
PM के जन्मदिन की तैयारियों पर होनी थी चर्चा, आपस में ही भिड़ गए मेयर-पार्षद
संवाददाता
गाजियाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के कार्यक्रमों की तैयारी को लेकर मंगलवार को बुलाई गई नगर निगम की बैठक में सत्तारूढ़ भाजपा का अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ गया। एक ही दल से चुनी गई महापौर और पार्षदों के बीच तीखी बहस के बाद जमकर हंगामा हुआ। विवाद बढ़ने पर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए।
बैठक में कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त होने और पार्षदों के सम्मान के मुद्दे पर बहस छिड़ी थी। हंगामा उस समय और बढ़ गया, जब भाजपा महापौर सुनीता दयाल ने पार्षद राजीव शर्मा और कार्यकारिणी उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी को बैठक से बाहर करने की बात कह दी। इस पर बैठक में मौजूद अन्य पार्षद भी भड़क गए और माहौल गरमा गया।
सके बाद भाजपा पार्षद और कार्यकारिणी के पूर्व उपाध्यक्ष राजीव शर्मा ने महापौर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। नामित पार्षद सुनील यादव ने अधिकारियों पर नियम विरुद्ध सुविधाएं लेने का आरोप लगाया। इस पर नगर आयुक्त ने एतराज जताया। इस मुद्दे को लेकर भी बैठक में काफी देर तक माहौल गर्म रहा।
राजीव शर्मा ने दावा किया कि महापौर ने हाल ही में सरकारी पैसे से इनोवा क्रिस्टा कार खरीदी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार को एक्सप्रेस-वे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाया जा रहा है और इसके कई ओवरस्पीडिंग चालान भी कट चुके हैं। शर्मा ने पूरे मामले की शिकायत भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से करने की बात कही है।
महापौर को बाहर करने का अधिकार नहीं
महापौर को शायद अपने अधिकारों की जानकारी नहीं है। वह किसी पर भी कोई प्रतिबंध नहीं लगा सकतीं। नगर निगम में जो कार्य हो रहे हैं, उनके बारे में सबको पता है। कार्यकारिणी के छह सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो चुका है। अब कोई भी निर्णय नहीं लिया जा सकता। इसके बावजूद सारे काम नियम विरुद्ध कराए जा रहे हैं। जांच हुई तो सारी हकीकत सामने होगी। पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
नगर निगम उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने कहा कि महापौर सुनीता दयाल कांग्रेस व सपा के पार्षदों के कहने पर पूरा सदन चला रही हैं। उनके कहने पर मेरा सदन मेें अपमान किया जा रहा है। जब से मैं निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष चुना गया हूं तब से आज तक महापौर मेरा अपमान कर रही हैं। जो निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष को जगह व सम्मान देना चाहिए वह महापौर नहीं दे रही है। जिसकी शिकायत पूर्व में संगठन मंत्री और महानगर अध्यक्ष को पत्र के माध्यम से शिकायत दे चुका हूं। उन्होंने कहा कल सेवा संकल्प अभियान के चर्चा के बाद हमने शहर के विकास को लेकर कार्यकारिणी बैठक कराने की बात कही। महापौर को यह बात अच्छी नहीं लगी और शहर के विकास पर चर्चा ना करते हुए बैठक में महापौर ने दूसरा रूप देना शुरू कर दिया है। पहले कार्यकारिणी चुनाव में महापौर सुनीता दयाल ने भाजपा के महानगर अध्यक्ष के साथ जो व्यवहार किया था वह पूरा शहर और संगठन जानता है।
महापौर सुनीता दयाल भाजपा संगठन व भाजपा के चुने गए पार्षदों का अपमान करने का काम करती रहती हैं। इस संबंध में संगठन मंत्री से शिकायत की जाएगी। प्रवीण चौधरी ने कहा कि निगम के प्रति शहर में कैसा माहौल है संगठन चाहे तो सभी जनप्रतिनिधियों एवं पार्षदों से विशेष दूत भेजकर जानकारी कर सकता है और गोपनीय जांच करा सकता है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि जब हाउस टैक्स को लेकर बोर्ड बैठक में जनप्रतिनिधि शामिल हुए थे उनके साथ कैसा व्यवहार हुआ था वो भी जगजाहिर है।



