
विशेष संवाददाता
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का समापन हो गया है। 13 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन शुरू होकर 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर इसका समापन हो गया। 45 दिन तक चले इस महाकुंभ में 66 करोड़ से ज्यादा लोगों ने पवित्र त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई। यहां डुबकी लगाने वालों में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री से लेकर मशहूर फिल्मस्टार, विख्यात खिलाड़ी, दिग्गज उद्योगपति तक शामिल हैं। लेकिन कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा महाकुंभ में स्नान करने के लिए नहीं पहुंचे। महाकुंभ में स्नान ना करने को लेकर लोग कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी की पुत्री प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साध रहे हैं। बीजेपी की तो बात छोड़िए इंडी गठबंधन के सहयोगी समाजवादी पार्टी के नेता आईपी सिंह ने भी उन पर हमला बोलते हुए उन्हें सनातन धर्म की परंपरा और संस्कृति का घोर विरोधी बताया है।
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने तो राहुल गांधी के साथ उनके सहयोगी उद्धव ठाकरे को भी लपेटे में ले लिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उद्धव ठाकरे को महाकुंभ स्नान के लिए जाना चाहिए था। उन्होंने वहां न जाकर हिंदुओं का अपमान किया है।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी राहुल गांधी और उद्धव ठाकरे के महाकुंभ ना जाने को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ये लोग खुद को हिंदूवादी कहते हैं, लेकिन महाकुंभ नहाने नहीं गए। इनकी कथनी और करनी में फर्क है। 65 करोड़ से ज्यादा लोगों ने महाकुंभ में डुबकी लगाई है लेकिन ये लोग नहीं गए।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर हमला करते हुए दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी कहा कि ये चुनावी हिंदू हैं।
सोशल मीडिया पर भी कांग्रेस नेता के महाकुंभ में स्नान ना करने पर लोग नाराज दिख रहे हैं। लोग राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा पर तंज कस रहे हैं। आप भी देखिए किस तरह से इनकी किरकिरी हो रही है…