Breaking News
Home 25 गाज़ियाबाद 25 किसान आंदोलन : 24 घंटे के लिए केएमपी एक्सप्रेस-वे जाम करने को आज फिर सड़क पर उतरे किसान

किसान आंदोलन : 24 घंटे के लिए केएमपी एक्सप्रेस-वे जाम करने को आज फिर सड़क पर उतरे किसान

Spread the love

नई दिल्ली/गाजियाबाद। नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों और सरकार के बीच में जारी गतिरोध अभी टूटता दिखाई नहीं दे रहा है। तीनों कानून वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानून बनाने की जिद अड़े किसान बिना मांगें माने पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आंदोलनकारी किसान आज 24 घंटे के लिए कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे को जाम कर रहे हैं। वहीं, ईस्टर्न पेरिफेरल पर पहुंचे किसानों ने भी जाम लगाना शुरू कर दिया है। किसान एक्सप्रेस-वे पर बैठकर ट्रैफिक रोक रहे हैं। इसे देखते हुए गाजियाबाद के डासना बूथ भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। इसके बाद वो मई में संसद तक पैदल मार्च भी करेंगे, इसके लिए जल्द ही तारीख पर फैसला किया जाएगा।

किसानों द्वारा 24 घंटे के लिए केएमपी जाम का ऐलान के चलते गुरुग्राम पुलिस ने केएमपी पर मानेसर से बादली की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को फर्रुखनगर से डायवर्ट कर दिया है। हालांकि, गुरुग्राम इलाके में पड़ने वाले केएमपी पर अभी किसानों ने जाम नहीं किया है।

ज्ञात हो कि मार्च महीने की शुरुआत में दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के आंदोलन के 100 दिन पूरे होने पर प्रदर्शनकारी किसानों ने केएमपी एक्सप्रेस-वे और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे को बाधित कर दिया था। इस दौरान किसानों ने सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक एक्सप्रेस-वे को विभिन्न जगहों पर पांच घंटे के लिए रोक दिया था। इसके बाद किसान आंदोलन को चार महीने पूरे होने पर 26 मार्च को किसान मोर्चा ने 12 घंटे का भारत बंद बुलाया था।

26 नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं किसान

गौरतलब है कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ बीते साल 26 नवंबर से हजारों की तादाद में किसान दिल्ली और हरियाणा की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। कृषि कानूनों को रद्द कराने पर अड़े किसान इस मुद्दे पर सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर चुके हैं। किसानों ने सरकार से जल्द उनकी मांगें मानने की अपील की है। वहीं सरकार की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि कानून वापस नहीं होगा, लेकिन संशोधन संभव है।

बता दें कि किसान हाल ही बनाए गए तीन नए कृषि कानूनों – द प्रोड्यूसर्स ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन) एक्ट, 2020, द फार्मर्स ( एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेज एक्ट, 2020 और द एसेंशियल कमोडिटीज (एमेंडमेंट) एक्ट, 2020 का विरोध कर रहे हैं। केन्द्र सरकार सितंबर में पारित किए तीन नए कृषि कानूनों को कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश कर रही है, वहीं प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आशंका जताई है कि नए कानूनों से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और वे बड़े कॉरपोरेट पर निर्भर हो जाएंगे।

About admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*