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सेक्‍सटॉर्शन करने वाले मेवात के दो ईनामी बदमाश स्‍पेशल सेल के शिकंजे में

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संवाददाता

नई दिल्‍ली। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल की दक्षिण रेंज टीम ने सेक्‍सटार्शन के नाम पर मेवात के जबरन वसूली करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े दो फरार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों पर 20-20 हजार रूपए का ईनाम घोषित था।

डीसीपी जसमीत सिंह

स्‍पेशल सेल के डीसीपी जसमीत सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान 30 वर्षीय अरशद खान और 39 वर्षीय मुश्ताक खान के रूप में हुई है, जो दिल्ली में जबरन वसूली के एक मामले में पिछले नौ महीने से फरार थे और उनकी गिरफ्तारी पर 20-20 हजार रुपये का इनाम भी था। डीसीपी ने कहा कि दक्षिण दिल्ली के स्‍पेशल सेल दस्‍ते को मेवात स्थित गिरोह के सदस्यों द्वारा अवैध गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली थी। जिसके बाद एसीपी अतर सिंह ने गिरोह की जानकारी एकत्र करने के काम पर इंसपेक्‍टर ईश्‍वर सिंह और सतेन्‍द्र सिंह को लगाया। डीसीपी के मुताबिक 21 जुलाई को इस सिंडिकेट के सदस्यों में से एक अरशद खान के आने के बारे में विशेष सूचना मिली थी। जो फ्लावर मार्केट छतरपुर में शाम 6 बजे से शाम 7 बजे के बीच अपने एक पहचान वाले से मिलने के लिए आया था।  इसके बाद जाल बिछाया गया और आरोपी अरशद खान को उसी दिन पकड़ लिया गया।

पूछताछ के दौरान अरशद खान ने खुलासा किया कि उसका सहयोगी मुश्ताक खान उनके गांव में एक सुनसान घर में छिपा हुआ है। पुलिस टीम को तुरंत दौसा जिले (राजस्थान) में उनके गांव भेजा गया और मुश्ताक खान को 22-23 जुलाई की दरम्यानी रात एक घर से गिरफ्तार कर लिया गया।  दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि वे मेवात में सक्रिय सहयोगियों से जुड़े एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट के सदस्य हैं, जिसका नेतृत्व सद्दाम हुसैन कर रहा है। 

डीसीपी जसमीत सिंह ने बताया कि आरोपियों ने आगे खुलासा किया कि उन्होंने उनके 4-5 अन्य सहयोगियों के साथ दिल्ली में एक वकील से जबरन वसूली की मांग की थी और बाद में उसे ब्लैकमेल करने और धमकी देने के लिए उसका अश्लील ऑनलाइन वीडियो बनाकर उसे अपने जाल में फंसा लिया था। गिरोह के सदस्यों का काम दिल्ली एनसीआर में भोले-भाले लोगों को फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर उन्हें लुभाना था और महिला के रूप में उनके साथ चैट करना शुरू करना था। इसके बाद गिरोह के सदस्य इन भोले-भाले लोगों को उकसाकर ऑनलाइन अश्लील हरकतें करने का लालच देकर उनका अश्लील वीडियो बनाते थे। इसके बाद शुरू होता था सेक्‍सटार्शन की आड में जबरन वसूली का काम। वे इन वीडियो को वायरल करने या उनके परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और दोस्तों को भेजने की धमकी देकर पीड़ितों से रंगदारी की मांग करते थे। अगर वे जबरन वसूली की राशि का भुगतान करने में विफल रहते तो वे उन्हें ब्लैकमेल करते थे।

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