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40 साल से यूपी में बंजर है कांग्रेस, अब सपा की बारी-याेगी

महिला आरक्षण को लेकर यूपी विधानसभा में निंदा प्रस्ताव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा और कांग्रेस पर हमला

संवाददाता

लखनऊ । उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. सीएम योगी ने कहा कि सपा ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अधिकारों पर डकैती डालने का काम किया है. आज विपक्ष महिलाओं के श्राप से श्रापित हो चुका है. मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि 40 वर्ष बीत गए, लेकिन उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से बंजर जमीन बन गई है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सपा ने कांग्रेस का समर्थन किया है, इसलिए सपा भी जल्द ही बंजर बन जाएगी.

सीएम योगी ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के साथ हुए अन्याय और मौलवियों के सामने नाक रगड़ने की वजह से कांग्रेस की दुर्गति हुई. उन्होंने याद दिलाया कि यदि शाहबानो मामले में न्याय मिल गया होता तो कांग्रेस की यह हालत नहीं होती. कांग्रेस ने तीन तलाक की कुप्रथा का समर्थन किया और अब भी सुधरने के बजाय देश को कठमुल्लापन की ओर ले जाना चाहती है.

देख सपाई बिटिया घबराई

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्ष में डबल इंजन कि सरकार के कार्यों के परिणाम सामने है. पहले देख सपाई बिटिया घबराई का नारा पब्लिक लगाती थी. पहले लोग अपने बेटियों को पढ़ने के लिए UP से बाहर भेजते थे. आज महिला वर्क फ़ोर्स 26% और अर्थव्यवस्था 3 गुणा बढ़ी है. NCRB के मुताबिक हत्या में 43% गिरावट आई. दहेज़ उत्पीड़न में 19%, रेप दुष्कर्म में 67% की कमी आई. आज देश के सबसे बड़े राज्य के सदन में आधी आबादी के सम्मान पर चर्चा हो.

उत्तर प्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आज गुरुवार यानी 30 अप्रैल को बुलाया गया. इस विशेष सत्र का मुख्य फोकस महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) मुद्दे पर रहा. इस दौरान बीजेपी की तरफ से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को घेरने की कोशिश की गई. इसके भाजपा की तरफ से सदन के पटल पर निंदा प्रस्ताव भी रखा गया. इस प्रस्ताव को वित्त और संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने पेश किया. फिलहाल, दोनों पार्टियों की महिला विधायक आमने-सामने आ गई. एक दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

ओम प्रकाश राजभर ने सपा पर बोला हमला

गाजीपुर की घटना को लेकर ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि गाजीपुर की घटना को इनके नेता ने रेप और हत्या बताया. लेकिन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी देख लो. लड़का-लड़की में प्रेम-प्रसंग था, लड़के ने शादी से मना कर दिया, जिसके बाद लड़की ने सुसाइड कर लिया. इन लोगों ने झूठी बात फैलाई, इसलिए गांव के लोगों ने इन्हें भगा दिया.

पल्लवी पटेल ने कहा-बीजेपी आरक्षण नहीं देना चाहती है

सपा विधायक पल्लवी पटेल ने कहा- असल में बीजेपी आरक्षण देना ही नहीं चाहती, बस इसीलिए 2023 में जो बिल पास हुआ था उसमें परसीमन जोड़ने में देरी किया. चलिए एक बार मान लेते हैं कि आप महिलाओं की हिस्सेदारी देना चाहते हैं लेकिन आपने 2021 की जनगणना क्यों नहीं करवाई, अगर कोविड था तो फिर राज्यों के चुनाव कैसे हुए. लेकिन, उसमें कोई बीमारी का बहाना नहीं बनाया गया.

सपा चाहे तो सारे टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे देती- विजय लक्ष्मी गौतम

यूपी सरकार की मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने कहा कि सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहते हैं मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देना चाहिए. महिला आरक्षण बिल में उन्हें भी शामिल करना चाहिए. हम तो कहते हैं कि एक बार आरक्षण बिल पास हो जाने देते, फिर अपनी पार्टी का पूरा टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे देते, हमारी तरफ से कोई रोकने नहीं जाता.

