
संवाददाता
नई दिल्ली। पेपर लीक से जुड़े मामले और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के बीच आज शुक्रवार को दिल्ली के विट्ठल हाउस में केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक हुई. आंदोलन शुरू होने के बाद दोनों पक्षों की यह दूसरी मुलाकात रही. हालांकि बैठक से पहले CJP के फाउंडिंग प्रेसिडेंट अभिजीत दिपके ने साफ कर दिया कि इस्तीफे (केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान) के अलावा हमें कुछ भी मंजूर नहीं है. हमारा प्रोटेस्ट खत्म नहीं होगा. इधर पेपर लीक पर सख्त कानून को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है. इसके बावजूद छात्र प्रदर्शन को खत्म करने के लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं.
मोदी सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद CJP ने पीसी कर बताया कि आज हमें सरकार ने दूसरे दौर की वार्ता के लिए बुलाया. हमने 3 प्रमुख मांग रखी, लेकिन इस्तीफे (शिक्षा मंत्री) पर कोई समझौता नहीं होगा. कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, “सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर कल दोपहर तक का समय मांगा है. हमें उम्मीद है कि सरकार उन्हें जल्द ही बर्खास्त कर देगी. सरकार ने मुआवजा (सुसाइड से मरने वाले NEET कैंडिडेट्स के परिवारों के लिए) और छात्रों के खिलाफ दर्ज 11 FIR तथा लीगल केस वापस लेने की 2 मांगों पर इन-प्रिंसिपल मंजूरी दे दी है.”
2 घंटे चली बैठक, कल फिर मिलेंगेः नड्डा
बैठक के बाद नड्डा ने कहा, “बैठक करीब 2 घंटे तक चली. उनकी 3 मुख्य मांगें थीं और परीक्षाओं के लिए 5 सुधार के सुझाव भी थे. हमने उनसे कहा है कि हम कल दोपहर उनसे फिर मिलेंगे और सरकार के बीच हुई चर्चा के बारे में उन्हें बताएंगे.”
साथ ही CJP ने उम्मीद जताई कि कल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो सकता है. CJP अगर हमारी मांग नहीं मानी गईं तो हम आगे भी प्रदर्शन करेंगे. हमारी 2 मांगों पर सरकार का रिस्पांस पॉजिटिव है. हालांकि सौरव दास ने दावा किया कि यह बैठक 10 मिनट ही चली. लेकिन हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कोई समझौता नहीं करेंगे. हमने सरकार को कई सुझाव भी दिए हैं.
इससे पहले CJP की ओर से सौरव दास और आशुतोष रांका सरकार के साथ बातचीत में शामिल हुए. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की अगुवाई में होने वाली यह बैठक पहले कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होनी थी, लेकिन केंद्रीय मंत्रियों की सुरक्षा को देखते हुए जगह बदल कर विट्टस हाउल कर दिया गया. बैठक विट्ठल हाउस के कमरा नंबर 504 में बैठक हुई. बैठक घंटेभर चली.
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ही समाधानः दिपके
केंद्र सरकार के साथ बातचीत शुरू होने से पहले अभिजीत दिपके ने कहा, “यह विरोध-प्रदर्शन देश के युवाओं का है और यह सिर्फ सोनम वांगचुक या दिपके तक सीमित नहीं है. यह प्रदर्शन देश के युवाओं का है, विपक्षी पार्टियों का नहीं. अगर सरकार विरोध- प्रदर्शन का हल चाहती है, तो वह सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है.”
सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल खत्म किए जाने को लेकर दिपके ने कहा, “मुझे लगता है कि सरकार ने वांगचुक को हिरासत में रखा था. जेपी नड्डा उनसे मिल सकते थे, लेकिन कोई भी विपक्षी सांसद उनसे नहीं मिल सका. हम भी उनसे नहीं मिल सके. मुझे बहुत खुशी है कि सोनम सर ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है.”
बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधानः जितेंद्र सिंह
इससे पहले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कल गुरुवार को कॉकरोच जनता पार्टी से सरकार के साथ एक और दौर की बातचीत के लिए आगे आने की अपील की. उन्होंने अपनी अपील में कहा कि बातचीत के जरिए ही मुद्दों का समाधान हो सकता है और आगे का रास्ता निकाला जा सकता है.
केंद्रीय मंत्री सिंह ने पीटीआई से कहा कि पिछले 24 घंटे में सरकार की ओर से सीजेपी को बातचीत के लिए ‘कम से कम चार बार’ न्यौता भेजा गया है. उन्होंने कहा, “मैं इस प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवा साथियों से अपील करना चाहता हूं कि वे बातचीत के लिए आगे आएं. हमारे दरवाजे उनके लिए खुले हैं.” उनका कहना है कि यह सरकार की ओर से की गई एक ‘विनम्र अपील’ है.
उन्होंने बताया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ यह बैठक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नड्डा की अगुवाई में होगी.
प्रधान के इस्तीफा पर किसने क्या कहा?

मल्लिकार्जुन खरगे- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होगा. उसके बाद हम एजुकेशन सिस्टम पर चर्चा करेंगे. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा अगर नहीं होता है तो हम विरोध प्रदर्शन करेंगे. खरगे इसके बाद संसद के मुख्य द्वार पर एक प्रदर्शन में शामिल हुए. वहां उन्होंने हमें न्याय दो और मोदी सरकार चोर है का नारा लगाया.
राहुल गांधी- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सरकार चाहती है कि हम चर्चा में भाग लें, लेकिन जब तक इस्तीफा नहीं होता है तब तक चर्चा में भाग लेने का कोई सवाल नहीं है. राहुल ने कहा कि छात्रों की 3 मांगें हैं, उससे कोई समझौता नहीं होगा. इनमें सदन में पीएम मोदी का माफी मांगना, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और छात्रों पर लाठीचार्ज करने वालों की जवाबदेही सुनिश्चित करना शामिल हैं.
अखिलेश यादव- सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को पहले प्रधान का इस्तीफा ले लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि भले ही 15 दिन बाद उन्हें दोबारा शपथ दिला दी जाए. अखिलेश ने कहा कि मुद्दा गलती मानने का है और सरकार को अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए.
सोनम वांगचुक- सोशल एक्टिविस्ट धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बयान दिया है. वांगचुक ने कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे नहीं देते हैं तो इसका नुकसान सरकार को ही होगा. अगर प्रधान इस्तीफा देते हैं तो इससे उन्हीं को फायदा होगा. इससे छात्रों पर कोई असर नहीं होने वाला है.
अभिजीत दीपके- कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख दीपेक ने कहा कि सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर लिया है, लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक लड़ाई जारी रहेगी. हम शांति पूर्ण प्रदर्शन करते रहेंगे.



