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मुख्तार अंसारी की पंजाब से यूपी के लिए हो रही है विदाई, कांग्रेस सरकार खूब लगाए अड़ंगे

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लखनऊ/चंडीगढ़। उत्तर प्रदेश के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को पंजाब में रोपड़ जेल से यूपी की बांदा जेल शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसके लिए तड़के यूपी पुलिस रोपड़ पहुंच गई। कागजी कार्रवाई और कोविड रिपोर्ट के बाद अंसारी को लेकर यूपी पुलिस रवाना हो जाएगी। यूपी के बांदा से पहुंचने वाली टीम में एक डीएसपी, दो इंस्पेक्टर, छह एएसआई, 20 हेड कांस्टेबल, 30 कांस्टेबल, पीएसी की एक प्लाटून, जीपीएस से लैस वज्र वाहन, 10 पुलिस वाहन, डॉक्टर और एंबुलेंस शामिल है। अंसारी को रोपड़ से बांदा जेल ले जाने के लिए यूपी से लगभग 100 पुलिसकर्मियों की टीम पंजाब आई है। सभी जवान आधुनिक हथियारों और बुलेटप्रूफ जैकेट से लैस हैं। अंसारी को ले जाने वाली एम्बुलेंस में रास्ते की सभी जरूरत की वस्तुओं को रखा जा रहा है। मुख्तार ने पुलिस से कुछ चीजों की इच्छा जताई थी। इसमें शुगर फ्री जूस भी शामिल है।

बता दें कि पंजाब में कांग्रेस सरकार ने माफिया मुख्तार अंसारी को बचाने की हरसंभव कोशिश की। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी कांग्रेस सरकार का नया तर्क 12 अप्रैल को होने वाली एक सुनवाई को लेकर था । इतना ही नहीं, कांग्रेस सरकार के संरक्षण में मुख्तार को जेल में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थी । मुख्तार को निजी एंबुलेंस भी कांग्रेस की पंजाब सरकार ने ही उपलब्ध कराया था। इस बीच बाराबंकी जिले में दर्ज एक मुकदमे में माफिया मुख्तार का भी नाम सामने आया है।

मुख्तार अंसारी गाजीपुर जिले के थाना मुहमदाबाद का मज़ारिया हिस्ट्रीशीटर (16B) है और इसके खिलाफ उत्तर प्रदेश और अन्य प्रदेशों के विभिन्न थानों में 52 मुकदमे दर्ज हैं। आरोप है कि माफिया मुख्तार को कांग्रेस सरकार जेल में ऐशोआराम की सारी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है और मुख्तार रोपड़ जेल में न रहकर एक कोठी में रहता था। इस बारे में कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ के शासनकाल में कोई भी अपराधी नहीं बचेगा। प्रदेश से माफियाओं का खात्मा शुरू हो चुका है। योगीराज में कानून व्यवस्था हर हाल में कायम रहेगी। पंजाब सरकार ने मुख्तार अंसारी को यूपी पुलिस को हैण्डओवर न करना पड़े, इसकी पूरी कोशिश की, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता के आगे उनको झुकना पड़ा। राज्य सरकार ने माफिया डान मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश में लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में जमकर पैरवी की, जिसका नतीजा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को सौंपने के लिए पंजाब सरकार को आदेश दिए हैं।

विपक्षी दलों को क्रिमिनल में भी दिखती है साम्प्रदायिकता
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्तार अंसारी की सेवा में लगी एम्बुलेंस पर कांग्रेस के ऊपर प्रश्न चिह्न लगा है, उस पर पंजाब सरकार की पूरी जवाबदेही बनती है। विपक्षी दलों को क्रिमिनल में भी साम्प्रदायिकता दिखती है। हद है कि सपा-बसपा-कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियां माफिया/क्रिमिनल जिसने अपराध किए हैं, उसको भी सांप्रदायिकता का रूप देकर बचाने का प्रयास कर रही है। इनकी इस मंशा को कदापि पूरा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की सोच इनके बिलकुल विपरीत है। अपराधी चाहे जितना बड़ा हो, चाहे जिस जाति/धर्म से हो, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था कायम रहेगी।

बिहार के शहाबुद्दीन गैंग से भी था मुख्तार का संपर्क
मुख्तार अंसारी ने पूर्वांचल में कई जघन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है और पुलिसकर्मियों की भी हत्याएं की हैं। मुख्तार अंसारी ने प्रदेश के कुख्यात अपराधियों, शूटरों का एक गैंग बनाकर समीपवर्ती राज्य बिहार के शहाबुद्दीन गैंग से भी सम्पर्क बनाकर अपना एक मजबूत आपराधिक नेटवर्क और आपराधिक साम्राज्य स्थापित किया था। अपराध और आतंक के कारण मुख्तार पूर्वांचल की कोयला मंडी और ठेकों पर अपना आधिपत्य स्थापित कर करोड़ों की मासिक उगाही करता रहा है और व्यापारियों को धमकी देकर गुंडा टैक्स की वसूली की जाती रही है।

अब तक दो सौ करोड़ की संपत्ति जब्त, गैंग के 96 अभियुक्त गिरफ्तार
यूपी पुलिस ने मुख्तार अंसारी की अर्जित अवैध सम्पत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त किया है। मुख्तार गैंग और उसके सहयोगियों के कब्जे से जब्त/अवमुक्त/ध्वस्त की गई सम्पत्ति का मूल्य करीब 192 करोड़ छह लाख 22 हजार रुपए है। पुलिस गैंग की अन्य बेनामी अवैध सम्पत्तियों का भी चिह्नीकरण कर रही है। मुख्तार गैंग के कुल 96 अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें से 75 अभियुक्तों पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है। गैंग के 72 व्यक्तिगत शस्त्रों का निरस्तीकरण/निलम्बन किया गया है। गैंग के सात सहयोगी ठेकेदारों के खिलाफ कार्यवाही की गई है। मुख्तार के खिलाफ प्रदेश के विभिन्न जिलों में 52 मुकदमे दर्ज हैं, जिसमें 15 मुकदमे विचाराधीन हैं, जिनमें शीघ्र अभियोजन की कार्यवाही पूरी करवाकर सजा दिलाने का कार्य किया जाएगा

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