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जामिया में छात्रसंघ चुनाव का रास्ता साफ, संविधान मंजूर होने के 15 दिन बाद होगा मतदान; छात्रों का निलंबन भी वापस

जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन ने आदेश में कहा है कि इसके जारी होते ही विरोध प्रदर्शन तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए.

संवाददाता

नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार को छात्रसंघ का संविधान मंजूर होने के 15 दिन बाद चुनाव कराने का फैसला लिया गया है. साथ ही, प्रदर्शन के दौरान छात्रों को जारी किए गए निलंबन आदेश और कारण बताओ नोटिस वापस लेने का निर्णय भी लिया गया है. प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों की भूमिका की जांच के लिए समिति गठित करने की बात कही है. इन फैसलों के साथ प्रशासन ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से आंदोलन तत्काल समाप्त करने को कहा है.

जामिया के रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि छात्रसंघ का संविधान स्वीकृत होने के 15 दिन बाद चुनाव कराए जाएंगे. छात्र पिछले कई दिनों से छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग कर रहे थे. विश्वविद्यालय में करीब दो दशक से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं.

छात्रों के खिलाफ कार्रवाई वापस लेने का फैसला: विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रदर्शन की अवधि के दौरान छात्रों को जारी किए गए निलंबन आदेश और कारण बताओ नोटिस वापस लेने का निर्णय लिया है. इससे आंदोलन के दौरान अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना कर रहे छात्रों को राहत मिलेगी. छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार विरोध कर रहे थे. चुनाव की बहाली के साथ छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस लेना आंदोलन से जुड़े प्रमुख मुद्दों में शामिल था.

जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन
जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन

 

सुरक्षा कर्मचारियों की भूमिका की जांच करेगी समिति: प्रशासन ने विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों की ओर से की गई कार्रवाई की जांच के लिए एक समिति गठित करने का भी फैसला किया है. समिति यह जांच करेगी कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों ने क्या कार्रवाई की थी.

सार्वजनिक माफी और सोशल मीडिया पोस्ट हटाने की शर्त: आदेश में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की ओर से प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान दिए गए कथित मानहानिकारक बयानों, कार्रवाइयों और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सार्वजनिक माफी देने की बात भी की गई है. इसके अनुसार, छात्र प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सार्वजनिक माफी जारी करेंगे और संबंधित पोस्ट को सोशल मीडिया चैनलों से तत्काल हटाएंगे. प्रशासन ने कहा है कि इस शर्त के पालन की निगरानी की जाएगी.

विश्वविद्यालय प्रशासन ने आदेश में कहा है कि इसके जारी होते ही विरोध प्रदर्शन तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए. इस तरह प्रशासन ने चुनाव, छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और सुरक्षा कर्मचारियों की भूमिका की जांच से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लिया है.

 

 

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