
संवाददाता
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76 वें जन्मदिवस के अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अंगदान करने का निर्णय लिया है. दिल्ली में आयोजित ब्लड डोनेशन कैम्प में पहले उन्होंने रक्तदान किया और उसके बाद अपने शरीर के 14 अंगों को डोनेट करने का संकल्प लिया. रक्तदान कैंप में केंद्रीय राज्य मंत्री और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने दिल्ली सरकार के मंत्रियों के साथ रक्तदान किया.
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी की जनसेवा के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों के तहत इस कैंप का मकसद 2,500 यूनिट रक्त इकट्ठा करना है.
मुख्यमंत्री ने X पर ट्ववीट करते हुए लिखा कि “रक्तदान केवल जीवन बचाने का माध्यम नहीं, मानवता और राष्ट्र के प्रति हमारे कर्तव्य की सशक्त अभिव्यक्ति है. इस सेवा संकल्प को जनआंदोलन बना रही टीम दिल्ली का हृदय से आभार”.
क्या-क्या दान करने का लिया गया संकल्प
जारी हुए आधिकारिक शपथ पत्र के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अपने शरीर के विभिन्न अंगों जिनमें दिल, आंत, अग्नाशय, लीवर, किडनी, फेफड़े और ऊतकों को चिकित्सीय और मानवीय उद्देश्यों के लिए दान करने का संकल्प लिया है. मुख्यमंत्री ने अपने शरीर के महत्वपूर्ण अंगों के साथ-साथ कई जरूरी ऊतकों को भी दान करने की घोषणा की है.
इस अवसर पर दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, डॉ पंकज कुमार सिंह, रविन्द्र इन्द्राज, लक्ष्मी नगर से विधायक एवं मुख्य सचेतक अभय वर्मा सहित अन्य विधायकगण उपस्थित रहे.
स्वास्थ्य मंत्री डॉ पंकज सिंह ने कहा कि, ब्रेनस्टेम या कार्डियक मृत घोषित किए जाने के बाद मेडिकल एक्सपर्ट्स के बोर्ड की देखरेख में इन अंगों को जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा के लिए निकाला जा सकता है. मुख्यमंत्री के इस कदम से आम जनता के बीच अंगदान को लेकर फैली भ्रांतियां दूर होंगी और लोग इस नेक काम के लिए आगे आएंगे.
इस पहल के बाद दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा अंगदान पंजीकरण अभियानों को और अधिक तीव्र गति से आगे बढ़ाने की योजना बना रही है, जिससे अधिक से अधिक नागरिकों को इस महादान से जोड़ा जा सके.
दिल्ली-एनसीआर देश में सबसे आगे:
राष्ट्रीय स्वास्थ्य रिपोर्टों और NOTTO (नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन) के आंकड़ों के अनुसार, अंगदान और इससे जुड़े ट्रांसप्लांट के मामलों में दिल्ली-एनसीआर देश में सबसे आगे रहने वाले क्षेत्रों में शामिल है. यहां एम्स, आरएमएल, सफदरजंग और कई बड़े निजी अस्पतालों में लिवर और किडनी जैसे अंगों के जीवित ट्रांसप्लांट नियमित रूप से सफलतापूर्वक किए जाते हैं. जबकि मृत अंगदान की स्थिति ब्रेन डेड या मृत घोषित होने के बाद अंगदान (कैडेवर डोनेशन) के मामले में दिल्ली-एनसीआर की रफ्तार अभी भी राष्ट्रीय औसत के मुकाबले पीछे मानी जाती है.



