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ऑपरेशन ग्लोबल हंट: बैंक धोखाधड़ी के भगोड़े कमलेश को यूएई से दबोच लाई सीबीआई, खुलेंगे बैंक फ्रॉड के राज

संवाददाता

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कोलकाता स्थित श्री गणेश ज्वेलरी हाउस (I) लिमिटेड के खिलाफ एक हाई-प्रोफाइल बैंक धोखाधड़ी मामले में फरार आरोपी कमलेश पारेख को गिरफ्तार कर लिया है। कमलेश का यूएई से प्रत्यर्पण हुआ है।

यह मामला 2016 में सीबीआई, बीएसएफबी, कोलकाता द्वारा कंपनी और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया था। इन पर कथित तौर पर 25 बैंकों के एक समूह के साथ 2672 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। कंपनी के प्रमोटर आरोपी पारेख के खिलाफ सीबीआई ने 31 दिसंबर, 2022 को चार्जशीट दाखिल की थी।

जांच शुरू होते ही फरार हो गया कमलेश

आरोपी कमलेश पारेख जांच शुरू होने के बाद से ही फरार था। उसके खिलाफ 2019 में एक ‘ओपन-एंडेड NBW’ (गैर-जमानती वारंट) जारी किया गया था और 2024 में इंटरपोल के माध्यम से एक ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ (RCN) जारी किया गया।

अदालत के सामने किया जाएगा पेश

यूएई के अधिकारियों ने उक्त नोटिस के आधार पर उसे हिरासत में ले लिया और उसे भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया है। कमलेश को आज यानी 2 अप्रैल, 2026 को ट्रांजिट रिमांड के लिए नई दिल्ली स्थित सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा और उसके बाद कोलकाता ले जाकर वहां के सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

यशपाल सिंह को भी लाया गया भारत

वहीं वांछित आरोपी आलोक कुमार उर्फ यशपाल सिंह को संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाया गया है। सीबीआई के अनुसार, आरोपी हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज एक मामले में वांछित था, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट हासिल करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि आलोक कुमार एक संगठित गिरोह का प्रमुख साजिशकर्ता था, जो फर्जी दस्तावेज और झूठी जानकारी के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाने का काम करता था।

अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले कई लोगों को फर्जी पहचान और पते के जरिए पासपोर्ट दिलाने में मदद की। मामले में आगे की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

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