
संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर मंगलवार को सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बीच मदद और सहयोग का एक अनोखा नजारा देखने को मिला. देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रदर्शनकारियों के लिए जंतर-मंतर पर खाने-पीने का सामान भेजा गया. फूड डिलीवरी कंपनियों के जरिए पिज्जा, बर्गर, समोसे और खाने की थालियां लगातार पहुंचती रहीं.
प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर और उसके आसपास का इलाका दिनभर फूड डिलीवरी कंपनियों की गतिविधियों का केंद्र बना रहा. स्विगी, जोमैटो समेत अन्य ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के डिलीवरी पार्टनर लगातार आंदोलन स्थल पर पहुंचते रहे. जानकारी के मुताबिक, मुंबई, हैदराबाद, दिल्ली और पंजाब के विभिन्न शहरों से ऑनलाइन ऑर्डर किए गए, जिनका पता जंतर-मंतर दर्ज कराया गया था.
डिलीवरी के निर्देश में लिखा गया था कि भोजन किसी भी जरूरतमंद या भूखे प्रदर्शनकारी को दे दिया जाए. इस तरह देशभर के लोगों ने दूर बैठे ही आंदोलन में शामिल लोगों तक मदद पहुंचाने का प्रयास किया.
एक डिलीवरी ब्वॉय ने चार घंटे में पहुंचाए 10 ऑर्डर
कनॉट प्लेस स्थित कई रेस्टोरेंट परमें दिनभर जंतर-मंतर के नाम से ऑर्डर आते रहे. एक डिलीवरी पार्टनर ने बताया कि वह शाम चार बजे तक करीब 10 ऑर्डर जंतर-मंतर पहुंचा चुका था. उसके साथ अन्य डिलीवरी एजेंट भी लगातार भोजन पहुंचाने में लगे थे. अनुमान है कि पूरे दिन के दौरान करीब 500 से अधिक ऑनलाइन फूड ऑर्डर आंदोलन स्थल पर पहुंचे. इनमें पिज्जा, बर्गर, बिरयानी, समोसे, खाने की थालियां और अन्य खाद्य सामग्री शामिल थीं.
वीडियो में दिखी मुंबई से भेजे गए ऑर्डर की डिलीवरी
सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें एक डिलीवरी पार्टनर बारिश के बीच प्रदर्शनकारियों को भोजन का पैकेट सौंपते हुए कहता सुनाई दे रहा है कि इसका भुगतान मुंबई के एक व्यक्ति अनुज ने किया है. उन्होंने निर्देश दिया था कि पैकेट जंतर-मंतर पर मौजूद किसी भी भूखे व्यक्ति को दे दिया जाए. इसी तरह कई अन्य लोगों ने भी ऑनलाइन भोजन मंगाकर प्रदर्शनकारियों तक पहुंचाया.
स्टॉल लगाकर बांटा गया पानी, भोजन और अन्य सामग्री
सिर्फ ऑनलाइन ऑर्डर ही नहीं, बल्कि आंदोलन स्थल के भीतर, बाहर और वहां तक जाने वाले रास्तों पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने स्वयंसेवा की. कई सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने स्टॉल लगाकर पानी, कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम, बिस्कुट, फल, जूस, टॉफियां, कढ़ी-चावल, बिरयानी और अन्य खाद्य सामग्री वितरित की. कई लोग हाथों में पानी और खाने के पैकेट लेकर भीड़ के बीच घूम-घूमकर जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाते रहे, ताकि किसी को भोजन या पेयजल की कमी न हो.
मदद करने वालों में बड़ी संख्या में युवा भी शामिल रहे. पानी की बोतलें बांट रही एक युवती ने बताया कि वह निजी नौकरी करती है. उसने कहा कि उसने आधे दिन का वेतन पानी खरीदने में खर्च किया ताकि प्रदर्शन में शामिल लोगों को गर्मी और उमस के बीच पीने का पानी उपलब्ध कराया जा सके.
प्रदर्शन स्थल पर दिनभर ऐसा माहौल देखने को मिला, जहां एक ओर लोग अपनी मांगों को लेकर डटे रहे, वहीं दूसरी ओर देशभर से आए सहयोग और आम लोगों की भागीदारी ने सामाजिक एकजुटता की अलग तस्वीर भी पेश की.



