
प्रणव गोस्वामी
नई दिल्ली, 11 नवंबर 2024। दिल्ली के विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी भावी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल जहां पूरे दिल्ली में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं, तो वहीं कांग्रेस ने भी अपनी न्याय यात्रा शुरू कर दी है।
भाजपा ने भी जनता के बीच पहुंचने की तैयारी शुरू कर दी है। बीजेपी ने आप को धूल चटाने के लिए मास्टर प्लान भी तैयार कर लिया है। इसे लेकर दिल्ली भाजपा पूर्वांचल मोर्चा ने बूथ स्तर पर अभियान चलाने का फैसला लिया है। मोर्चा के अध्यक्ष संतोष ओझा ने पदाधिकारियों के साथ बैठक की जिसमें उन्होंने बूथ स्तर तक पूर्वांचल के लोगों को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने का निर्देश दिया।
मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अपने कुछ सहयोगियों के साथ पूरी दिल्ली में प्रवास करेंगे और पूर्वांचल के अधिक से अधिक लोगों को भाजपा से जोड़ने का प्रयास करेंगे। बैठक में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व एनडीएमसी के सदस्य दिनेश प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।
दिल्ली में पूर्वांचल के 42 प्रतिशत लोग रहते हैं
बता दें कि दिल्ली में 42 प्रतिशत पूर्वांचल के लोग रहते हैं, उन्होंने दिल्ली के विकास में अहम योगदान दिया है, लेकिन कांग्रेस हो या आम आदमी पार्टी उनके विकास के लिए किसी ने कुछ नहीं किया। अपने प्रवास के दौरान हर क्षेत्र में रहने वाले पूर्वांचल के लोगों की समस्याओं को समझ कर उसके निदान के लिए काम किया जाएगा।
भाजपा पूर्वांचल मोर्चा ने के अध्यक्ष संतोष ओझा ने बताया कि छठ पूजा में भाजपा पूर्वांचल मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने घाटों के साफ-सफाई व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बूथ स्तरीय अभियान चलाने की रणनीति तैयार करने के लिए आयोजित बैठक में मोर्चा के प्रभारी विपिन बिहारी सिंह, सह प्रभारी मनीष सिंह तीनों महामंत्री जगदंबा सिंह, संजय तिवारी, विशाल सिंह अन्य नेता उपस्थित थे।
केजरीवाल पर भजन कार्यक्रम को रुकवाने का लगाया आरोप
दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने टीएमसी सांसद साकेत गोखले और स्थानीय विधायक अरविंद केजरीवाल पर नई दिल्ली में आयोजित भजन कार्यक्रम को रुकवाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा गोखले और केजरीवाल दोनों मित्र हैं और आयोजकों ने पूर्व सीएम केजरीवाल को आमंत्रित नहीं किया।
इसलिए खोगले ने पुलिस से शिकायत कर कार्यक्रम को रुकवा दिया। इस मामले पर आप से पक्ष मांगा गया, लेकिन कोई उत्तर नहीं आया। बता दें कि दिल्ली में 70 विधानसभा सीटें हैं जिनमें फरवरी 2025 में विधानसभा चुनाव होना प्रस्तावित है। इसे लेकर सभी प्रमुख दलों ने जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।



