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अभिजीत दीपके का ऐलान: तिरंगा फहराएंगे, जेल जाना पड़ा तो भी तैयार

सेंट्रल पार्क दाे दिन के लिए बंद होने पर सरकार पर बोला हमला

21 रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन, राजीव चौक से जंतर-मंतर तक कड़ी सुरक्षा


संवाददाता

नई दिल्ली। कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 16 अक्टूबर को तिरंगा फहराने के आह्वान के बीच पार्क को बंद किए जाने व दिल्ली पुलिस की ओर से लगाई गई पाबंदियों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार और पुलिस पर तीखा हमला बोला है. बृहस्पतिवार देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिजीत दीपक ने साफ शब्दों में कहा कि अगर देश में तिरंगा फहराने के लिए जेल भी जाना पड़े तो वह इसके लिए तैयार हैं.  कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क 16 व 17 अक्टूबर को आम लोगों के लिए बंद रहेगा. पार्क के आसपास बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया गया है. पुलिस ने लोगों से प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने और भीड़ जुटाने से बचने की अपील की है. पुलिस के मुताबिक नियमों का पालन करते हुए सीमित संख्या में लोगों को निर्धारित स्थान पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने व राष्ट्रगान की अनुमति दी जा सकती है.

उन्होंने कहा कि वह और उनके साथी 16 अक्टूबर को शांतिपूर्ण तरीके से नागरिक के तौर पर तिरंगा फहराने जाएंगे. अभिजीत दीपके ने कहा की “इस देश में तिरंगा लहराने के लिए जेल जाना पड़ेगा तो हम उसके लिए तैयार हैं. क्या मजाक लगा रखा है आपने देश में?” उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब भारत में तिरंगा फहराना भी अपराध हो गया है. उन्होंने कहा कि यदि तिरंगा फहराने पर जेल भेजा जाता है तो भी वह पीछे नहीं हटेंगे.

दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 16 अक्टूबर को ‘पहरा दो तिरंगा’ अभियान के तहत तिरंगा फहराने का आह्वान किया गया है. इसके बाद 16 व 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क को बंद किए जाने और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने को लेकर अभिजीत दीपक ने प्रशासन पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब संगठन ने सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने की बात कही तो पार्क ही बंद कर दिया गया.

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‘100 जगह तिरंगा फहराने की बात कहेंगे तो क्या सभी जगह बंद करोगे?’

अभिजीत दीपक ने सरकार व पुलिस से सवाल करते हुए कहा कि अगर उनकी पार्टी कल 100 जगह तिरंगा फहराने की घोषणा कर दे तो क्या प्रशासन उन सभी 100 जगहों को बंद कर देगा. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर उनकी पार्टी किसी रैली में तिरंगा लेकर जाने की अपील करे तो क्या रैली भी रद्द कर दी जाएगी. उन्होंने कहा कि प्रशासन को आखिर तिरंगा फहराने से इतना डर क्यों लग रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के सदस्यों के पीछे बड़ी संख्या में पुलिस बल लगाया जा रहा है और जिन स्थानों पर वे आंदोलन करना चाहते हैं, वहां प्रशासन पाबंदियां लगा रहा है.

‘तिरंगा किसी की निजी संपत्ति नहीं’ प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस की ओर से कथित तौर पर 11 लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति दिए जाने के सवाल पर भी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस यह कैसे तय कर सकती है कि कौन राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकता है और कौन नहीं. उन्होंने सवाल किया कि क्या अब देश में तिरंगा फहराने के लिए भी पुलिस से अनुमति लेनी पड़ेगी. दीपके ने कहा कि तिरंगा किसी व्यक्ति या संगठन की संपत्ति नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक की शान है.

सौरभ और आशुतोष की गिरफ्तारी पर भी सवाल

अभिजीत दीपके ने सौरभ और आशु की गिरफ्तारी का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने दावा किया कि दोनों का अपराध सिर्फ इतना था कि उन्होंने तिरंगा फहराया था. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस कार्रवाई को अदालत में चुनौती देगी. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले दोनों को हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तारी की गई. उनके मुताबिक इस पूरी कार्रवाई को कानूनी रूप से चुनौती दी जाएगी. जरूरत पड़ने पर मामला उच्च न्यायालय तक ले जाया जाएगा.

‘हम गांधी और आंबेडकर के अनुयायी हैं, हिंसा नहीं करेंगे’

अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों में विश्वास करती है. उन्होंने कहा कि 16 अक्टूबर का कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहेगा और वे नागरिक के रूप में तिरंगा फहराएंगे. उन्होंने दावा किया कि उनकी ओर से किसी तरह की हिंसा या असंवैधानिक गतिविधि नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि यदि शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा फहराने के लिए जेल जाना पड़ता है तो वे जेल जाने के लिए भी तैयार हैं. उनके मुताबिक उनका उद्देश्य सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि जवाबदेही की मांग करना है.

अभिजीत दीपके ने चुनाव आयोग को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाकर स्वतंत्र व निष्पक्ष तरीके से नए चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की मांग दोहराई. उन्होंने ये भी कहा कि उनकी पार्टी सरकार गिराने या सत्ता परिवर्तन की मांग नहीं कर रही, बल्कि चुनाव आयोग में जवाबदेही और निष्पक्षता चाहती है.

 कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से शुक्रवार को प्रस्तावित “लहरा दो तिरंगा” यात्रा को लेकर नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. दिल्ली पुलिस ने यात्रा की अनुमति नहीं दी है. इसके साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू है. इसके तहत बिना अनुमति प्रदर्शन, मार्च या भीड़ जुटाने पर रोक है.

लहरा दो तिरंगा यात्रा के मद्देनजर कनॉट प्लेस, राजीव चौक, जंतर-मंतर, संसद मार्ग व पालिका बाजार समेत लुटियंस दिल्ली के कई हिस्सों में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. अधिकारियों के मुताबिक तीन शिफ्टों में 11 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं.

कनॉट प्लेस से जंतर-मंतर तक सुरक्षा घेरा

सुरक्षा व्यवस्था में दिल्ली पुलिस के 6 हजार से अधिक जवानों के अतिरिक्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की करीब 220 कंपनियां व रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ियां शामिल हैं. पड़ोसी जिलों से करीब 5 हजार अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को रिजर्व में रखा गया है. कनॉट प्लेस व राजीव चौक के आसपास बैरिकेडिंग बढ़ाई गई है. इसके साथ ही प्रमुख स्थानों पर दंगा नियंत्रण व वज्र वाहन तैनात किए गए हैं. ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी इलाके की निगरानी की जा रही है.

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