
संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) तेजिंदर सिंह संधु ने मंगलवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्राधिकरण के सदस्यों, दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव, डीडीए के उपाध्यक्ष और संबंधित विभागों तथा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
इस बैठक में दिल्ली के नए मास्टर प्लान 2047 को आगे की प्रक्रिया के लिए मंजूरी दी गई। यह योजना दिल्ली के दीर्घकालिक विजन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत@2047’ मिशन के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
बैठक में टिकाऊ और समावेशी शहरी विकास के रोडमैप पर चर्चा हुई। इसमें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, ईज ऑफ लिविंग तथा स्वच्छ और हरित राजधानी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। एलजी ने कहा कि दिल्ली को विकसित दिल्ली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। उपराज्यपाल कार्यालय ने इस बैठक को विश्वस्तरीय विकसित दिल्ली के निर्माण की दिशा में विचारों के सार्थक आदान-प्रदान वाला बताया।

बैठक में एलजी ने लिए कई अहम फैसले
इस मास्टर प्लान का उद्देश्य दिल्ली के आगामी विकास और शहरी नियोजन को दिशा देना है। बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जो राजधानी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे। पुराने डीडीए आवासों के पुनर्विकास की नीति को भी मंजूरी मिली है। इससे दिल्ली के पुराने आवासीय क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
नरेला में मेट्रो डिपो के लिए जमीन उपयोग बदलेगा
नरेला में एक मेट्रो डिपो के निर्माण के लिए जमीन के उपयोग में बदलाव किया जाएगा। यह बदलाव मेट्रो कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में सहायक होगा। मास्टर प्लान-2047 दिल्ली को एक आधुनिक और टिकाऊ महानगर बनाने की परिकल्पना करता है। इसमें हरित क्षेत्रों के विकास और प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया गया है। योजना में जल प्रबंधन और अपशिष्ट निपटान के लिए भी प्रावधान हैं।



