
संवाददाता
नई दिल्ली । दक्षिण पश्चिमी दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत के ढह जाने की घटना के बाद पुलिस ने इसके मालिक को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है. एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी. यह इमारत रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे मरम्मत कार्य के दौरान ढह गई. इसमें लड़कों का ‘पेइंग गेस्ट’ (पीजी) आवास था. इस घटना में अब तक मलबे से 12 लोगों को निकाला जा चुका है. राहत और बचाव अभियान के दौरान मलबे से एक और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या 7 पहुंच गई. बचाव दल अभी भी मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को देखते हुए सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. बता दें कि इमारत गिरने का सीसीटीवी फुटेज में भी सामने आया है. जिसमें दिख रहा कि कैसे पल भर में इमारात जमींदोज हो गई.

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भवन के मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा गया है और उससे आगे भी पूछताछ जारी है. घटना के बाद से हरिराम बंसल का कोई पता नहीं था. लुक-आउट नोटिस जारी होने के बाद दिल्ली पुलिस ने हरिराम बंसल को पकड़ने के लिए 10 टीमें बनाई थी. फिलहाल, भिवाड़ी से हरिराम को गिरफ्तार कर लिया गया है.
निगम के एक उपायुक्त समेत पांच अधिकारियों को सोमवार को निलंबित कर दिया गया
इस बीच, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली नगर निगम के एक उपायुक्त समेत पांच अधिकारियों को सोमवार को निलंबित कर दिया गया है. मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोमवार को बताया कि गुप्ता के निर्देश पर एमसीडी के उपायुक्त, अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया गया है.
MCD द्वारा 7 सितंबर 2026 को जारी आदेशों के तहत निलंबित किए गए अधिकारियों की सूची में शीर्ष प्रशासनिक व इंजीनियरिंग पदों के अधिकारी शामिल हैं-
- राकेश कुमार डिप्टी कमिश्नर (दक्षिण जोन) [BMID No. 40030820]
- रणवीर सिंह सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE / दक्षिण जोन)
- ललित कुमार गोयल एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (EE – बिल्डिंग)
- सुनील चौहान असिस्टेंट इंजीनियर (AE – बिल्डिंग)
- आशीष कुमार जूनियर इंजीनियर (JE – बिल्डिंग)
किस कानून के तहत हुई कार्रवाई?
MCD आयुक्त के निर्देशों के अनुपालन में जारी इन आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि अधिकारियों को DMC Services (Control & Appeal) Regulations, 1959 के Regulation 5(2) के तहत निलंबित किया गया है. निलंबन की इस अवधि के दौरान सभी अधिकारियों को नियमानुसार निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा.
आदेश की आधिकारिक प्रतियां MCD आयुक्त समेत संबंधित वरिष्ठ विभागों और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं. यद्यपि जारी दस्तावेजों में किसी विशिष्ट अनियमितता का ब्योरा दर्ज नहीं है, लेकिन इस कार्रवाई को सीधे तौर पर सत्य निकेतन में जर्जर व अवैध पीजी निर्माण पर निगरानी न रखने और लापरवाही बरतने से जोड़कर देखा जा रहा है.
दूसरी तरफ, एनडीआरएफ ने बताया कि दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में एक दिन पहले इमारत ढहने की घटना के बाद बचाव एजेंसियों ने अब तक मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला है, जबकि मलबे के नीचे फंसे लोगों की सटीक संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है. यह बचाव अभियान सोमवार को भी दिनभर जारी रहने की उम्मीद है. एनडीआरएफ के महानिरीक्षक (आईजी) नरेंद्र बुंदेला ने कहा कि केंद्रीय आपदा राहत बल के पास मलबे के नीचे फंसे लोगों की संख्या को लेकर ‘कोई निश्चित आंकड़ा’ नहीं है. उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ घटनास्थल पर लोगों के जिंदा होने के संकेतों की तलाश के लिए कटर, हाइड्रोलिक जैक और प्रशिक्षित श्वान दलों का इस्तेमाल कर रहा है.
रविवार से ही एनडीआरएफ की दो तकनीकी टीम घटनास्थल पर तैनात हैं. पुलिस ने बताया कि हादसे में सात लोगों की मौत हुई है. बुंदेला के अनुसार, एनडीआरएफ और दिल्ली सरकार की सहयोगी एजेंसियों द्वारा चलाया जा रहा बचाव अभियान सोमवार देर रात तक जारी रहने की संभावना है.
MCD पर उठ रहे सवालों पर आया जबाव
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं. सामने आए MCD के आदेश के मुताबिक, सत्य निकेतन स्थित भवन संख्या-13 को पहले ही जर्जर और खतरनाक घोषित किया जा चुका था. निगम ने संपत्ति मालिक/कब्जाधारी को इसे तीन दिन के भीतर ध्वस्त करने का निर्देश दिया था. MCD के आदेश में कहा गया था कि भवन की स्थिति अत्यंत जर्जर और खतरनाक है. इससे भवन में रहने वाले लोगों के साथ-साथ वहां आने-जाने वाले लोगों और आसपास के क्षेत्र में मौजूद लोगों की सुरक्षा को खतरा है. इसी आधार पर दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 348 और धारा 491 के तहत कार्रवाई करते हुए भवन को तीन दिनों के भीतर गिराने का आदेश जारी किया गया था.
हादसे के बाद सीएम ने लिया घटना स्थल का जायजा
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हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का जायजा लिया और अधिकारियों से राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी ली. प्रारंभिक आकलन के आधार पर मुख्यमंत्री ने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं. साथ ही इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं.



