
संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली के नेशनल जूलॉजिकल पार्क (चिड़ियाघर) में भीषण गर्मी को देखते हुए अप्रैल महीने से जानवरों व आगंतुकों के लिए कई नई और विशेष व्यवस्थाओं की शुरूआत की गई हैं। चिड़ियाघर प्रशासन ने एक व्यापक ‘समर एक्शन प्लान’ लागू किया है ताकि बढ़ती तपिश से राहत मिल सके।
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के डायरेक्टर डॉ. सुजीत कुमार ने बताया कि ‘समर एक्शन प्लान’ के तहत बाघ और शुतुरमुर्ग जैसे जानवरों के बाड़ों में वॉटर स्प्रिंकलर (फव्वारे) लगाए गए हैं, जिनकी संख्या में इस साल लगभग 25 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही, पक्षियों के लिए पहली बार फाउंटेन (फव्वारे) और पिंजरों में एग्जॉस्ट फैन की व्यवस्था की गई है। बाड़ों के भीतर के वातावरण पर नज़र रखने के लिए तापमान और आर्द्रता सेंसर लगाए गए हैं, ताकि गर्मी बढ़ने पर वेंटिलेशन सिस्टम को तुरंत सुधारा जा सके। सीधी धूप से बचाने के लिए बाड़ों की छतों पर एग्रो-नेट और खस-खस की तट्टियाँ लगाई गई हैं, जिन्हें गीला रखा जाता है। धूप से बचाने के लिए बाड़ों में ग्रीन शेड नेट और छतों पर सूखी घास व पुआल बिछाई गई है। हाथियों और सफेद बाघों के लिए पानी के विशेष तालाब और कीचड़ के पोखर तैयार किए गए हैं। पक्षियों के लिए विशेष फव्वारों का इंतज़ाम किया गया है।
जानवरों को हाइड्रेटेड रखने के लिए उनके आहार में तरबूज, खीरा, खरबूजा और मौसमी फल शामिल किए गए हैं। प्राइमेट्स (वानरों) को फल वाले बर्फ के टुकड़े और इलेक्ट्रोलाइट वाला पानी दिया जा रहा है। पानी की कमी को रोकने के लिए पीने के पानी में ग्लूकोज, इलेक्ट्रोलाइट पाउडर और विटामिन सप्लीमेंट्स मिलाए जा रहे हैं।
इसके अलावा चिड़ियाघर में सुगम प्रवेश के लिए एक नई ‘इन्स्टा टिकट बुकिंग सेवा’ शुरू की है, जिससे लंबी लाइनों से बचा जा सके। चिड़ियाघर के अंदर घूमने के लिए बैटरी से चलने वाली गाड़ियाँ (गोल्फ कार्ट) उपलब्ध हैं। जगह-जगह पीने के पानी के प्याऊ और बैठने की छायादार व्यवस्था की गई है।
हाल ही में वन्यजीव एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत पटना से बाघ, भेड़िये और घड़ियाल जैसे नए मेहमान भी चिड़ियाघर में लाए गए हैं। चिड़ियाघर में हाल ही में कई हाई-टेक और आधुनिक सुविधाएं शुरू की गई हैं और भविष्य के लिए 400 करोड़ रुपये का एक व्यापक कायाकल्प प्लान मंजूर किया गया है।
जिसके तहत मुख्य प्रवेश द्वार को आधुनिक बनाया जा रहा है, जिसमें फूड कोर्ट, क्लॉक रूम और स्मृति चिन्ह (सोवेनियर) की दुकानें शामिल होंगी। जानवरों को करीब से और सुरक्षित तरीके से देखने के लिए उनके बाड़ों में शीशे के पैनल लगाए जा रहे हैं। चिड़ियाघर की निगरानी और जानवरों की देखभाल के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैमरों का उपयोग किया जाएगा। साथ ही लगभग 800 कारों, 50 बसों और 1,000 दोपहिया वाहनों की क्षमता वाला एक बड़ा पार्किंग स्थल बनाया जा रहा है।
मथुरा रोड स्थित फुटओवर ब्रिज को सीधे चिड़ियाघर के गेट से जोड़ा जाएगा ताकि पैदल चलने वालों को ट्रैफिक से परेशानी न हो।



