
संवाददाता
हरदोई। उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हरदोई के मल्लावां में उद्घाटन कर दिया है. उद्घाटन होते ही 594 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे के हरेक एग्जिट और एंट्री पॉइंट को खोल दिए गए हैं. माना जा रहा है कि कुछ ही देर बाद इस एक्सप्रेसवे पर वाहन दौड़ने लगेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन के बाद कहा कि समाजवादी पार्टी (SP) कभी भी परिवारवाद और जातिवाद से ऊपर नहीं उठ सकती. ये लोग हमेशा विकास विरोधी राजनीति करेंगे. यूपी को सपा और उसके सहयोगियों से सावधान रहना होगा. बंगाल चुनाव को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस बार ‘भयमुक्त वातावरण’ में वोटिंग हो रही है, जो पिछले छह-सात दशकों में देखने को नहीं मिला.
इस एक्सप्रेसवे को लेकर सबसे बड़ी सूचना यह है कि अभी तक इस पर कोई सीएनजी पंप चालू नहीं है. ऐसे में इस एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को थोड़ी मुश्किल हो सकती है. हालांकि हरेक 100 किमी पर पेट्रोल पंप बनाए गए हैं और इनमें ज्यादातर को आज दोपहर में चालू कर दिया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक सीएनजी पंप का काम भी तेज गति से चल रहा है. उम्मीद है कि एक दो दिन में गैस भी मिलने लगेगी. अगली अपडेट टोल को लेकर है. इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ते समय कोई टोल नहीं लगेगा. बल्कि आपकी गाड़ी की डिटेल डिजीटली सिस्टम में फीड हो जाएगी. इसके बाद जिस किसी एग्जिट से आप बाहर निकलेंगे, वहां प्रति किमी के हिसाब से टोल चुकाना होगा.
हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन पर खुशी जताते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जैसे मां गंगा हजारों सालों से यूपी की और इस देश की जीवन रेखा रही हैं, वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके पास से गुजरता यह एक्सप्रेसवे यूपी के विकास की नई लाइफलाइन बनेगा. यूपी सरकार की ओर से इसका नाम मां गंगा के नाम पर रखना विकास और सांस्कृतिक विरासत के समन्वय को दर्शाता है. मैं यूपी के करोड़ों लोगों को गंगा एक्सप्रेस-वे की बधाई देता हूं.”
एक्सप्रेसवे NCR की संभावनाओं को करीब लाएगाः PM
उन्होंने कहा, “कुछ ही दिन पहले मुझे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण का अवसर मिला था. तब मैंने कहा था कि ये नए बनते एक्सप्रेसवे विकसित होते भारत की हस्तरेखाएं हैं, और ये आधुनिक हस्तरेखाएं, आज भारत के उज्ज्वल भविष्य का जयघोष कर रही हैं.” उन्होंने कहा, “अब वो दौर चला गया, जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता था.”
पीएम मोदी ने कहा, “एक बार घोषणा हो गई तो कई सालों तक फाइलें चलती थीं. चुनाव के लिए पत्थर लग जाते थे, उसके बाद सरकारें आती-जाती रहती थीं, लेकिन काम का कुछ अता-पता नहीं लगता था. कभी-कभी पुरानी फाइलें ढूंढ़ने के लिए बड़े-बड़े अफसरों को दो-दो साल तक मेहनत करनी पड़ती थी. डबल इंजन सरकार में शिलान्यास भी होता है और तय समय में लोकार्पण भी होकर रहता है.” उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के एक छोर को दूसरे छोर से तो जोड़ता ही है.ये NCR की असीम संभावनाओं को भी करीब लाएगा.
37,000 करोड़ की आई लागत
उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से को पश्चिम से जोड़ने के लिए इस एक्सप्रेसवे का निर्माण करीब 37000 करोड़ की लागत से हुआ है. माना जा रहा है कि इस एक्सप्रेसवे से ना केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत में बड़ी कमी आएगी. इसी प्रकार बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से उत्तर प्रदेश में उद्योगिक क्रांति का माहौल बनेगा. इससे देशी विदेशी निवेशक उत्तर प्रदेश आने को मजबूर होंगे.



