
संवाददाता
नई दिल्ली । स्वतंत्रता दिवस के मद्देनज़र राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार स्थित वी3एस मॉल में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति या संभावित आतंकी खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों को परखना था।

मॉक ड्रिल के दौरान एनएसजी कमांडो और दिल्ली पुलिस की टीमों ने विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्यवाही करते हुए, लोगों को सुरक्षित निकालने, संदिग्ध आतंकवादियों पर कार्रवाई और समन्वय स्थापित करने का अभ्यास किया। सुरक्षा बलों ने मॉल परिसर के भीतर और आसपास कई रणनीतिक बिंदुओं पर ऑपरेशन चलाकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

अभ्यास के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। मॉल में आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी गई और सुरक्षा एजेंसियों ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी वास्तविक आपात स्थिति में कम से कम समय में प्रभावी कार्रवाई की जा सके। इस दौरान स्थानीय प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों ने भी समन्वय बनाए रखा।
स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली में प्रमुख सरकारी भवनों, बाजारों, मेट्रो स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही बढ़ा दी गई है। ऐसे मॉक ड्रिल का उद्देश्य सुरक्षा बलों की सतर्कता बढ़ाना, आपसी तालमेल को मजबूत करना और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयारियों को और बेहतर बनाना है। सुरक्षा एजेंसियों ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और सुरक्षा जांच में पूरा सहयोग करें। आजादी की सालगिरह से पहले मॉक ड्रिल का मकसद था ये परखना कि किसी भी आतंकी हमले या भीड वाले स्थान पर लोगों को बंधक बनाने के दौरान सुरक्षा एजेंसी कितनी तत्परता और सफलता पूर्वक आतंकवादियों से मुकाबला करती हैं।

दिल्ली पुलिस और एनएसजी की मॉक ड्रिल शुक्रवार रात करीब 9.10 बजे शुरू हुई। वी3एस मॉल के परिसर में धमाका होते ही मॉल की सिक्यूरिटी के इंचार्ज संजीच बालियान ने 112 नंबर पर पीसीआर को सूचना देते हुए मॉल में आतंकवादियों के घुसने की सूचना से अवगत कराया। सूचना मिलने के बाद स्पेशल सेल के एसीपी कैलाश बिष्ट अपनी टीम के साथ वहां पहुंचने वाले पहले अधिकारी थे। उसके बाद स्थानीय थाना प्रीत विहार के एसीपी अशोक कुमार, प्रीत विहार एसएचओ सुबोध सोलंकी, इंस्पेक्टर लॉ एंड आर्डर रणबीर सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। जानकारी मिलते ही पूर्वी जिले के डीसीपी राजीव कुमार ने एडीशनल डीसीपी सृष्टि पांडे के नेतृत्व में पुलिस की एक टुकडी को वी3एस मॉल में भेज दिया। इलाके की पीसीआर और ट्रैफिक पुलिस ने भी पहुंचकर मॉल के आसपास भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने का काम शुरू कर दिया। दिल्ली पुलिस को विशेष कमांडो दस्ता स्वॉट टीम भी मौके पर पहुंच गया।

दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों के साथ क्राइम टीम, , क्राइम ब्रांच,, डॉग स्क्वाड, बम स्क्वाड, दमकल विभाग, कैट एंबुलेंस के कर्मचारी शामिल सूचना मिलने के बाद मौके पर आ गए।
दिल्ली पुलिस की हर यूनिट ने मौके पर पहुंचकर डीडीएमए, दमकल विभाग, कैट आदि के साथ सन्वय बनाकर सबसे पहले मॉल के आसपास को इलाका खाली कराया और उसके बाद संदिग्ध आतंकवादियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। लेकिन मॉल में छिपे आतंकवादियों की संख्या और उनकी लोकेशन मिलने में आ रही परेशानी के कारण दिल्ली पुलिस ने नेशनल सिक्यूरिटी गार्ड यानि एनएसजी की मदद मांगी। जिसके बाद एनएसजी कमाडेंट अभिजीत व मनीष कुमार के नेतृत्व में करीब 100 एनएसजी कमांडो सडक मार्ग से होकर रात 11 बजे वी3एस मॉल पहुंचे। इसके बाद शुरू हुआ पुलिस व एनएसजी को संयुक्त रेस्कयू ऑपरेशन। पहले आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया, एक सुरक्षात्मक घेरा बनाया गया।
एनएसजी के कमांडो न स्वॉट टीम और स्पेशल सेल टीमों के साथ जान पर खेलते हुए मॉल के भीतर प्रवेश किया और ताबड़तोड़ धमाकों के बीच आतंकवादियों को ढेर कर मॉल के भीतर बंधक बने सभी लोगों को सकुशल मुक्त करा लिया। तड़के करीब ढाई बजे तक दिल्ली पुलिस व एनएसजी ने मॉल के चप्पे– चप्पे को अपने कब्जे में लेकर यह ऑपरेशन पूरा कर लिया। रात को वक्त था और मॉल की अधिकांश दुकानें बंद हो चुकी थी। आम लोगों से भी मॉल खाली हो चुका था इसलिए कोई बड़़ा हडकंप नहीं मचा। ये मॉक ड्रिल इतने रोमांचकारी ढंग से की गई थी कि एसएसजी व दिल्ली पुलिस की दिलेरी देख कोई भी दांतो तले अंगुली दबा लेता। मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस और एनएसजी का तो समन्वय बेहतरीन दिखा ही साथ ही उनके साथ जुड़ी अन्य एजेंसियों दमकल, कैट एंबुलेंस और डीडीएमए कर्मचारियों का भी बेहरीन तालमेल देखने को मिला।



