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जंतर – मंतर पर हाथ में पत्थर उठाए ये बच्चे कहीं आपके तो नहीं!

संवाददाता

नई दिल्ली। टीवी और सोशल मीडिया पर सामने आ रही तस्वीरें किसी भी अभिभावक की नींद उड़ाने के लिए काफी हैं। CJP के प्रदर्शन के नाम पर कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले युवा हाथों में पत्थर, लाठियाँ और धारदार हथियार लेकर सड़कों पर खुलेआम उपद्रव कर रहे हैं। जिस उम्र में हाथों में किताबें और सुनहरे भविष्य के सपने होने चाहिए थे, उस उम्र में ये बच्चे देश की चुनी हुई सरकार और प्रधानमंत्री को अभद्र गालियाँ देते और कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती देते नजर आ रहे हैं। माता-पिता दिन-रात मेहनत करके अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए भेजते हैं, लेकिन ये गुमराह युवा भड़काऊ राजनीति के फेर में पड़कर अपनी सुरक्षा और मर्यादा दोनों दांव पर लगा रहे हैं। जरा गौर से देखिए—कहीं इस हिंसक भीड़ में आपका अपना बच्चा तो शामिल नहीं है?

यह महज एक दिन का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि युवाओं की पूरी जिंदगी तबाह करने वाला रास्ता है। कानून की धज्जियां उड़ाती इस भीड़ में शामिल चेहरों की पहचान की जा रही है। एक बार FIR दर्ज होने पर इन युवाओं का करियर हमेशा के लिए दांव पर लग सकता है। सरकारी नौकरी से लेकर उच्च शिक्षा और पासपोर्ट वेरिफिकेशन तक, एक आपराधिक मामला इनका पूरा भविष्य अंधकारमय बना देगा। ऐसे में अभिभावकों चाहिए कि वक्त रहते अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें, उन्हें सही-गलत का फर्क समझाएं और किसी भी हिंसक आंदोलन का हिस्सा बनने से रोकें, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए।

1. हाथों में पत्थर और चेहरे पर नकाब

प्रदर्शन के दौरान कई छात्र सरेआम पत्थरों का इस्तेमाल करते देखे गए। वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह उपद्रवी नकाब पहनकर सुरक्षाबलों और आम वाहनों पर पत्थरबाजी कर रहे हैं। विरोध दर्ज कराने की आड़ में इस तरह की हिंसा किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराई जा सकती।

2. लाठी-डंडों से लैस होकर सड़कों पर उपद्रव

इस वीडियो में छात्रों का एक समूह हाथों में मोटे लाठी-डंडे लेकर सड़क पर हुड़दंग मचाता नजर आ रहा है। वे न सिर्फ राहगीरों को डरा रहे हैं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। पढ़ाई-लिखाई की जगह इस तरह का उग्र व्यवहार अभिभावकों के लिए बड़ी चिंता का विषय है।

3. सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित नारेबाजी

प्रदर्शन के नाम पर मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दी गईं। इस वायरल क्लिप में छात्र सीधे तौर पर देश के प्रधानमंत्री और सरकार के खिलाफ आपत्तिजनक व अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते सुने जा सकते हैं। अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर ऐसी गाली-गलौज संस्कार पर भी सवाल उठाती है।

4. धारदार हथियार लहराते नजर आए प्रदर्शनकारी

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विरोध का यह रूप बेहद खौफनाक है, जहाँ कुछ युवा हाथों में खुलेआम धारदार हथियार लहरा रहे हैं। सुरक्षाबलों को चुनौती देते इन युवाओं को देखकर लगता है कि इन्हें कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है। माता-पिता को यह सोचने की जरूरत है कि उनका बच्चा आखिर किस दिशा में जा रहा है।

5. पुलिस पर पथराव और सीधी भिड़ंत

कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रही पुलिस टीम पर छात्रों ने भारी पथराव किया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह बैरिकेड्स तोड़कर पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया गया। इस हिंसक झड़प में कई जवानों के घायल होने की भी खबर है।

6. बसों और गाड़ियों में तोड़फोड़

गुस्साए युवाओं ने आम जनता की गाड़ियों और सरकारी बसों को निशाना बनाया। लाठियों से शीशे तोड़े गए और वाहनों में तोड़फोड़ की गई। आम नागरिकों को असुविधा में डालकर और उनकी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाकर यह कैसा विरोध जताया जा रहा है?

7. उकसावे में आकर हिंसा पर आमादा युवा

इस क्लिप में कुछ उपद्रवी तत्व भीड़ को उकसाते और भड़काऊ नारे लगाते दिख रहे हैं। उनके उकसावे में आकर कम उम्र के छात्र भी बिना सोचे-समझे हिंसा और गाली-गलौज में शामिल होते जा रहे हैं। यह स्थिति किसी भी समाज के लिए खतरनाक है।

8. सरेआम अभद्र भाषा और धमकियां

प्रदर्शनकारियों के इस समूह ने मीडिया और प्रशासन के सामने ही अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों के प्रयोग का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसकी चौतरफा निंदा हो रही है।

9. आगजनी की कोशिश और सड़कों पर कब्जा

सड़क के बीचों-बीच टायर जलाकर यातायात को पूरी तरह बाधित कर दिया गया। हाथों में लाठियां थामे युवाओं ने एम्बुलेंस तक को निकलने का रास्ता नहीं दिया। क्या आंदोलन के नाम पर इस तरह से आम लोगों की जान जोखिम में डालना सही है?

10. सुरक्षाबलों को निशाना बनाते उपद्रवी

बैरिकेडिंग के पास जमा होकर युवाओं की भीड़ ने पुलिस पर लगातार भारी पत्थरबाजी की। कानून की धज्जियां उड़ाती इस भीड़ में शामिल चेहरों की पहचान की जा रही है। एक बार FIR दर्ज होने पर इन युवाओं का करियर हमेशा के लिए दांव पर लग सकता है।

 

 

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