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गाजियाबाद के दूधेश्वर नाथ मंदिर में सावन शिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, आस्था का भव्य नजारा

गाजियाबाद के दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर में कल देर शाम से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी,यहां पूजा से सभी मनोकामनाएं होती है पूरी

संवाददाता

गाजियाबाद। सावन शिवरात्रि पर गाजियाबाद के प्राचीन दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है. कल देर शाम से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था. दरअसल, प्राचीन दूधेश्वर नाथ मंदिर की काफी मान्यता है. यही वजह है कि यहां पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. सावन शिवरात्रि पर एक अलग ही भव्य नजारा दिखाई देता है. मान्यता है कि भक्तों की मंदिर में सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. यही वजह है कि बहुत दूर-दूर से यहां श्रद्धालु आते हैं.

मंदिर में आकर मिलता है सुकून

श्रद्धालु बबीता बताती हैं, मंदिर में आकर एक अलग ही प्रकार का सुकून मिलता है. करीब 15 वर्षों से दूधेश्वर नाथ मंदिर आ रहे हैं. सुबह के वक्त जलाभिषेक करने में अलग ही प्रकार की खुशी महसूस होती है. परिवार के साथ मंदिर आए हैं. सावन के प्रति एक सोमवार भी दूधेश्वर नाथ मंदिर में जल चढ़ाने के लिए आते हैं. हमने जो भी यहां आकर मांगा है वह भगवान दूधेश्वर ने अवश्य दिया है.

मंदिर में श्रद्धालुओं को वक्त का पता नही नहीं चलता

शिवभक्त प्रियंका बताती हैं, मंदिर की काफी मान्यता है यही वजह है यहां पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और हमें लंबे वक्त तक लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ता है लेकिन घंटों का वक्त लाइन में लगे कब आ जाता है पता भी नहीं चलता ना ही यहां किसी प्रकार की हमें कोई थकान होती है. करीब दो घंटे इंतजार करने के बाद मंदिर के भीतर दाखिल हुए हैं. सावन शिवरात्रि पर जल अभिषेक करने के लिए मंदिर पहुंचे हैं.

जलाभिषेक के लिए कतार में खड़े होकर कर रहे इंतजार

मेरठ निवासी हेमंत राव बताते हैं, हर साल परिवार के साथ सावन शिवरात्रि पर जल अभिषेक करने के लिए आते हैं. मंदिर की मान्यता काफी अधिक है. सुबह 7:00 से लाइन में लगे हुए थे और तकरीबन 8:30 बजे मंदिर के अंदर दाखिल हुए हैं अभी भी 10-15 मिनट और इंतजार करना पड़ेगा तब जाकर जल अभिषेक करेंगे. मंदिर में प्रवेश कर एक अलग ही प्रकार का सुकून मिल रहा है. इंतजार करने में काफी वक्त लगता है लेकिन भगवान का नाम जप करने से वक्त कब गुजर गया पता ही नहीं चला.

दिल्ली एनसीआर और पश्चिम उत्तर प्रदेश से आते हैं भक्त

प्राचीन दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर के संत रमेश आनंद गिरि ने बताया, सावन शिवरात्रि पर लाखों की संख्या में शिव भक्त जलाभिषेक करने के लिए पहुंच रहे हैं. दूधेश्वर नाथ मंदिर की काफी मान्यता है यही वजह है कि यहां केवल दिल्ली एनसीआर और पश्चिम उत्तर प्रदेश नहीं बल्कि विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु जलाभिषेक करने के लिए आते हैं. पुलिस प्रशासन द्वारा शानदार व्यवस्था की गई है इसी वजह से श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो रही है. सुबह 9:00 बजे तक तकरीबन 5 लाख श्रद्धालु मंदिर में जल अभिषेक कर चुके हैं. मंदिर प्रशासन द्वारा वॉलिंटियर्स की भी तैनाती की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई समस्या ना हो.

40 दिन तक मंदिर में अभिषेक से सभी मनोकामनाएं पूर्ण

संत रमेश आनंद गिरि के मुताबिक, प्राचीन दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर को लेकर मानता है कि यदि कोई व्यक्ति 40 दिन तक मंदिर में जाकर जल अभिषेक करता है तो उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. भगवान दूधेश्वर का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है. मंदिर की मान्यताओं के चलते यहां पर भक्तों की भीड़ उमड़ती है.

मंदिर में सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर विशेष व्यवस्था

मंदिर में जहां एक तरफ पुलिस प्रशासन ने तमाम व्यवस्थाएं की है तो वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी दूधेश्वर नाथ मंदिर परिसर के भीतर और बाहर दो हेल्थ कैंप लगाए गए हैं. हेल्थ कैंप के प्रभारी डॉ एके विश्कर्मा ने बताया, एकटी मंदिर परिसर के अंदर स्वास्थ्य शिविर में तैनात है जबकि दूसरा शिविर शंभू दयाल कॉलेज में लगा हुआ है. देर शाम से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है. फिलहाल, सब सामान्य है किसी प्रकार का कोई परेशानी अब तक सामने नहीं आई है. एक दो मरीजों में लो बीपी के चलते चक्कर आने की शिकायत प्राप्त हुई है. स्वास्थ्य विभाग की टीम मंदिर परिसर के भीतर और बाहर पूरी तरह से नजर बनाए हुए हैं. किसी भी आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस की भी तैनाती की गई है.

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