विशेष संवाददाता
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले में अभी तक पांच आरोपियों की गिऱफ्तारी हो चुकी है। एक आरोपी शुभम खैरनार को मुंबई की सीबीआई अदालत में पेश करने के बाद जाँच एजेंसी दिल्ली ले आई है। जांच एजेंसी का कहना है कि इस मामले में अभी कई और लोगों की भूमिका सामने आनी बाकी है। इसलिए शुभम से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और अन्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। इस बीच जयपुर में पकड़े गए नीट पेपल लीक मामले के आरोपियों में से एक आरोपी ने सीबीआई जांच पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाए कि बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। फिलहाल सीबीआई पेपर लीक मामले को लेकर कई राज्यों में जांच कर रही है ।
इस पूरे मामले को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। सीबीआई इस बात की जांच कर रही है कि क्या वास्तव में पेपर लीक हुआ था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और परीक्षा प्रक्रिया में कहां-कहां चूक हुई ? सीबीआई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के भीतर भी कुछ गड़बड़ी का शक है। जांच एजेंसी को आशंका है कि कोई अंदरूनी व्यक्ति संवेदनशील जानकारी बाहर पहुंचा रहा है। इस एंगल पर भी सीबीआई गंभीरता से जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी मान रही हैं कि पिछले वर्ष की जांच शायद पूरी तरह से खत्म नहीं हुई थी। सीबीआई को पता चला है कि पेपर लीक के पीछे कोई मामूली लोग नहीं हैं बल्कि पुराना और संगठित नेटवर्क काम कर रहा है।
अब तक नीट यूजी पेपर लीक मामले की जांच में नए खुलासे सामने आ रहे हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि गुरुग्राम के यश यादव नाम के डॉक्टर से जमवारामगढ़ निवासी दो भाई मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल ने 26 और 27 अप्रैल को करीब 30 लाख रुपये में कथित तौर पर नीट का पेपर खरीदा था। इसके बाद दिनेश बिवाल ने यह पेपर अपने बेटे को दिया, जो सीकर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसके बाद 29 अप्रैल को यही पेपर कई अन्य छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाया गया। यश यादव की पहचान विकास बिवाल से थी। विकास बिवाल के पिता दिनेश बिवाल ने नीट पेपर की हार्ड कॉपी को हाथ से लिखा और बाद में उसे स्कैन किया । इसके बाद यह पेपर राजस्थान के सीकर जिले में कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों के बीच पहुंचाया गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस पेपर को पाने के लिए छात्रों से 2 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक लिए गए।
सीबीआई ने इस मामले में कई कोचिंग संस्थानों के स्टाफ और संचालकों से पूछताछ की है और छात्रों के बयान भी दर्ज किए हैं ।
सीबीआई के मुताबिक इस मामले में अभी तक सही तौर पर मास्टर माइंड का पता नहीं चला है। यश यादव खुद नीट परीक्षा पास नहीं कर पाया था। वह फिलहाल बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिकल साइंसेज का छात्र बताया जा रहा है। आरोपी शुभम खैरनार ने इस मामले में खुद को पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड मानने से इनकार किया है। सीबीआई अब पेपर लीक के असली स्रोत तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इसके लिए अब जांच एजेंसी पैसों के लेन-देन यानी मनी ट्रेल की भी जांच कर रही है पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पैसे कहां से आए और किन लोगों तक पहुंचे। बल मामले में नासिक और राजस्थान पुलिस ने भी 25 से ज्यादा लाेगाें काे हिरासत में लिया है जिनसें पूछताछ की जा रही है।



