
संवाददाता
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देश को 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने का वादा किया है. पीएम मोदी अपने भाषण में वैसे तो आर्थिक विकास के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कई क्षेत्रों में आगे जाने का जिक्र लिया है, लेकिन ‘शक्ति की सप्तधारा’ पर प्रमुख जोर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विकास के लिए शक्ति की सप्तधारा का विजन सामने रखा है. उन्होंने कहा कि आने वाले 5 से 7 साल में वह काम किया जा सकता है, जो पिछले 5 से 7 दशकों में नहीं हुआ. इसके लिए भारत को अपनी सात प्रमुख ताकतों पर तेजी से काम करना होगा.
76 मिनट के भाषण में पीएम मोदी ने बताया 2047 के भारत का विजन, बच्चों से मुलाकात की
भारत अपनी स्वतंत्रता के 80 साल पूरे होने के अवसर पर जश्न मना रहा है. 1947 में मिली आजादी के बाद से हर साल देश का मुख्य समारोह लाल किले पर होता है. आज पीएम मोदी ने लाल किले पर ध्वजारोहण करने के बाद परेड की सलामी ली. प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से 13वीं बार देशवासियों को संबोधित किया. प्रधानमंत्री का संबोधन करीब 76 मिनट तक चला. इसमें उन्होंने उनकी सरकार में देश में हुई प्रगति का जिक्र किया.
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पहली शक्ति- मैन्युफैक्चरिंग
पीएम मोदी ने कहा कि देश को मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ना होगा. सिर्फ बड़ी चीजें बनाने पर ध्यान नहीं देना है, बल्कि छोटे-छोटे पुर्जे और कंपोनेंट भी देश में तैयार करने होंगे. उनका लक्ष्य कंपोनेंट से लेकर पूरी मशीन और उत्पाद बनाने तक का है. उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों को ग्लोबल मार्केट में अपनी पहचान गुणवत्ता और भरोसे के साथ बनानी होगी. क्वालिटी से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए.
दूसरी शक्ति- किसान और फूड प्रोसेसिंग
पीएम मोदी ने ‘सप्तधारा’ की दूसरी शक्ति के तौर पर किसान और फूड प्रोडक्शन-प्रोसेसिंग को बताया. उन्होंने कहा कि भारत के मसाले, फल, फूल और दूसरे खाद्य उत्पादों को दुनिया के बाजार तक पहुंचाना होगा. भारत को सिर्फ कृषि उत्पाद बेचने के बजाय उनकी प्रोसेसिंग करके ज्यादा वैल्यू वाला सामान तैयार करने पर भी ध्यान देना होगा.

तीसरी शक्ति- टेक्नोलॉजी और इनोवेशन
तीसरी शक्ति टेक्नोलॉजी और इनोवेशन है. पीएम मोदी ने कहा कि आज का दौर डेटा सेंटर, AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी का है. नई और उभरती तकनीकें भारत के सामने नई चुनौतियां और अवसर दोनों लेकर आ रही हैं. उन्होंने कहा कि भारत को इनोवेशन का ग्लोबल हब बनना चाहिए. साथ ही देश की डिजिटल पब्लिक टेक्नोलॉजी को दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंचाने की दिशा में भी काम करना होगा.
चौथी शक्ति- गति शक्ति और कनेक्टिविटी
चौथी शक्ति गति शक्ति है. पीएम मोदी ने देश में तेज और बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि शहरों को मेट्रो से जोड़ने, पोर्ट और लैंड कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और पूरे देश में सामान और लोगों की आवाजाही आसान करने की जरूरत है.
पांचवीं शक्ति- रक्षा और साइबर सुरक्षा

पांचवीं शक्ति रक्षा शक्ति है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत का डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर बनना देश के साथ-साथ दुनिया ने भी देखा है. उन्होंने साइबर सुरक्षा को भी रक्षा का अहम हिस्सा बताया. उनका कहना है कि साइबर सुरक्षा आज हर घर और हर व्यक्ति के लिए चुनौती बन रही है. इस क्षेत्र में युवाओं की क्षमता का इस्तेमाल किया जा सकता है.
छठी शक्ति- ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी
छठी शक्ति ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी है. पीएम मोदी ने ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन मोबिलिटी और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग को बड़े स्तर पर बढ़ाने की बात कही. उन्होंने कहा कि भारत पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान देने की क्षमता रखता है. ब्लू इकोनॉमी के लिए भारत की लंबी समुद्री सीमा भी बड़ी ताकत है. इसमें फिशरीज, कोस्टल टूरिज्म और समुद्री तकनीक जैसे क्षेत्रों में काफी संभावनाएं हैं.

