latest-newsदेश

अनंत सिंह समर्थित जनसुराज उम्मीदवार अनुज सिंह को जेडीयू के नीरज सिंह ने हराया

जीत के बाद जेडीयू से निष्काषित बाहुबली पर तंज - घर से निकलेंगे या नहीं, अब नया ठिकाना खोजें

संवाददाता

पटना। बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के चुनाव परिणाम में बड़े उलटफेर हुए हैं. पटना शिक्षक सीट पर आरजेडी ने बीजेपी का करीब तीन दशक पुराना दबदबा खत्म कर दिया है तो वही सबसे ज्यादा सुर्ख़ियों में रही पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जनता दल यूनाइटेड (JDU) के उम्मीदवार नीरज कुमार ने जीत दर्ज की है. यह सीट सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रही है क्योंकि उनके प्रतिद्वंद्वी जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह को मोकामा के विधायक अनंत सिंह का समर्थन प्राप्त था. इस सीट को लेकर अनंत सिंह और नीरज के बीच ठनी हुई थी. अनंत सिंह ने खुलकर अनुज सिंह को समर्थन दिया जिस करण जेडीयू ने अनंत सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से निष्काषित कर दिया.

नीरज सिंह ने मीडिया से बात करते हुए इस जीत का श्रेय नीतीश कुमार, निशांत कुमार, सम्राट चौधरी, उपेंद्र कुशवाहा, जीतन राम मांझी और चिराग पासवान को दिया है. उन्होंने कहा है कि अभी जीत का जश्न मनाना बाकी है. वहीं, उन्होंने अनंत सिंह को लेकर कहा, ‘जाने दीजिए… जैसी करनी, वैसी भरनी… घर से निकलेंगे या नही. वे अब नया ठिकाना खोजें.’

पटना स्नातक सीट पर हार के बाद क्या बोले अनंत सिंह?

पटना स्नातक सीट पर नीरज सिंह की जीत को लेकर अनंत सिंह ने कहा, ‘गिनती पूरी हो गई है और हम हार गए हैं. अब इसमें चर्चा करने के लिए क्या है? क्या हमने किसी दुकान से वोट खरीदे थे? क्या हमने उन्हें तौलकर खरीदा था? जनता ही सर्वोपरि है और ईश्वर उनके साथ हैं. जिन्हें जनता के वोट मिले, वे जीत गए और जिन्हें नहीं मिले, वे हार गए. वे जीत गए हैं और हम हार गए हैं. अब और क्या कहा जाए? मैं कभी भी पार्टी से नाराज नहीं रहा. मैं उन्हें (नीरज कुमार को) बधाई क्यों दूं और क्या ही कहूं… देखते हैं कि क्या उनका फोन आता है?’

मतगणना के दौरान नीरज सिंह ने कहा था, ‘मनुष्य को कभी दया का पात्र नहीं बनना चाहिए. ईर्ष्या का पात्र बनना चाहिए. मेरे पास धन बल नहीं है, मेरे पास बाहुबल नहीं है, मेरे पास जनबल और कार्यकर्ता बल है. मुझे मां कामाख्या, भगवती और बाबा परशुराम का आशीर्वाद मिला है. हम गांधी के पुजारी हैं. गांधी के हाथ में कुछ भी नहीं था और अंग्रेजों को इस देश से भगा दिया इसलिए गांधी के रास्ते पर चलिए सुख और दुख आते रहेगा. मूल्यांकन नहीं करने की जरूरत है.’

जश्न के लिए अनंत सिंह के घर पर बनाए रसगुल्ले

पटना स्नातक सीट पर जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह की जीत का अनंत सिंह को पूरा भरोसा था. उन्होंने नीरज कुमार का विरोध करते हुए अनुज सिंह के पक्ष में जमकर चुनाव प्रचार किया था. अनंत सिंह ने भरोसे पर अडिग रहते हुए अपने आवास पर कई कुंतल रसगुल्ले बनवाए. मतगणना शुरू होने के साथ ही उनके समर्थकों के बीच रसगुल्ले बांटे गए. नतीजे घोषित होने से पहले ही जीत के जश्न जैसी तस्वीरें सामने आईं, लेकिन पटना स्नातक सीट का रिजल्ट उनके पक्ष में नहीं गया और अनुज सिंह की हार हो गई.

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक मतभेद पुराने हैं. इस चुनाव में अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के अनुज सिंह का समर्थन किया, जिसकी वजह से पटना स्नातक सीट का मुकाबला दिलचस्प हो गया.

पटना शिक्षक सीट पर जीते RJD उम्मीदवार

पटना शिक्षक सीट पर RJD उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार ने नवल किशोर यादव को 1,057 वोटों से हराया. यह मुकाबला इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि नवल किशोर यादव पिछले करीब 30 साल से इस सीट पर जीत हासिल करते आ रहे थे. वहीं, स्नातक सीट पर जीत के बाद नीरज कुमार ने कहा कि यह धनबल और बाहुबल के खिलाफ कार्यकर्ताओं के नैतिक बल की जीत है. पटना शिक्षक निर्वाचन सीट पर मुख्य मुकाबला RJD और बीजेपी के प्रत्याशियों के बीच रहा. जबकि जनसुराज की प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति तीसरे स्थान पर रहीं. RJD प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार को 4487 वोट मिले जबकि बीजेपी के नवल किशोर यादव को 3430 वोट प्राप्त हुआ. जीत के बाद डॉ संजीव कुमार ने कहा, ‘बहुत कड़ा मुकाबला था, शिक्षकों के लिए उनके हित की लड़ाई आगे लड़ता रहूंगा.’

सारण शिक्षक सीट पर निर्दलीय राहुल राज जीते

बिहार की सारण शिक्षक सीट को लेकर चर्चा तेज थी. अब इस सीट पर नतीजे सामने आए गए हैं. सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज ने बाजी मार ली है. राहुल राज बीजेपी से बगावत करने के बाद निर्दलीय मैदान में उतरे थे और जीत भी हासिल कर ली है. इस सीट पर जनसुराज के अफाक अहमद और जेडीयू के पुष्कर आनंद को हार का सामना करना पड़ा है.

तिरहुत शिक्षक सीट से भाजपा उम्मीदवार नरेंद्र प्रसाद सिंह ने जीती

तिरहुत शिक्षक सीट से भाजपा उम्मीदवार नरेंद्र प्रसाद सिंह चुनाव जीत गए हैं. नरेंद्र प्रसाद सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी भूषण कुमार झा को 594 मतों के अंतर से हराया. बिहार में विधान परिषद 8 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को वोट डाले गए थे. इस चुनाव में कुल 150 उम्मीदवारों ने किस्मत आजमाया है. बीजेपी उम्मीदवार नरेंद्र प्रसाद सिंह 2945 वोट मिले हैं जबकि निर्दलीय प्रत्याशी भूषण कुमार झा को 2351 वोटों पर संतोष करना पड़ा. इस जीत के साथ विधान परिषद में सिंह की वापसी होगी. वह पिछले चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे थे, लेकिन इस बार वो पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरे हैं.

दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (बिहार विधान परिषद) के चुनाव में जन सुराज समर्थित उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय ने जीत दर्ज की है. उन्होंने कांग्रेस समर्थित डॉ. मदन मोहन झा को 324 वोटों के अंतर से हराया.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com