
संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद स्थित शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर एवं श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि कांवड़ यात्रा पर नहीं जाएंगे। महामंडलेश्वर ने कहा कि पुलिस कमिश्नर ने उन्हें जान का खतरा बताते हुए हरिद्वार जाने से मना किया है। इस पर वे सहमत हो गए हैं। इसके बदले कमिश्नर ने दिसंबर-2023 में होने वाली विश्व धर्म संसद की अनुमति और सुरक्षा देने का आश्वासन दिया है।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद ने बताया, वे छह जुलाई को साधु-संतों और पूर्व सैनिकों सहित कांवड़ यात्रा पर हरिद्वार जाने वाले थे। इस संबंध में गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा ने उनसे वार्ता की। महामंडलेश्वर के मुताबिक, ‘कमिश्नर ने मुझसे कहा कि गाजियाबाद पुलिस या उत्तर प्रदेश सरकार का उनकी धार्मिक आस्थाओं पर अतिक्रमण करने का कोई विचार नहीं है। बल्कि मुख्यमंत्री का सख्त आदेश है कि मेरी सुरक्षा हर हाल में की जानी है।’
यति ने कहा, ‘मुझे विश्व के सबसे खूंखार आतंकवादी संगठनों से खतरा है और मेरी हत्या के लिए आतंकवादी कितने ही निर्दोष लोगों की हत्या कर सकते हैं। मेरे कांवड़ यात्रा पर जाने से मेरे साथ रहने वाले निर्दोष साथी भी आतंकवाद की भेंट चढ़ जाएंगे।’
महामंडलेश्वर ने बताया, ‘पुलिस कमिश्नर ने मुझसे वायदा किया है कि अगर मैं ये कांवड़ यात्रा स्थगित कर देता हूं तो भविष्य में मेरे मंदिर में होने वाले आयोजकों के लिए वो पूरा सहयोग करेंगे। कमिश्नर के इस प्रस्ताव को मैंने स्वीकार लिया है। कमिश्नर ने मुझे धर्म संसद की परमिशन दिलाने और सुरक्षा का भरोसा भी दिया है।’



