
संवाददाता
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘भारत रत्न’ देने की मांग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने उठाई है. उन्होंने प्रस्ताव दिया कि पीएम मोदी को देश के प्रति उनके समर्पण और बिना शर्त सेवा के लिए भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए.
प्रदर्शनी में इकट्ठा हुए लोगों को संबोधित करते हुए पंजाब से राज्यसभा सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘करिश्माई लीडर’ कहा. उन्होंने कहा कि अगर जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी को भारत रत्न (Bharat Ratna) दिया जा सकता है तो पीएम मोदी, जिन्होंने 25 सालों में G20 और BRICS में भारत का नाम रोशन किया, देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न के हकदार हैं.
उन्होंने आगे कहा, “PM मोदी की 25 साल की पब्लिक सर्विस देश के प्रति प्रतिबद्धता की एक असाधारण यात्रा को दिखाती है.” सांसद ने ‘ड्रग-फ्री इंडिया’ का नारा देने के लिए पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की भी तारीफ की.
नेहरू को 1955 में भारत रत्न दिया गया था, जबकि इंदिरा गांधी को 1971 में मिला था. पिता-पुत्री की जोड़ी उस समय प्रधानमंत्री थे जब उन्हें यह अवॉर्ड मिला था. बता दें कि साहनी और आम आदमी पार्टी के छह अन्य राज्यसभा सांसदों ने अप्रैल में पाला बदल लिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे. आयोजकों ने कहा कि वर्ल्ड पंजाबी ऑर्गनाइजेशन द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी में मंजीत सिंह की 76 पेंटिंग दिखाई गई हैं, जो प्रधानमंत्री की 25 साल की सार्वजनिक सेवा को दिखाती हैं.
I firmly believe PM Shri @narendramodi Ji deserves the Bharat Ratna for his 25 years of unwavering dedication and unconditional service to Bharat.
Honoured to host ‘Mann Ki Baat’ – A Painting Exhibition, inaugurated by Hon’ble Home Minister Shri @AmitShah Ji, celebrating PM… pic.twitter.com/ySal94hqPm
— Vikramjit Singh MP (@vikramsahney) October 28, 2026
एक्स (X) पर एक मैसेज में शाह ने कहा, “आज, मैंने नई दिल्ली में वर्ल्ड पंजाबी ऑर्गनाइजेशन द्वारा आयोजित ‘मन की बात’ पर आधारित फोटो प्रदर्शनी में हिस्सा लिया.” उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा सार्वजनिक संवाद कार्यक्रम, मन की बात, सार्वजनिक भागीदारी के जरिए देश बनाने का एक जीता-जागता उदाहरण है.
उन्होंने कहा, “इसके जरिए मोदी ने देश के कोने-कोने में सुर्खियों से दूर काम कर रहे अनगिनत गुमनाम हीरो को पहचाना है और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, खादी और सफाई से लेकर पानी बचाने जैसे कई मुद्दों को बड़े आंदोलन में बदला है.”



