
संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यूजक्लिक वेबसाइट और इसके संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ को विदेश से मिले धन के मामले में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और ईडी की ओर से दर्ज मामलों को निरस्त कर दिया है. जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की बेंच ने कहा कि न्यूजक्लिक और प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ दर्ज मामले शक्तियों का दुरुपयोग है. ईडी की कार्रवाई पर अदालत में मोदी सरकार काे एक और झटका लगा है.
कोर्ट ने ईओडब्ल्यू की ओर से दर्ज एफआईआर और ईडी की ओर से शुरू किए गए मनी लॉंड्रिंग कार्रवाई को निरस्त कर दिया है. 7 जुलाई, 2021 में हाईकोर्ट ने ईओडब्ल्यू के मामले में प्रबीर पुरकायस्थ और प्रांजल पांडेय को अंतरिम जमानत दी थी. ईओडब्ल्यू ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज किया था.
पुरकायस्थ पर आरोप था कि उनकी कंपनी पीपीके न्यूज क्लिक स्टूडियो प्राईवेट लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में अमेरिका की कंपनी वर्ल्डवाईड मीडिया होल्डिंग्स कंपनी से 9 करोड़ 59 लाख रुपये की एफडीआई हासिल की. ईओडब्ल्यू में दर्ज एफआईआर में कहा गया था कि ये एफडीआई कानून का उल्लंघन कर हासिल की गई.
बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट ने 15 मई, 2024 को प्रबीर पुरकायस्थ की गिरफ्तारी को अवैध करार देते हुए रिहा करने का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस तथ्य पर गौर किया था कि प्रबीर पुरकायस्थ की हिरासत लेते वक्त उनके वकील को हिरासत की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि प्रबीर पुरकायस्थ को गिरफ्तार करते वक्त गिरफ्तारी की लिखित वजह भी नहीं बताई गई. प्रबीर पुरकायस्थ और अमित चक्रवर्ती को दिल्ली पुलिस ने 3 अक्टूबर 2023 को गिरफ्तार किया था. दोनों को न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी खबर के आधार पर गिरफ्तार किया गया था.



