
स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर बरामद की 12 सेमी-ऑटोमैटिक और सिंगल शॉट पिस्टल
संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हाशिम बाबा सिंडिकेट के अंतर्राज्यीय हथियार सप्लायर इमरान उर्फ अमजद को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न अपराधियों को अवैध हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति करता था। उसके कब्जे से 12 सेमी-ऑटोमैटिक और सिंगल शॉट पिस्टल और 55 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
स्पेशल सेल साउथ रेंज के डीसीपी आलोक कुमार ने बताया कि दिल्ली में हाल के दिनों में आपराधिक गतिविधियों में अवैध हथियारों के उपयोग की बढती प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए स्पेशल सेल को एनसीआर में अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वालों का पता लगाने का काम सौंपा गया है। ऐसे ही एक ऑपरेशन के दौरान ट्रांस-यमुना रेंज की एक टीम इस सिंडीकेट का भंडाफोड करने में सफलता मिली हैं। एसीपी राहुल कुमार सिंह और कैलाश बिष्ट की टीम के इंस्पेक्टर सुनील तेवतिया ने 3 जून को इमरान उर्फ अमजद को गिरफ्तार किया है। वह लकड़ी मार्केट, वेलकम, सीलमपुर कस रहने वसलस है। इमरान के पास से कुल 12 सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल और सिंगल शॉट पिस्टल और 55 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
दरअसल, ्इंसपेक्टर सुनील तेवतिया की टीम को इनपुट मिला था कि हाशिम बाबा गिरोह के सदस्यों को अवैध हथियार और गोला-बारूद की सप्लाई करने वाला इमरान उर्फ अमजद जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर आएगा। इसी के बाद बताए गए स्थान पर जाल बिछाया गया।
पूछताछ में पता चला कि आरोपी इमरान उर्फ अमजद पहले दिल्ली के गांधी नगर में जींस बेचा करता था। उसने 2016 में यह धंधा छोड़ दिया और अपराध की दुनिया में आ गया। उसे पहली बार वर्ष 2016 में ही गिरफ्तार किया गया था, जब उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक मनी चेंजर रमेश कुमार से आईटीओ फ्लाईओवर पर 36 लाख रुपये की लूट की थी। इस संबंध में थाना शकरपुर, दिल्ली में लूट का केस दर्ज किया गया था और इस मामले में इमरान उर्फ अमजद सहित कुल 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था। तिहाड़ जेल में रहने के दौरान वह मेरठ, यूपी के एक हथियार स्पलायर अन्नू के संपर्क में आया। जेल से छूटने के बाद इमरान ने हाशिम बाबा गिरोह के सदस्यों और दिल्ली व एनसीआर के अन्य अपराधियों को आपूर्ति करने के लिए अन्नू से अवैध हथियार खरीदना शुरू कर दिया। 2021 में आरोपी को हथियारों की तस्करी के एक मामले में यूपी के मुराद नगर में फिर से गिरफ्तार किया गया। डासना जेल में, वह एक रटोल के रहने वाले शकील उर्फ शाहिद के संपर्क में आया और जेल से बाहर आने के बाद उसने शकील से हथियार खरीदना शुरू किया। आरोपी ने यह भी खुलासा किया है कि वह एक पिस्टल करीब 40,000 रुपये में खरीदता था और उसे 50 से -55 हजार में बेच देता था। पुलिस टीम आरोपी इमरान उर्फ अमजद के ग्राहकों का नेटवर्क पता लगने की कोशिश में जुटी हैं।



