
संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मुरादनगर में अयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि दिल्ली का ग्रोथ इंजन है गाजियाबाद। इससे पूर्व उन्होंने पूर्व कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक अजितपाल त्यागी के पिता स्वर्गीय राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही, जनपद में 868 करोड़ रुपये की 90 परियोजनों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। पवित्र श्रावण में होने वाली कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने शिव मंत्र के साथ उच्चारण करते हुए कांवड़ियों को सलाह दी कि मर्यादा और अनुशासन को बनाकर रखें।

राजपाल की स्मृतियों को किया नमन
इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि यूपी सरकार के पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी की भव्य प्रतिमा का अनावरण व 800 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के अवसर पर आयोजित प्रदेश के मंत्री और जिले के जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी (प्रत्येक का नाम लेकर) मैं सबसे पहले लोकप्रिय जननेता स्वर्गीय राजपाल की स्मृतियों को नमन करते हुए उनकी पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर श्रद्धाजंलि अर्पित करता हूं।
उन्होंने कहा कि राजनीति जब जनसेवा का माध्यम बनती है तो राजनेता को लोकप्रियता के चरम पर पहुंचाती है। राजपाल त्यागी छह बार विधायक चुने गए, ऐसे आदर्श जननेता के मूर्ति के अनावरण के अवसर पर मैं उनके श्री चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। माता-पिता का कार्य उर साधना बच्चों में झलकती है। उसी का उदाहरण अजीतपाल त्यागी हैं, जो लगातार दो बार से विधायक चुने गए हैं।
कौन सोचता था कि यहां चलेगी रैपिड रेल?
सीएम योगी ने यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर हमला करते हुए कहा, ‘रैपिड 32,000 करोड़ का निवेश लगना था, अखिलेश सरकार के समय प्रस्ताव आया, उन्होंने नकार दिया था। मैंने कहा कि प्रस्ताव की हमें आवश्यकता है, मेरठ व गाजियाबाद के जनप्रतिनिधि मेरे पास आए थे। रैपिड रेल के लिए तो हमने निर्णय लिया। अब तीन घंटे का सफर 40 मिनट में तय होता है।’
उन्होंने आगे कहा कि कोई सोच सकता था कि 12 लेन का एक्सप्रेसवे बनेगा? हिंडन सिविल एयरपोर्ट बनेगा? इतनी अच्छी सड़कें बनेंगी? यह सब संभव हुआ है। यही सुशासन का मॉडल है, जहां सुरक्षा होगी वहां सुशासन आएय, समृद्धि आएगी, विकास होगा,निवेश आएगा, रोजगार मिलेगा। गाजियाबाद अब दिल्ली का ग्रोथ इंजन बन गया है, अब सिर्फ यह यूपी का प्रवेश द्वार नहीं है। आज तो कुछ शिलान्यास हो रहे हैं, आगे और पैसा आ रहा है, उससे विकास कार्य होंगे। इसकी बैठक मैंने कर ली है।
उन्होंने तंज मारते कसते हुए कहा कि विकास कार्य के लिए फुर्सत चाहिए। 2017 से पहले 12 बजे सोकर उठते थे, फिर तैयार होते थे, फिर जिम जाते थे, फिर लौटकर मंडली में बैठते थे। मगर अब ऐसा नहीं है। उन्होंने आक्रामक होते हुए कहा कि कैसे सरकार चल रही थी, दंगे होते थे, बेटियां सुरक्षित नही थी, नौकरी के नाम पर डकैती पड़ती थी।
उन्होंने आक्रामक होते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार में राजीव गांधी कहते थे 100 पैसा भेजता हूं 15 पहुंचता था। 85 पैसा खा लिया जाता था। मुझे अफसोस होता है। उस पैसे से हाइवे, एयरपोर्ट, सड़क, आयुष्मान्य कार्ड सहित अन्य विकास कार्य हो सकते थे, लेकिन उस पैसे पर कांग्रेस और सपा के लोग डकैती डाल देते थे।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार आज परिणाम दे रही है, गाजियाबाद नाम कर रहा है। स्वच्छता में नाम आता है गाजियाबाद का, यदि अपराध किया तो जेल या जहन्नुम दो जगह अपराधी के लिए तय है। कांग्रेस और सपा आज आस्था की बात कर रही है, यह हास्यास्पद है। यह वही लोग हैं जो कांवड़ रोक देते थे।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि व्यापारी पर बम फेंकने पर इनको आपत्ति नही थी, लेकिन हर हर और बम बम बोलने पर आपत्ति थी। राम नवमी को शोभायात्रा रोकी, राम नवमी का जुलूस रोकने वाली सपा है। कांवड़ यात्रा से दंगे हो सकते हैं, इसलिए उसे रोका जाना चजिये, यह पुराने शाश्नादेश में लिखा था। मैंने कहा यह कांवड़ यात्रा है, हर शिव भक्त इस यात्रा में जता है। हमारा काम सुरक्षा और सुविधा देना है। अधिकारियों ने कहा दंगे होंगे तो, मैंने कहा नहीं होंगे। मैं गारंटी लेता हूं। सच्चा भक्त दंगा नहीं करता है।
उन्होंने कहा कि आज देश के अंदर सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा हरिद्वार से गाजियाबाद के बीच होती है। आस्था का महत्व नहीं समझने वाले इसे रोकते थे। अब कोई भी कांवड़ यात्रा को रोक नहीं सकता है। फिर यात्रा आने वाली है, मेरी अपील है कि उसकी मर्यादा और अनुशासन को बनाकर रखना है। बाकी डबल इंजन की सरकार सारा काम करेगी।
उन्होंने इस अवसर पर कांवड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि हम अनुशासन भंग न करें। अब तो कांवड़ मार्ग भी बन गया है गाजियाबाद से हरिद्वार तक। आज दूधेश्वरनाथ मंदिर में कॉरिडोर पूरा महादेव में कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है। आज नई अयोध्या, नया काशी,नया विंध्यवासिनी धाम है। आस्था वह नहीं है जिसे वोट बैंक के रूप में भुनाने का प्रयास कांग्रेस और सपा कर रही है।