बीजेपी नारी को नारा बनाना चाहती है-रागिनी सोनकर

सपा विधायक रागिनी सोनकर ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि मैं यूपी की नारी हूं, रोज जलाई जाती हूं. राज्य का झांसा देकर बलि चढ़ाई जाती हूं. सिंदूर-कोख और इज्जत नोंच जिंदा लाश बनाई जाती हूं. नकली आरक्षण का झांसा देकर शतरंज नचाई जाती हूं. मैं यूपी की नारी हूं, हर रोज जलाई जाती हूं.

रागिनी सोनकर ने आगे कहा कि मुलायम सिंह ने 33 फीसदी आरक्षण लाकर पंचायत चुनाव में महिलाओं को नेतृत्व दिया. लेकिन, आपको नारी को नारा बनाकर आपको सिर्फ राजनीति करना आता है.बीजेपी विधायक अनुपमा जायसवाल को लेकर रागिनी सोनकर ने कहा कि अखिलेश यादव ने सबसे पहले जाकर उनका हाल जाना, जबकि अनुपमा जी ने अखिलेश यादव का पोस्टर जलाया था.

मंजू सिवाच ने कहा- इन्हें लगता है गांव की महिलाएं कुछ नहीं कर पाएंगी

गाजियाबाद की विधायक मंजू सिवाच ने कहा, ये लोग कहते हैं कि गांव की महिला कुछ कर नहीं पाएगी, इसलिए उसे मौका नहीं दिया जाएगा. जबकि ये गांव जाते नहीं हैं. ये लोग यह नहीं देखते कि वह कितना बेहतर ढंग से अपनी बात रखती हैं. हमारे विधानसभा की कई महिलाएं घूंघट में रहती हैं, लेकिन 20 मिनट तक फटाफट भाषण देते चली जाती हैं. अगर उन्हें विधानसभा-लोकसभा में मौका मिले तो वह बहुत बेहतर कर सकती हैं.

ब्रजेश पाठक ने सपा नेताओं के विवादित बयानों का किया जिक्र

गैंगरेप पर 2015 में सपा के एक नेता ने कहा था 4 लोगो का रेप करना मुमकिन नहीं है. इनके नेता तोताराम यादव कहा था कि ये सब आपसी सहमति से होता है. सपा के एक सांसद ने कहा था कि ये सब ऑनलाइन कंटेंट से होता है. इनके बयान दिखाते हैं यह महिलाओं का कितना सम्मान करते होंगे.

बृजेश पाठक ने अपने भाषण की शुरुआत ‘ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरान्त कारी’ शुरू किया. उन्होंने कहा कि भगवान के समय से लेकर मॉडर्न हिस्ट्री तक बात करें हर जगह महिलाओं का गौरव है. उन्होंने विपक्ष की मौज लेते हुए कहा 2017 में मजा आया होगा, जब एंटी वुमेन स्कॉड बना होगा. नेता विरोधी दल और शिवपाल भाई साहब का मन मैं पढ़ रहा हूं.

सीएम योगी का भाषण उबाऊ- सपा विधायक संग्राम यादव

नारी शक्ति वंदन अधिनियम के मुद्दे पर निंदा प्रस्ताव सदन की पटल पर रख दिया गया है. समाजवादी पार्टी की तरफ से सबसे विधायक संग्राम यादव ने कहा सीएम योगी का भाषण एक उबाऊ सम्बोधन था. उन्होंने पुरानी कैसेट को जारी कर दिया. सीएम योगी ने अपनी सत्ता के दौरान हुई हाथरस जैसी घटनाओं तक का जिक्र नहीं किया. जब समाजवादी पार्टी की सत्ता थी तो सबसे ज्यादा पार्टी के लिए काम हुआ.

कांग्रेस की तरह सपा भी खत्म होती जा रही है-सीएम योगी

SC/ST/OBC सभी महिलाओं को सम्मान मिले इसलिए ये सत्र है. कांग्रेस 40 साल से यूपी में बंजड़ होते जा रही है.शाह बानो प्रकरण में कांग्रेस ने क्या किया. मौलवियों के सामने नाक रगड़ी थी. अगर कांग्रेस मौलवी के दबाव में न आती तो शाहबानो को न्याय मिलता. तीन तलाक कानून में भी इंडी गठबन्धन ने इस कुप्रथा का समर्थन किया था. ये लोग देश को कठमुल्लापन की तरफ़ ले जाना चाहते हैं.

