
विशेष संवाददाता
नई दिल्ली। हर साल की तरह गुरुवार 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय डाक दिवस मनाया गया। इस दिन डाक सेवा के महत्व, इसकी उपयोगिता और डाक विभाग में सुधार की दिशा में कार्य करने का संकल्प लिया जाता है। इस अवसर पर डाक विभाग में महिलाओं की भागीदारी का जिक्र करना न केवल जरूरी है, बल्कि प्रासंगिक भी है, क्योंकि आज बड़ी संख्या में महिलाएं डाक विभाग के विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं।
इस खास दिवस पर ये बताना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि दिल्ली के शास्त्री भवन में देश का पहला महिला डाक घर है, जहां सिर्फ महिलाएं ही काम करती हैं। यह डाकघर भारतीय महिला सशक्तीकरण का एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जिसे वर्ष 2013 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर खोला गया था। तब के केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री कपिल सिब्बल ने इस डाकघर का उद्घाटन किया था।
इस महिला डाक घर का नेतृत्व सब पोस्ट मास्टर पूनम कर रही हैं। पूनम को अपनी टीम पर गर्व है, जिसमें उनके साथ एक पोस्टल असिस्टेंट और एक मल्टी टास्क स्टाफ शामिल हैं।
बता दें कि नयी दिल्ली में पहले महिला पोस्ट ऑफिस की स्थापना के बाद इसे और विस्तार देने के कार्य किया गया। नयी दिल्ली के बाद केरल में भी संपूर्ण रूप से महिला कर्मचारियों वाला डाकघर खोला गया। इसके साथ ही भटिंडा में भी इसी प्रकार का पोस्ट ऑफिस ओपन किया गया। इनके अलावा पुणे में दो महिला पोस्ट ऑफिस की स्थापना की गयी। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड के अल्मोड़ा में भी उपडाकघर की स्थापना किया गया। इन सभी पोस्ट ऑफिसेज में छोटे से लेकर बड़े पद तक महिला कर्मचारी ही सभी कार्य करते हैं।



