तक विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने का समय दिया है. सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी टीवीके को सरकार बनाने को लेकर काफी जद्दोजहद करना पड़ा. इसके बाद राज्यपाल ने विजय को सरकार बनाने का न्योता दिया.
क्टर विजय ने शनिवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर उन्हें 121 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे. विजय को कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, VCK और IUML ने समर्थन दिया है.
विजय को 121 विधायकों का समर्थन
विजय की पार्टी ने 234 में 108 सीटें जीतीं. सहयोगी दलों के समर्थन के बाद विजय के पास 120 विधायकों का समर्थन है. बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है.
- TVK-108 (प्रभावी संख्या 107 है)
- कांग्रेस- 05
- CPI-02
- CPM-02
- VCK-02
- IUML-02
तमिलनाडु में TVK सबसे बड़ी पार्टी
तमिलनाडु में एक्टर विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. टीवीके को 108 सीटें मिलीं. इसके अलावा DMK को 59, ADMK को 47 सीटें मिलीं. वहीं, कांग्रेस के खाते में 5 सीट गई.
59 साल बाद पहली बार गैर DMK-AIADMK सरकार
तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार DMK और AIADMK के अलावा किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनी है. 1967 में डीएमके ने कांग्रेस को हराकर पहली बार सत्ता हासिल की थी. 1972 में एमजी रामचंद्रन ने DMK से अलग होकर AIADMK बनाई और तब से दोनों दल बारी-बारी से सत्ता में रहे. 2026 के विधानसभा चुनाव में सिर्फ दो साल पुरानी पार्टी ने DMK-AIADMK दोनों को चित कर दिया.



