
संवाददाता
नई दिल्ली । तमिलनाडु में विजय थलापति के नेतृत्व में टीवीके की सरकार बन चुकी है. टीवीके को कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआईएम और वीसीके ने समर्थन दिया है, जिसके बाद उसने बहुमत का आंकड़ा छू लिया. इस बीच खबर सामने आई है, जो कि तमिलनाडु की राजनीति में भूचाल ला देगी. दरअसल विजय के समर्थन या विरोध को लेकर AIADMK में फूट पड़ गई है.
रविवार को पार्टी के सीनियर नेता सी वी षणमुगम और एसपी वेलुमणि ने AIADMK के साथ बैठक की, जबकि पार्टी महासचिव ईके पलानीस्वामी ने अलग से जिला सचिवों की मीटिंग बुलाई थी. टीओआई ने AIADMK सूत्रों के हवाले से बताया कि बागी ग्रुप की बुलाई मीटिंग में AIADMK के ज्यादातर MLA और डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी शामिल हुए, जबकि EPS के साथ सिर्फ एक छोटा सा ग्रुप था. थलापति विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के दिन हुई मीटिंग में फ्लोर टेस्ट के दौरान असेंबली में TVK को सपोर्ट करने पर भी चर्चा हुई.
AIADMK सूत्रों ने बताया कि बागी ग्रुप विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान TVK को सपोर्ट कर सकता है. यह फैसला शनमुगम के घर पर हुई MLA की मीटिंग में लिया गया. पार्टी के एक सूत्र ने कहा, ‘षणमुगम और वेलुमणि को सपोर्ट करने वाले AIADMK विधायक ने असेंबली में TVK को वोट देने और BJP की लीडरशिप वाले NDA से बाहर आने का फैसला किया है.’
पूर्व मंत्रियों और पार्टी के सीनियर नेताओं ने EPS को जनरल सेक्रेटरी बनाए जाने के बाद से AIADMK को मिल रही लगातार हार के लिए जिम्मेदार ठहराया. षणमुगम और वेलुमणि ने सी विजयभास्कर समेत कुछ पुराने मंत्रियों के सपोर्ट से, चुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद TVK को सपोर्ट करने का आइडिया दिया था, लेकिन EPS ने शुरू में इस आइडिया को मना कर दिया. EPS के मना करने से नाराज होकर, पुराने मंत्रियों ने एंटी-डिफेक्शन कानून से छूट के लिए जरूरी दो-तिहाई से ज़्यादा MLAs का सपोर्ट मांगा और उन्हें मिल भी गया.
यह भी कहा जा रहा है कि शनमुगन ने TVK के नेताओं से भी बातचीत कर ली है. AIADMK के एक नेता ने कहा कि शनमुगम ने TVK के जनरल सेक्रेटरी एन आनंद से कॉन्टैक्ट किया, लेकिन सूत्रों का कहना है कि विजय ने टीवीके को सपोर्ट करने वाले AIADMK विधायकों के सामने शर्त रखी है. विजय चाहते हैं कि ये विधायक AIADMK से इस्तीफा दें और टीवीके के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ें, लेकिन AIADMK विधायक ऐसा करने से हिचकिचा रहे हैं क्योंकि अगर वे इस्तीफा देते हैं तो उन्हें अपने ही चुनाव क्षेत्रों में विरोध का सामना करना पड़ सकता है.
तमिलनाडु में किस पार्टी को कितनी सीटें?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय की टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, वहीं दूसरी बड़ी पार्टी डीएमके थी, जिसे 59 सीटें मिली हैं. जबकि AIADMK को सिर्फ 47 सीटें मिलीं और उसने विपक्षी पार्टी का दर्जा खो दिया. कांग्रेस ने 5, PMK ने 4 सीटें जीती हैं, जबकि CPI, CPIM, VCK, IUML ने 2-2 और BJP, DMDK और AAMK ने 1-1 सीट पर जीत हासिल की है.



