
संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद में चाइनीज मांझे से गर्दन कटने की वजह से एक युवक की मौत हो गई। वह शनिवार शाम 6 बजे बाइक से जा रहा था, तभी अचानक उसके गले में चाइनीज मांझा फंस गया। बाइक की रफ्तार तेज होने की वजह से उसकी गर्दन कट गई। सड़क पर खून फैल गया।
पुलिस के मुताबिक, युवक अपने दोस्त के साथ बाइक से नोएडा से निकला था। दोनों दिल्ली के गाजीपुर जा रहे थे। रास्ते में नेशनल हाईवे-9 पर कौशांबी थाना क्षेत्र के पास हादसा हो गया। मांझा इतना धारदार था कि युवक के गर्दन की हड्डी तक कट गई। जिससे गर्दन लटक गई।
पीछे बैठे दोस्त ने किसी तरह बाइक संभाली और चीख-पुकार मचाकर आसपास के लोगों से मदद मांगी। इसके बाद उसने गमछे से युवक के गले को बांधा। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए-
बिहार के खगड़िया का रहने वाला रविराज (25) नोएडा सेक्टर-63 के बहलमपुर में किराए पर रहता था। ऑनलाइन डिलीवरी का काम करता था। शनिवार को वह अपने दोस्त नरेश के साथ बाइक से घूमने निकला था। बाइक रविराज ही चला रहा था और उसने हेलमेट भी पहन रखा था।
रवि और नरेश नोएडा के सेक्टर-43 कट से एनएच-9 पर चढ़े, तभी रविराज चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया। सूचना मिलते ही कौशांबी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायल रविराज को तुरंत वैशाली स्थित मैक्स अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलने पर एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य भी अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि रविराज की गर्दन पर करीब 5 सेमी गहरा घाव था और गले की हड्डी भी कट गई थी। परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया और शव नोएडा ले गए।
चाइनीज मांझे से हुईं 5 बड़ी घटनाएं…
- लखनऊ-11 दिसंबर 2025: बाइक से अपने घर जा रहे युवक की गर्दन कट गई थी। डॉक्टरों ने गले में सात टांके लगाकर युवक की जान बचाई थी।
- शाहजहांपुर– 23 अक्टूबर 2025: थाना कांट क्षेत्र के नगला जाजू निवासी रवि शर्मा (26) पत्नी के साथ ससुराल जा रहे थे। चाइनीज मांझा गर्दन में फंस गया। अस्पताल में मौत हो गई।
- अलीगढ़– 30 सितंबर 2025: 28 साल के सलमान स्कूटर से दुकान जा रहे थे। जमालपुर पुल पर चाइनीज मांझा गर्दन में उलझा, गहरा कट लगा। अस्पताल ले जाया गया, जहां मौत हो गई।
- गोरखपुर- 29 जुलाई 2025: अमित गुप्ता मां के साथ बाइक से धर्मशाला जा रहे थे। सूरजकुंड पुल पर मांझा गर्दन में फंसा, 4 नसें कट गईं। हेलमेट होने के बावजूद गंभीर चोटें आईं।
- शाहजहांपुर- 11 जनवरी 2025: ड्यूटी पर जा रहे कांस्टेबल शाहरुख हसन चाइनीज मांझे की चपेट में आए। गर्दन पर तेज कट लगा, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
यूपी में कब से बैन है चाइनीज मांझा, क्यों खतरनाक?
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने साल 2017 में देश भर में नायलॉन या चाइनीज मांझे की खरीद, बिक्री, स्टोरेज और इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई थी। तब से ही यूपी में भी चाइनीज मांझा बैन है। इसके बावजूद बहुत से लोग इसे खरीदते-बेचते हैं। इस वजह से अक्सर हादसे होते हैं।
यह सामान्य मांझे की तुलना में कई गुना धारदार होता है। यह आसानी से टूटता नहीं है। सामान्य मांझे से कई गुना तीखा होता है। इसकी वजह से पतंगबाजों की पतंगें आसानी से कट जाती हैं। लेकिन, इंसानों या जानवरों के हाथ-पैर पर लगने पर गंभीर चोटें आ सकती हैं।
चाइनीज मांझा कैसे बनता है, बनाने-बेचने पर कितनी सजा का प्रावधान?
चीनी मांझा चीन से नहीं आता। इसे प्लास्टिक मांझा भी कहा जाता है। चाइनीज मांझा सामान्य मांझे की तरह केवल धागों से नहीं बनाया जाता। इसे नायलॉन और मेटेलिक पाउडर से तैयार करते हैं। इसके बाद इस मांझे पर कांच या लोहे के चूरे से धार भी लगाई जाती है।
मांझा बनाने-बेचने और इससे पतंग उड़ाने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 15 के तहत 5 साल तक की सजा और 1 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। कई बार जमानत भी नहीं मिलती। दुकान को भी सील कर दिया जाता है। अगर मांझा किसी की मौत का कारण बना, तो सजा और गंभीर हो सकती है।
किन-किन राज्यों में चाइनीज मांझा बैन है?
भारत में चीनी मांझा की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध मुख्य रूप से मानव और पशु सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है। दिल्ली में भी 2017 से चीनी मांझे पर बैन है। उसके बावजूद भी धड़ल्ले से बिक्री होती है।
गुरुग्राम (हरियाणा)– 2025 में स्वतंत्रता दिवस से पहले, जिला प्रशासन ने चीनी मांझा और अन्य सिंथेटिक धागों की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया।
कर्नाटक– PETA इंडिया की अपील पर राज्य सरकार ने सभी प्रकार के मांझे पर प्रतिबंध लगाया, जिसमें कांच या धातु से कोटेड धागे शामिल हैं।
महाराष्ट्र– राज्य सरकार ने कांच-कोटेड कॉटन और अन्य खतरनाक मांझे पर प्रतिबंध लगाया है, ताकि मानव, पक्षी और अन्य जानवरों को होने वाली चोटों को रोका जा सके।
पश्चिम बंगाल– राज्य सरकार ने चीनी मांझा की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है।
चंडीगढ़– सिंथेटिक या नायलॉन धागों की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध है।
राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, पंजाब, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ , ओडिशा और असम में राज्य सरकारें भी समय-समय पर इन खतरनाक मांझे की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाती रहती हैं।



