
संवाददाता
सुल्तानपुर। कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को MP/MLA कोर्ट ने मानहानि मामले में बरी कर दिया है. सोमवार को कोर्ट द्वारा फैसला सुनाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है. राहुल गांधी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप था.
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न: कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के MP/MLA कोर्ट से बाइज्जत बरी होने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है. 2018 में दर्ज इस मुकदमे में करीब 8 साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत का फैसला आया है.
राहुल गांधी के बरी होने की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई. समर्थकों ने ढोल-नगाड़े बजाकर जश्न मनाया और राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए. अदालत परिसर के बाहर ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया और राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए गए.

कोर्ट ने की अहम टिप्पणी: MP/MLA कोर्ट ने फैसले में तीन बिंदुओं पर राहुल गांधी को दोषी नहीं माना है. कोर्ट ने फैसले में यह भी कहा कि बड़े नेता के खिलाफ ऐसे मामले दायर करते समय सावधानी बरतनी चाहिए. ऐसे मामलों से कोर्ट का समय बर्बाद होता है. कोर्ट की यह टिप्पणी वादी और उनके पक्ष को यह सोचने पर मजबूर करेगा कि वह आगे कार्रवाई के लिए अपील करें या नहीं.
यूपी की प्रदेश अध्यक्ष क्या बोलीं: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को बरी किये जाने पर यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस को झूठ व बदनाम करने की भाजपा की एक और साजिश बेनकाब हो गई है. न्यायालय के इस निर्णय से आम जनता में विश्वास पुनः जागृत हुआ है.
2018 में दर्ज हुआ केस: कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर मानहानि का मामला अगस्त 2018 में दर्ज हुआ था. मई 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.
इससे आहत होकर सुल्तानपुर के तत्कालीन चेयरमैन सहकारी बैंक विजय मिश्रा ने परिवाद दर्ज करवाया था. दर्ज शिकायत के आधार पर अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को मुकदमे का सामना करने के लिए तलब किया था.
इसके बाद राहुल गांधी अदालत में पेश हुए, जहां उन्हें जमानत मिल गई थी. लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट ने 13 अक्टूबर को केस की सुनवाई पूरी कर ली थी और फैसला सुरक्षित रख लिया था. 26 अक्टूबर को राहुल को बाइज्जत बरी कर दिया गया.
काफिले की गाड़ियां टकराईं: राहुल गांधी का काफिला सोमवार सुबह लखनऊ से सुल्तानपुर के निकला था. पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे माइलस्टोन 91 के पास काफिले में चल रहीं 4-5 गाड़ियां और एंबुलेंस आपस में टकरा गईं. हादसे में राहुल गांधी पूरी तरह से सुरक्षित रहे और समय से सुल्तानपुर MP/MLA कोर्ट पहुंचे.
जानकारी के मुताबिक, सुल्तानपुर में बल्दीराय थाना क्षेत्र के 89.6Km पर राहुल गांधी के काफिले की एक गाड़ी टकराई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गाड़ी का बोनट डैमेज हुआ. वाहन में बैठे सभी लोग सुरक्षित हैं. मौके पर यूपीडा की टीम भी पहुंची थी.
लखनऊ एयरपोर्ट पर स्वागत: सांसद राहुल गांधी सोमवार को दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे. यहां यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा, प्रमोद तिवारी सहित कई नेताओं ने उनका स्वागत किया. नारेबाजी की गई. इसके बाद राहुल गांधी एयरपोर्ट से निजी वाहन से सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए.
राहुल गांधी का स्वागत उप्र कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा‘मोना’ के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा किया गया. एयरपोर्ट पर स्वागत करने वालों में प्रमुख रूप से राज्यसभा में उपनेता सांसद प्रमोद तिवारी, पूर्व सांसद पीएल पुनिया मौजूद रहे.
साथ हीं कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता वीरेंद्र चौधरी, सचिव-सहप्रभारी अब्दुल हन्नान, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवेंद्र निषाद, कोषाध्यक्ष शिव पांडेय, जिला कांग्रेस कमेटी लखनऊ के अध्यक्ष रूद्र दमन सिंह बबलू, शहर अध्यक्ष उत्तरी अमित श्रीवास्तव त्यागी सहित सैंकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन शामिल रहे.



