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JIO ने यूजर्स को दिया झटका, अब फ्री नहीं होगी आउटगोइंग कॉल, 6 पैसे प्रति मिनट का चार्ज

नई दिल्ली: जियो के कस्टमर्स के लिए बड़ी खबर है, जियो नेटवर्क से अब दूसरे नेटवर्क पर कॉल करने के लिए 6 पैसा प्रति मिनट का चार्ज देना होगा. हालांकि कंपनी कस्टमर्स के इस नुकसान की भरपाई डेटा के जरिए करेगी. कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि दूसरे नेटवर्क पर कॉल करने के लिए यूजर्स को 6 पैसा प्रति मिनट देना होगा, कंपनी इसके बदले यूजर्स को इतनी ही कीमत का डेटा उपलब्ध कराएगी. जियो ने यह एलान टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राइ के फैसले के बाद लिया गया है. यह पहली बार होगा कि जबकि जियो के उपभोक्ताओं को वॉयस कॉल के लिए भुगतान करना होगा.

बता दें कि साल 2017 में ट्राई इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज (IUC) को 6 पैसे प्रति मिनट तक घटा दिया था. ट्राइ ने कहा था कि 2020 तक इसे खत्म कर दिया जाएगा. ट्राइ अब अपने इस फैसले पर फिर से विचार कर रहा है, ट्राइ ने कंसल्टेशन पेपर मंगवाया है कि क्या इस टाइमलाइन को बढ़ाने की जरूरत है. जियो के नेटवर्क पर वॉइस कॉल फ्री हैं इसलिए इसे कोई पैसा नहीं देना पड़ता. लेकिन वहीं एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसे ऑपरेटर्स को इसके जरिए 13,500 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ा है.

जियो ने इसके लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा पैदा की गई अनिश्चितता को जिम्मेदार ठहराया है. जियो ने कहा है कि ट्राई ने इंटरकनेक्ट प्रयोग शुल्क (आईयूसी) के मुद्दे को फिर खोल लिया है. वहीं उद्योग की अन्य कंपनियों का कहना है कि यह जियो का ‘यू-टर्न’ है जिसने ग्राहकों को जीवनभर मुफ्त कॉल का वादा किया था.

जियो के प्रतिद्वंदियों का क्या कहना है?
जियो की प्रतिद्वंद्वी दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल ने आरोप लगाया है कि रिलायंस जियो द्वारा अपने ग्राहकों से नेटवर्क से प्रतिद्वंद्वी फोन कंपनियों के नेटवर्क पर वॉयस कॉल के लिए छह पैसे प्रति मिनट का शुल्क लगाने का फैसला इंटरकनेक्ट शुल्क (आईयूसी) को नीचे लाने को दबाव बनाने का प्रयास है. वहीं वोडाफोन ने बयान में कहा कि एक दूरसंचार सेवाप्रदाता द्वारा अन्य सेवाप्रदाताओं के नेटवर्क पर कॉल के लिए शुल्क लेने का फैसला जल्दबाजी में लिया गया है. इससे यह तथ्य भी सामने नहीं आता कि इंटरकनेक्ट आपरेटरों के बीच एक करार है और यह उपभोक्ता मूल्य का मामला नहीं है.

क्या है इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज (IUC) ?
इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज या IUC एक मोबाइल टेलिकॉम ऑपरेटर द्वारा दूसरे को भुगतान की जाने वाली रकम है. जब एक टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहक दूसरे ऑपरेटर के ग्राहकों को आउटगोइंग मोबाइल कॉल करते हैं तब IUC का भुगतान कॉल करने वाले ऑपरेटर को करना पड़ता है. दो अलग-अलग नेटवर्क के बीच ये कॉल मोबाइल ऑफ-नेट कॉल के रूप में जानी जाती हैं. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा IUC शुल्क निर्धारित किए जाते हैं और वर्तमान में यह 6 पैसे प्रति मिनट हैं.

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