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एमपी के बाद हथियार तस्‍करी करने वाले राजस्‍थानी मॉडयूल क दो तस्‍करों से 16 पिस्‍तौल बरामद

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नई दिल्‍ली। स्‍पेशल सेल की उत्तरी रेंज और एसटीएफ जेल में बंद कुख्‍यात गैंगस्‍टर संदीप उर्फ काला जठेडी व उसके गिरोह को अवैध हथियारों की सप्‍लाई करने वाले दो हथियार तस्‍करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्‍जे से अवैध पिस्‍टल की बडी खेप बरामद की है।  

विशेष शाखा की उत्‍तरी रेज व एसटीएफ के डीसीपी राजीव रजन ने बताया कि एसीपी वेद प्रकाश की टीम के इंसपेक्‍टर अरविंद कुमार ने एसआई प्रवीण कुमार, दीपक महला, गुरु प्रसाद, एएसआई संदीप,  हेड कांसटेबल  अश्विनी के साथ एक सूचना के आधार पर राजस्‍थान धोलपुर के बृज राज और जितेंद्र को गिरफ्तार किया है। उनके कब्‍जे से 16 पिस्टल की खेप बरामद की गई है।

स्‍पेशल सेल के डीसीपी राजीव रजन

दरअसल इस टीम को कुछ जरियों से जानकारी मिल रही थी कि दिल्‍ली एनसीआर में बदमाशों को हथियारों की सप्‍लाई करने का काम मध्‍यप्रदेश के खरगाँव, धार, बड़वानी और बुरहानपुर के अलावा राजसथान के धौलपुर से भी होता है। पुलिस टीम ने इस सूचना पर ओर अधिक जानकारी जुटाई तो धौलपुर के बृजराज व जितेन्‍द्र के बारे में पता चला। उनके बारे में जानकारी एकत्र करने के बाद निगरानी शुरू की गई और शुक्रवार रात उन्‍हें पुलिस टीम ने जीटी बिछाकर करनाल रोड पर संजय गांधी परिवहन नगर मोर, पास, जी.टी. से अवैध हथियारों की खेप के साथ दबोच लिया।

पूछताछ में पता चला कि  धौलपुर के रहने वाला बृज राज उर्फ  खेतान 10वीं तक पढ़ा है। इसके बाद उसने राजमिस्त्री का काम शुरू करदिया। उसके पिता एक पेपर फैक्ट्री में चौकीदार का काम करते हैं। करीब छह महीना पहले वह प्रशांत नाम के युवक के संपर्क में आकर अवैध हथियारों की सप्‍लई करने लगा। बाद में वह भगवान दास नाम के तस्‍कर के संपर्क में आया। लेकिन 4  महीने पहले वह भगवानदास और उसका भाई श्रीकिशन और प्रशांत राजस्थान पुलिस के हत्‍थे चढ गए। जेल में जाने के बाद भगवानदास ने बृजराज को फोन करके खरगाँव से हथियारों की डिलीवरी लेकर दिल्‍ली में काला जठेडी गैंग के पास पहुंचाने के आदेश दिए थे। इसके काम के लिए जितेंदर को चुना जो बेरोजगार था और जिसे पैसे की जरूरत थी।

बृजराज भगवानदास के साथ पहले भी कई लोकल गैंगस्टरों को हथियारों की सप्लाई कर चुका था। इसी कारण उसके दिल्ली, मेरठ के खूंखार अपराधियों और गैंगस्टरों के संपर्क थे। पुलिस ने  उनके कब्‍जे से जो पिस्‍टल बरामद की हैं उनकी गुणवत्ता इतनी अच्छी हैं कि इन पिस्तौलों और आयुध कारखानों में निर्मित के पिस्‍तौल में अंतर करना मुश्किल है। उन्‍हें ये पिस्‍टल थोक में  20,000 पीस की रेट पर मिलती है। जिसे वे दिल्ली और आसपास के राज्यों के खूंखार अपराधियों को  25,000 से 35,000 रूपए में बेच देते थे।  प्रति पिस्टल। पुलिस दोनों आरोपियों से उनके गैंग के दूसरे लोगों की जानकारी एकत्र कर रही है।

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