
संवाददाता
गाजियाबाद । केसी त्यागी पांच दशकों से राजनीति में पहली पंक्ति में ही हमेशा रहे। देश के बड़े नेताओं के साथ उनके संबंध जगजाहिर हैं। जब वो जनता दल यू छोडक़र राष्ट्रीय लोकदल में शामिल हुए थे तब इस बात की चर्चा चल रही थी कि उनके कद के हिसाब से पार्टी उन्हें क्या जिम्मेदारी देगी। क्योंकि वो हमेशा बड़े पदों पर आसीन रहे हैं। प्रधान महासचिव जैसे पद पर वो हमेशा विराजमान रहे। लेकिन राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने वास्तव में उनके कद का पूरा सम्मान रखा।
राजनीति में ऐसा पहला मामला रहा होगा कि पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष संसदीय दल का सदस्य बना हो। केसी त्यागी को संसदीय दल का अध्यक्ष बनाकर उनके कद का पूरा सम्मान रखा गया। केन्द्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने पूर्व सांसद केसी त्यागी को पार्टी के संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया है। यह कदम जयंत चौधरी की राजनीतिक दूरदर्शिता दर्शाता है। संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष होने के नाते केसी त्यागी रालोद की ओर से भाजपा गठबंधन में बड़ा चेहरा होंगे। वह पार्टी के स्टार प्रचारक भी होंगे। केसी त्यागी का प्रभाव पश्चिम उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड समेत जैसे कई राज्यों में है। जयंत चौधरी की मंशा केसी त्यागी के राजनीतिक अनुभव का पूरा लाभ लेने की है, जो पूरी होती हुई भी नजर आने लगी है।
केसी त्यागी की अध्यक्षता में बने संसदीय बोर्ड में खुद जयंत चौधरी सदस्य के रूप में शामिल हैं। यह भी जयंत चौधरी का अपने आप में बड़ा संदेश है। बोर्ड में हरियाणा से मेजर जनरल विशंभर दयाल, पूर्व सांसद तारीफ सिंह, मुंशी राम, पूर्व मंत्री अशोक यादव, पूर्व सांसद मलूक नागर, सांसद राजकुमार सांगवान, विधायक राजपाल बलियान, पूर्व विधायक अब्दुल सगीर खान, एमएलसी योगेश चौधरी, राजस्थान से विधायक सुभाष गर्ग, यशपाल बघेल, अनिल दूबे रमा नागर, बीता तोमर सदस्य बनाए गए हैं। इसके साथ ही युद्घवीर सिंह, विजय पुनिया, सुखबीर गठीना, चंद्रबली यादव विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए गए हैं।



