
संवाददाता
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के जगतपुरी थाना क्षेत्र में हुए हत्याकांड का पुलिस ने कुछ ही समय में पर्दाफाश कर दिया है. पुलिस के मुताबिक संपत्ति विवाद में अंधे होकर आरोपी ने पत्नी की निर्मम हत्या कर दी. आरोपी पति कमल सिंह को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मथुरा रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया है.
पूर्वी रेंज के संयुक्त आयुक्त पुलिस अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि यह मामला पुलिस की बेहतरीन कार्यशैली, साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशन, प्रोफेशनल अप्रोच व टेक्निकल सर्विलांस का एक मिसाल बना है.
क्या था पूरा मामला?
घटना 30 जुलाई की है, जब पुलिस को गौरव नाम के एक युवक का फोन आया. उसने बेहद घबराए हुए लहजे में बताया कि उसके पिता ने उसकी मां की हत्या कर दी है. सूचना मिलते ही जगतपुरी थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची. मौके पर जगतपुरी स्थित दूसरी मंजिल के मकान में 50 वर्षीय महिला का शव सोफे पर पड़ा मिला. उनके गले पर धारदार हथियार से वार के गहरे निशान थे. पुलिस ने तुरंत शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी.
हॉलीवुड फिल्म से प्रेरित होकर रची थी साजिश
संयुक्त पुलिस आयुक्त अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि आरोपी कमल सिंह पहले आईटी क्षेत्र में बतौर इंजीनियर काम कर चुका है. वह पढ़ा-लिखा है. उसका बेटा गौरव MBBS की पढ़ाई पूरी कर PG की तैयारी कर रहा है, जबकि बेटी भी शिक्षित है और लैंग्वेज पढ़ाती है. मृतका कोमल सिंह भी शिक्षित थीं और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थीं.
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी कमल ने इस हत्या की साजिश पूरी योजना के साथ रची थी. आरोपी ने एक हॉलीवुड मूवी देखने के बाद ये वारदात रची.
गुमराह करने की कोशिश
पुलिस को भ्रमित करने के लिए आरोपी ने मृतका के हाथ में एक कैंची रख दी थी, जिससे यह आत्महत्या या हाथापाई लगे.
कहां मिला असली हथियार
असल में आरोपी हरिनगर से एक नुकीला हथियार खरीद कर लाया था. उसने हथियार को छिपा कर रखा था. इसी हथियार से उसने वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर यह हथियार बरामद कर लिया है.
हत्या की मुख्य वजह, संपत्ति विवाद बताया जा रहा
पूछताछ व स्थानीय जांच से पता चला कि घर में लंबे समय से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था. जगतपुरी के जिस मकान में वे रह रहे थे, वह उनके दादा जी के नाम का था और पति-पत्नी दोनों के संयुक्त नाम पर था. आरोपी के पिता ने एक नई संपत्ति खरीदी थी. आरोपी कमल सिंह चाहता था कि वह पूरी संपत्ति अकेले उसके नाम पर हो, जबकि उसके पिता का कहना था कि संपत्ति पति व पत्नी (कमल और कोमल) दोनों के संयुक्त नाम पर ही होगी. इसी बात को लेकर घर में आए दिन झगड़े होते थे. घटना वाले दिन सुबह भी दोनों बच्चों के सामने पति-पत्नी में प्रॉपर्टी को लेकर भारी विवाद हुआ था.
वारदात के बाद का घटनाक्रम व भागने का प्लान
पुलिस के मुताबिक हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी कमल सिंह तुरंत घर से फरार हो गया. उसने अपने बैंक खाते से 7 लाख रुपये निकाले और क्रेडिट कार्ड को भी टॉप-अप किया. आरोपी का इरादा गोरखपुर के रास्ते नेपाल भागने का था. उसने आनंद विहार बस अड्डे से गोरखपुर की बस पकड़ी (2400 रुपये का टिकट लिया). रास्ते में जब बस एक ढाबे पर रुकी, तो उसने अपनी लोकेशन व रूट डायवर्ट करने के लिए आगरा में बस छोड़ दी. वहां से उसने TSR लिया और मथुरा आ गया. उसने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया था.
पुलिस का एक्शन व गिरफ्तारी
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए DCP शाहदरा की देखरेख में, ACP और SHO सुरेंद्र शर्मा (जगतपुरी) की अगुवाई में स्पेशल स्टाफ व थाने की पुलिस को मिलाकर 10 से अधिक विशेष टीमों का गठन किया गया. पुलिस ने आरोपी के भागने के पूरे रास्ते के सैकड़ों CCTV कैमरों की जांच की. रास्ते में लावारिस हालत में पड़ी उसकी स्कूटी बरामद की गई. आरोपी द्वारा बैंक से पैसे निकालने. क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन की टेक्निकल ट्रैकिंग से पुलिस को उसके रूट का सटीक इनपुट मिला. पुलिस की टीम लगातार पीछा करते हुए मथुरा पहुंची और आखिरकार मथुरा रेलवे स्टेशन के पास से आरोपी कमल सिंह को धर दबोचा. पुलिस ने आरोपी के पास से 12,75,000 रुपये की नकदी व हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद कर लिया है.