सपा के साथ भी यही हो रहा है. ये लोग दुर्दांत माफिया के सामने नाक रगड़ते थे.पूजा पाल उसका उदाहरण है.आप पूजा पाल के आखों के आंसू नहीं पोछ पाए.पूजा पाल के साथ जो हुआ और गेस्ट हाउस कांड जैसे मामले सपा की फितरत दर्शाते हैं. अबु आजमी, आज़म खान, एसटी हसन, अबू आज़मी सबके बयान लोगों को याद हैं. 17 अप्रैल को भी वही हुआ, नारी गरिमा से जुड़े प्रस्ताव को सदन में गिराया गया, फिर बधाई दी गई सबको.

लोग कहने लगे थे ‘देख सपाई, बिटिया घबराई’- सीएम योगी

सीएम योगी ने कहा कि बदायूं का 2014 का प्रकरण सबको याद है. इसपर पूरी दुनिया में बात हुई थी. बुलंदशहर 2016 में सामूहिक बलात्कार का मामला आया था तब आजम खान ने कहा था कि यह सरकार को बदनाम करने की साजिश है. सपा की सत्ता के दौरान यह कहा जाने लगा था कि देख सपाई, बिटिया घबराई.

सीएम योगी ने गेस्ट हाउस कांड का भी जिक्र किया

सीएम योगी ने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का चेहरा बोलने के लिए कुछ और दिखाने के लिए कुछ और है. उन्होंने गेस्ट हाउस कांड का भी जिक्र करते हुए कहा कि 1995 में दलित महिला मुख्यमंत्री के साथ गेस्ट हाउस कांड हुआ. ये सपा का आचरण है.तब स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी सपा के गुंडों से भिड़े थे, तब मायावती सुरक्षित बची थीं. आप लोग किस नारी गरिमा की बात करते हैं. 2014 में बदायूं में जो हुआ, उसपर आपके नेताओं ने क्या-क्या कहा.

आपको देख गिरगिट भी शरमा जाए-सीएम योगी

सीएम योगी के संबोधन के दौरान LOP माता प्रसाद पाण्डेय ने कहा सदन में पहले चर्चा के लिए प्रस्ताव रखा जाए, फिर चर्चा करें. इस पर सीएम योगी ने उनकी चुटकी लेते हुए कहा कि अभी प्रस्ताव रखता हूं, पहले भूमिका/माहौल बना रहा हूं. आपलोग को देखकर गिरगिट भी शर्मा जाए. यूपीए से नाम इंडी गठबंधन कर लिया.गिरगिट की तरह रंग बदल लिया.

खुद को सोशलिस्ट कहते, महिलाओं के लिए गंभीर नहीं दिखते

सीएम योगी ने विधानसभा प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे से कहा कि आप लोग खुद को socialist कहते हैं. लेकिन महिलाओं के लिए कभी गंभीर नहीं दिखे.आप लोगों ने नारी की गरिमा को कभी महत्व नहीं दिया. कोरोना काल के दौरान उन्हीं महिलाओं के खाते में शासन की हर सुविधा का लाभ मिला.

सीएम योगी ने कहा कि सपा के उदय के साथ ही नारी विरोध की चीज दिखती है. 2014 में जनधन स्कीम आई थी. इसका फायदा खासकर महिलाओं को मिला था. सपा-कांग्रेस ने भी तब इसका विरोध किया था. पहली बार स्वतंत्र भारत मे गरीब व्यक्ति का जीरो एकाउंट खुला . 30 करोड़ महिलाओं का बैंक एकाउंट खुला. तब भी इंडी गठबंधन ने विरोध किया. यह गठबंधन हर अच्छे मुद्दों का विरोध करता है.

हमारी कोशिश- सदन 33 फीसदी महिलाएं पहुचें

विधानसभा के विशेष सत्र की शुरुआत सीएम योगी के संबोधन से हुई. उन्होंने कहा कि केंद्र में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से महिलाओं के लिए बहुत काम हुए. फिलहाल केंद्र में15 फीसदी महिलाएं ही सदन पहुंच पाई हैं. वहीं यूपी में 11-12 फीसदी महिलाएं ही विधानसभा तक आ पाई हैं. हमारी कोशिश है कि सदन तक महिलाओं के पहुंचने की संख्या 33 फीसदी हो जाए.

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