
संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित नामी रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस अग्निकांड मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए होटल मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में ले लिया है. इस हादसे में 21 लोगों की मौत हुई थी. इससे पहले उनके और उनकी पत्नी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था.
बता दें कि आग इतनी भयावह थी कि होटल के अंदर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. अग्निकांड में प्रभावित कुल 49 व्यक्तियों को विभिन्न अस्पतालों में पहुंचाया गया. इनमें से 21 लोगों की मृत्यु हो गई, जिनमें 9 भारतीय नागरिक और 12 विदेशी नागरिक शामिल हैं. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गैर इरादतन हत्या की धारा और बीएनएस की अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है.
एक ही एंट्री-एग्जिट प्वाइंट बना काल
इससे पहले मौके पर पहुंचे दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने कहा था कि घटनास्थल से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, होटल का ढांचा सुरक्षा मानकों के विपरीत था. दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि होटल में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता था. आग लगने के बाद जब लोग बाहर निकलने के लिए भागे, तो संकरे रास्ते और धुएं के गुबार के कारण वे फंस गए. इसी अफरातफरी में दम घुटने और आग की चपेट में आने से इतने बड़े पैमाने पर जनहानि हुई. उन्होंने कहा जो भी अवैध होटल व रेस्टोरेंट इस तरह चल रहे हैं, सबके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने पुष्टि की है कि होटल प्रबंधन के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है. जांच का दायरा बढ़ाते हुए अन्य संबंधित धाराओं को भी जोड़ा जाएगा ताकि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके.
महिला ने बच्चे के साथ तीसरी मंजिल से लगाई छलांग

घटना में चश्मदीदों के अनुसार, आग लगने के बाद इमारत में फंसे लोग दहशत में थे और अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों के कांच तोड़कर मदद मांग रहे थे. इसी दौरान, जान बचाने की एक हताश कोशिश में एक महिला ने अपने बच्चे को गोद में लेकर तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी. स्थानीय निवासियों ने पहले ही नीचे गद्दे बिछा दिए थे, जिससे महिला और बच्चा सुरक्षित बच गए.
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महिला ने बच्चे को कसकर पकड़ा हुआ था और जब बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा, तो उसने छलांग लगा दी. महिला को चोटें आई, जिसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और घायलों की स्थिति गंभीर होने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.
क्या फेल हो गया फायर सिस्टम
घटना के बाद अब होटल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. जांच का मुख्य केंद्र यह है कि क्या होटल प्रबंधन के पास वैध ‘फायर एनओसी’ था या नहीं. पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या होटल में अग्निशमन उपकरण काम कर रहे थे या वे सिर्फ दिखावे के लिए थे. इसके साथ ही, यह भी खंगाला जा रहा है कि फायर एनओसी का नवीनीकरण समय पर हुआ था या नहीं. अगर सुरक्षा मानकों में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है.
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शीर्ष नेताओं ने जताया दुख
इस त्रासदी पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताते हुए कहा, “मालवीय नगर में होटल में लगी आग की घटना अत्यंत हृदयविदारक है. मैं उन लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है. प्रशासन घायलों को हर संभव मदद मुहैया करा रहा है.”
वहीं, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने घटना को प्रशासनिक विफलता का नतीजा बताया. उन्होंने कहा, “दिल्ली के होटल में हुई यह दुखद घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है. दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और मृतकों के परिवारों को मुआवजा मिलना चाहिए.” उधर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना की उच्च स्तरीय मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा, “यह एक अपूरणीय क्षति है. दिल्ली सरकार घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी और दोषियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा.”
नमूनों की जांच जारी
घटनास्थल पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए नमूनों की जांच की जा रही है. प्रारंभिक साक्ष्यों से शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी. फिलहाल, इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है और बचाव कार्य जारी है. इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ने की पोल खोल दी है. शहर में कई ऐसे होटल और गेस्ट हाउस संचालित हो रहे हैं, जो आग बुझाने के पर्याप्त संसाधनों के बिना चल रहे हैं.
मालवीय नगर अग्निकांड में गुरुग्राम के एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत, बीमार पिता की देखभाल के लिए आए थे सभी
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बता दें, दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए छीन ली. इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी अग्रवाल परिवार के आठ सदस्य भी शामिल हैं. परिवार अपने बुजुर्ग सदस्य के इलाज के लिए दिल्ली आया था और अस्पताल के पास एक होटल में ठहरा हुआ था, लेकिन आग की इस भयावह घटना ने पूरे परिवार को निगल लिया. जो लोग अपने पिता की देखभाल के लिए दिल्ली पहुंचे थे, वह खुद इस त्रासदी का शिकार बन गए.
इलाज के लिए दिल्ली आया था परिवार
जानकारी के अनुसार, परिवार के मुखिया राधेश्याम अग्रवाल, जिनकी उम्र 80 वर्ष से अधिक बताई जा रही है, मालवीय नगर स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती थे. वह फेफड़ों से जुड़ी बीमारी का इलाज करा रहे थे. उनकी देखभाल और अस्पताल आने-जाने में सुविधा के लिए परिवार के सदस्य अस्पताल के नजदीक स्थित होटल में ठहरे हुए थे.
घायलों से मिलने अस्पताल पहुंची CM रेखा, मृतक के परिवार को 10-10 लाख मुआवजे का ऐलान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता साकेत स्थित मैक्स अस्पताल अग्निकांड में घायल हुए मरीजों से मिलने के लिए पहुंची, इस दौरान मुख्यमंत्री ने तकरीबन आधा घंटा से ज्यादा समय मरीजों से मिलने में लगाया. घायलों का हालचाल भी लिया. दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय ने ऐलान किया कि प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी, और जो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, उन्हें सहायता के रूप में 5 लाख रुपये मिलेंगे. मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है. दिल्ली सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ मज़बूती से खड़ी है. हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवारों को शक्ति मिलने की प्रार्थना करते हैं.”