सातवीं शक्ति- भारत की सॉफ्ट पावर
सातवीं और आखिरी शक्ति भारत की सॉफ्ट पावर है. पीएम मोदी ने कहा कि योग ने दुनिया के करोड़ों लोगों को भारत से जोड़ा है. इसके अलावा आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थकेयर, आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन, हैंडीक्राफ्ट, भारतीय संस्कृति, फिल्म, गेमिंग, VFX, एनीमेशन और डिजिटल कंटेंट में भी भारत की बड़ी क्षमता है.
पीएम मोदी ने कहा कि इन क्षेत्रों को ग्लोबल स्तर पर विकसित करके भारत अपनी अलग पहचान और मजबूत कर सकता है. उन्होंने कहा कि दुनिया भारत के वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (WAVES) जैसे आयोजनों का इंतजार कर रही है.
1 करोड़ युवाओं को मिलेगी AI ट्रेनिंग और फ्री कोचिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं के लिए दो बड़े ऐलान किए हैं. लालकिले की प्राचीर से पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके साथ ही अलग-अलग परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था शुरू करने की बात कही गई है. पीएम मोदी ने कहा कि कोचिंग की बढ़ती लागत गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर बड़ा बोझ बन गई है.
‘दिमागी नक्सली मौके की तलाश में हैं, इन्हें पहचानकर अलग-थलग करना होगा’; पीएम मोदी ने दी चेतावनी

राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि समाज में हिंसा और अराजकता को बढ़ावा देने वाली मानसिकता के खिलाफ सतर्क रहने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि कुछ लोग समाज को गलत दिशा में ले जाने के लिए तरह-तरह के दांव चल रहे हैं और ऐसे तत्वों को पहचानना जरूरी है.
पीएम मोदी ने कहा कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवा पीढ़ी को सकारात्मक सोच और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना होगा. उन्होंने युवाओं से हिंसा और अराजकता के रास्ते से दूर रहकर विकास, एकता और रचनात्मक कार्यों में योगदान देने की अपील की.
उन्होंने कहा कि समाज को बांटने या गलत राह पर धकेलने वाली मानसिकता के खिलाफ जागरूकता जरूरी है. देश की प्रगति के लिए युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देना और उन्हें विकास की यात्रा से जोड़ना महत्वपूर्ण है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह मुद्दा उठाया कि लंबे समय तक माओवादी सोच रखने वाले लोग सत्ता के प्रभावशाली केंद्रों में अपनी पैठ बनाए रहे. विभिन्न सरकारी समितियों में सलाहकारों की भूमिका निभाते हुए इस विचारधारा ने देश की राष्ट्रीय नीतियों और निर्णयों को भी प्रभावित किया.

जंगलों में सशस्त्र नक्सलवाद का अंत
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि सरकार जंगलों में सक्रिय बंदूकधारी नक्सली नेटवर्क को ध्वस्त करने और देश को इस गंभीर सुरक्षा संकट से बाहर निकालने में सफल रही है. अग्रिम मोर्चों पर की गई सख्त कार्रवाइयों के कारण हथियारबंद नक्सलियों की ताकत अब लगभग खत्म हो चुकी है.
सशस्त्र विद्रोह के कमजोर पड़ने के बावजूद प्रधानमंत्री ने आगाह किया कि ‘वैचारिक या दिमागी नक्सली’ अब भी मौजूद हैं. ऐसी मानसिकता वाले तत्व लगातार मौके की तलाश में रहते हैं और समाज में असंतोष, अशांति तथा हिंसा का माहौल बनाने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं.

पहचान, अलगाव और युवाओं की मुख्यधारा में भागीदारी
प्रधानमंत्री ने राष्ट्र से आह्वान किया कि समाज को भ्रमित करने वाले इन ‘वैचारिक नक्सलियों’ की समय रहते पहचान की जाए और उन्हें पूरी तरह से अलग-थलग किया जाए.

देश की युवा शक्ति को ऐसे बहकावों से बचाकर ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प और मुख्यधारा के विकास प्रयासों से जोड़ा जाए.



