
संवाददाता
लखनऊ । योगी सरकार ने विधानसभा में अनुपूरक बजट 2026-27 पेश करते हुए राजस्व विभाग और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। सरकार ने राजस्व विभाग के लिए अनुपूरक बजट में 1,014.11 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया है। इसके अंतर्गत राज्य आपदा मोचक निधि (एसडीएमएफ) के लिए 739 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
अनुपूरक बजट में संभल जनपद के मुख्यालय बहजोई में नवीन इंटीग्रेटेड कलेक्ट्रेट-कम-अनावासी भवन के निर्माण के लिए भी धनराशि का प्रावधान किया गया है। वहीं, वाराणसी में नवीन इंटीग्रेटेड कलेक्ट्रेट के अनावासी भवन के लिए 140.65 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इससे जिलों में प्रशासनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और सरकारी कामकाज को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
इंटीग्रेटेड आवासों के लिए व्यवस्था
सरकार ने संभल के बहजोई में इंटीग्रेटेड आवासों के निर्माण के साथ प्रदेश के मंडल, जनपद और तहसील स्तर पर आवासीय भवनों के नवनिर्माण, विस्तार, पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण पर भी जोर दिया है। इसके लिए 85 करोड़ रुपये की एकमुश्त बजट व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। इस राशि का उपयोग आवश्यकतानुसार भूमि क्रय सहित विभिन्न कार्यों में किया जाएगा।
कर्मचारियों को बेहतर कार्यस्थल, लोगों को सेवाओं का लाभ
इस बजट से राजस्व प्रशासन का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। संभल के बहजोई और वाराणसी में नए इंटीग्रेटेड कलेक्ट्रेट भवन बनने से अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्यस्थल मिल सकेगा व लोगों को भी सरकारी सेवाओं के लिए अधिक सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। मंडल, जनपद और तहसील स्तर पर आवासीय भवनों के निर्माण, विस्तार और सुदृढ़ीकरण से कर्मचारियों की आवासीय सुविधा बेहतर होगी। भूमि खरीद के लिए बजट मिलने से जरूरी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं, एसडीएमएफ के लिए 739 करोड़ रुपये की व्यवस्था से आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों के लिए सरकार की क्षमता मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के सामाजिक एवं शैक्षिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए अनुपूरक बजट में समाज कल्याण विभाग के लिए 1,655 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है। सरकार का उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और प्रभावी बनाते हुए जरूरतमंदों तक समयबद्ध लाभ पहुंचाना है। मंगलवार को सदन में पेश हुए अनुपूरक बजट 2026-27 में सबसे बड़ा प्रावधान राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए किया गया है। इसमें 1,500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिससे पात्र बुजुर्गों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और उनकी सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
डॉ. बी.आर. आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के लिए 407 करोड़ रुपये
योगी सरकार ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की स्मृतियों के संरक्षण और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डॉ. बी.आर. अंबेडकर मूर्ति विकास योजना के लिए 407 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सामान्य वर्ग दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति एवं छात्रवृत्ति योजना के लिए 155 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री मेधावी अनुसूचित जाति एवं जनजाति उच्च शिक्षा सहायता योजना के लिए 2 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इन प्रावधानों से एक ओर बुजुर्गों को आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं दूसरी ओर आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने में सहायता मिलेगी। सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और समावेशी विकास पर केंद्रित ये प्रावधान योगी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को और मजबूती देने वाले माने जा रहे हैं।
अनुपूरक बजट से सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और समावेशी विकास को मिलेगी गति
अनुपूरक बजट में किए गए इन अतिरिक्त प्रावधानों से प्रदेश की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध होने से पात्र लाभार्थियों को समय पर सहायता मिलेगी। वहीं छात्रवृत्ति एवं उच्च शिक्षा सहायता योजनाओं के लिए बढ़ाए गए बजट से आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों की पढ़ाई को निरंतर समर्थन मिलेगा। डॉ. भीमराव आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के लिए किए गए प्रावधान से सामाजिक समरसता और महापुरुषों की विरासत के संरक्षण से जुड़े कार्यों को भी गति मिलेगी। कुल मिलाकर अनुपूरक बजट 2026-27 सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और समावेशी विकास की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को नई मजबूती प्रदान करेगा।



