
संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तरकाशी में चल रहे जातीय तनाव के बीच गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र से BJP विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने एक चिट्ठी उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी को लिखी है। उन्होंने देवभूमि की पवित्रता को अपवित्र करने वालों पर एक्शन लेने, भौगोलिक परिस्थतियों को बदलने की अंतरराष्ट्रीय साजिश पर रोक लगाने और कठोर भू-कानून बनाने की मांग की है।
‘उत्तराखंड में अल्पंख्यक वृद्धि 25% से ज्यादा’
पत्र में विधायक ने लिखा, ‘उत्तराखंड करोड़ों सनातनी हिंदुओं की आस्था का केंद्रबिंदु है। अब ये स्थान ISI और कट्टरपंथी मुस्लिम देशों के निशाने पर है। साल-2000 में उत्तराखंड में अल्पसंख्यक आबादी नगण्य थी, जो साल 2011 में 14 फीसदी और वर्तमान में 25 फीसदी से ज्यादा पहुंच गई है। इसमें भारी तादात में रोहिंग्या मुसलमान और बांग्लादेशी घुसपैठिये हैं जो देवभूमि के लिए किसी टाइमर बम से कम नहीं हैं। उत्तराखंड में मुस्लिमों की वृद्धि का अनुपात वर्तमान में केरल और पश्चिम बंगाल से भी ज्यादा है।’
‘कांग्रेस सरकार ने बनाए रोहिंग्या-बांग्लादेशियों के दस्तावेज’
नंदकिशोर गुर्जर ने कहा, ‘जब मैं पिछले दिनों नीलकंठ महादेव के दर्शन करने पहुंचा तो स्थानीय जानकारों ने बताया कि उत्तराखंड को चारों तरफ से रोहिंग्या और बांग्लादेशियों द्वारा घेरा जा रहा है। पूर्व की कांग्रेस सरकार ने बड़े पैमाने पर ऐसे लोगों के लोकल आईडी प्रूफ बनाए थे। इसकी सहायता से इन लोगों ने होटल, धर्मशाला, टूर ट्रेवल एजेंसी से लेकर दुकानों पर हिंदू नाम रखकर कब्जा जमा लिया है।’
हिमाचल की तरह भू-कानून लागू करने की मांग
भाजपा विधायक ने कहा कि विदेशी ताकतों के इशारे पर देवभूमि की भौगोलिक परिस्थतियों को बदलने का षड़यंत्र रचने वालों को चिह्नित किया जाए। इन्हें उत्तराखंड से बाहर निकाला जाए। हिमाचल की तर्ज पर उत्तराखंड में भी कठोर भू-कानून लागू किया जाए।