
संवाददाता
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के आतंकी नेटवर्क को एक और बड़ा झटका लगा है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘अल बद्र’ के प्रमुख कमांडरों में से एक, अरजमंद गुलजार उर्फ बुरहान हमजा के पीओके में मारे जाने की सूचना है।
वह सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था। आतंकी अरजमंद मूल रूप से दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला था, जो पिछले 7 सालों से पाकिस्तान में रह रहा था। ऐसी आशंका है कि पुलवामा अटैक में भी इसकी मुख्य भूमिका थी।
आतंकी हमजा बुरहान का जन्म 1999 में पुलवामा के खरबतपोरा के रत्नीपोरा में हुआ था। आतंकी हमजा बुरहान वैध दस्तावेजों के आधार पर पाकिस्तान गया था, जहां वह आतंकवादी संगठन अल बद्र में शामिल हो गया था और फिर वहीं से अल बद्र का एक सक्रिय आतंकवादी और कमांडर के तौर पर कश्मीर में आतंकी गतिविधियों का संचालन करने लगा था।
मुजफ्फराबाद के AIMS कॉलेज के बाहर अज्ञात हमलावरों ने उस पर कई गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। भारत ने 2022 में हमजा बुरहान को UAPA के तहत आतंकी घोषित किया था। वह अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी था। उसे 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड्स में से एक माना जाता था, इस हमले में 40 जवान शहीद हुए थे।

सरकार के मुताबिक, अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर पुलवामा के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। 23 साल का हमजा, आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा हुआ था। अल बद्र को सरकार ने आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है।
वह कानूनी तरीके से पाकिस्तान गया था। वहां जाकर वह अल बद्र में शामिल हो गया और बाद में संगठन का सक्रिय आतंकी और कमांडर बन गया। अभी वह पाकिस्तान से ही काम कर रहा था। उस पर आरोप है कि वह युवाओं को अल बद्र में शामिल होने के लिए उकसाता था और फंडिंग भी करता था।
जांच एजेंसियों के अनुसार 2020 में CRPF जवानों पर ग्रेनेड हमले और युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कराने जैसी गतिविधियों में भी शामिल रहा।

पुलवामा अटैक में 40 CRPF जवान शहीद हुए थे
14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर आत्मघाती आतंकी हमला हुआ था। श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर लेथपोरा इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल अहमद डार ने विस्फोटकों से भरी SUV बसों से टकरा दी थी।
धमाका इतना जबरदस्त था कि दो बसों के परखच्चे उड़ गए और 40 जवान शहीद हो गए। जांच में सामने आया कि हमले से पहले सुरक्षा एजेंसियों को कई इंटेलिजेंस इनपुट मिले थे, लेकिन आतंकी साजिश को रोका नहीं जा सका। बाद में NIA ने अपनी चार्जशीट में जैश-ए-मोहम्मद और उसके सरगना मसूद अजहर को हमले का मास्टरमाइंड बताया था।



