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#CoronavirusInSchools: 3 दिन में नोएडा-गाजियाबाद के तीन स्‍कूल बंद, बच्‍चों के लिए कितना रिस्‍की है नया कोरोना?

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नई दिल्ली। दिल्‍ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद के कोरोना वायरस के मामले सामने आने के बाद स्‍कूल बंद किए गए हैं। नोएडा के सेक्टर-40 स्थित खेतान स्कूल में 3 टीचर और 13 छात्र कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। स्कूल 18 अप्रैल तक के लिए बंद कर दिया गया है। अन्‍य स्‍कूल के 5 स्‍टूडेंट्स भी पॉजिटिव मिले हैं। इससे दूसरे स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र व उनके पैरंट्स भी टेंशन में हैं। गाजियाबाद में भी दो स्कूल छात्रों के संक्रमित होने के बाद स्‍कूल बंद किए जा चुके हैं।

दिल्‍ली में कोरोना की संक्रमण दर बढ़ने लगी है। सोमवार को पॉजिटिविटी रेट 2.70 पर्सेंट तक पहुंच गया। दिल्‍ली के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सत्‍येंद्र जैन ने कहा है कि कोरोना के नए वैरिएंट XE से घबराने की जरूरत नहीं है। यही बात टीकाकरण पर सरकार के सलाहकार समूह (NTAGI) के प्रमुख एन.के. अरोड़ा ने भी कही है। बच्‍चों के लिए कितनी चिंता की बात है, समझते हैं।
स्‍कूलों में कोरोना केस, नया वैरिएंट… कितनी चिंता की बात?

ज्‍यादातर राज्‍य सरकारों ने मास्‍क पहनने की पाबंदी हटा ली है, ऐसे में नॉन-वैक्‍सीनेटेड बच्‍चों के वायरस से संक्रमित होने का रिस्‍क बढ़ गया है। कोविड-19 के अभी तक सामने आए वैरिएंट्स ने बच्‍चों को उतना ज्‍यादा बीमार नहीं किया है। बेहद संक्रामक डेल्‍टा और ओमीक्रोन से इंडोनेशिया, साउथ अफ्रीका, अमेरिका समेत कुछ देशों में कम आयु वाली आबादी में मामले सामने जरूर आए। इसके बावजूद, एक्‍सपर्ट्स की आम राय यही है कि बच्‍चों में कोरोना का संक्रमण मामूली रहता है और नए वैरिएंट XE के साथ भी यही स्थिति बने रहेगी।

स्कूल जाने से पहले याद रखें ये 15 पाठ

  • नाक और मुंह ठीक से कवर करने वाला मास्क लगाकर स्कूल भेजें।
  • बैग में एक्स्ट्रा मास्क, सैनिटाइजर, वेट टिश्यू जरूर रखें।
  • लन्च बॉक्स दें और कैंटीन या दूसरे का खाना खाने से मना करें।
  • पेन, पेंसिल, रबर, स्केल, किताबें आदि किसी से शेयर न करें।
  • लिखते-पढ़ते समय पेन या पेंसिल मुंह में न डालें।
  • वॉशरूम का इस्तेमाल करने पर गेट को खोलने का तरीका सिखाएं। सीधे हाथों से न खोलते हुए कोहनी से खोलें।
  • कोशिश करें कि सार्वजनिक साधन की जगह अपने वाहन से स्कूल छोड़ें।
  • सार्वजनिक वाहन से जाना पड़े तो गाड़ी से उतरते ही हाथ सैनिटाइज करें।
  • बस के अंदर कुछ भी खाने-पीने से बच्चे को मना करें।
  • मास्क गीला होने पर तुरंत बदलने के बारे में बताएं।
  • छींकते, खांसते समय मुंह और नाक को टिशु, रुमाल या कोहनी से जरूर ढंके।
  • तबीयत खराब हो तो किसी भी हालत में बच्चे को स्कूल न भेजें।
  • बच्चे को बताएं कि सभी से 6 फुट की दूरी बनाकर रखें। दोस्तों के साथ खेलने न जाएं।
  • स्कूल से आने के बाद बच्चों के कपड़े, पानी की बोतल, लंच बॉक्स आदि धुल दें।
  • अगर घर में मरीज, गर्भवती या बुजुर्ग हैं तो उनके पास बच्चों को जाने से रोकें।

दिल्ली, हरियाणा में बढ़ रहे केस

देश में कोरोना के मामलों में गिरावट के बीच दिल्ली, हरियाणा और गुजरात में एक हफ्ते में केस बढ़े हैं। दिल्ली में बीते हफ्ते 943 केस आए, जो इससे पहले के हफ्ते की तुलना में 26% ज्यादा हैं। पड़ोसी हरियाणा में एक हफ्ते में 50% केस बढ़े हैं। दिल्ली में बीते कई दिनों से इन्फेक्शन रेट 1% प्रतिशत से अधिक बना हुआ है। गुजरात में भी पिछले सात दिनों में कोरोना के केस में 89% की वृद्धि देखी गई है।

दिल्ली में संक्रमण दर 2.70 पर्सेंट तक पहुंची

राजधानी में कोरोना की संक्रमण दर फिर से बढ़ रही है। सोमवार को संक्रमण दर 2.70 पर्सेंट तक पहुंच गई। सिर्फ 5079 सैंपल की जांच की गई और इसमें से 137 मरीज में वायरस की पुष्टि हुई। लेकिन, इस दौरान 144 मरीज रिकवर हुए और राहत की बात यह रही कि किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। अभी भी दिल्ली में कोविड पॉजिटिव केवल 17 मरीज ही एडमिट हैं। एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 601 तक पहुंच गई है।

XE से न घबराएं : सत्‍येंद्र जैन

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने गुजरात में मिले कोरोना के एक्सई वैरिएंट को लेकर कहा कि कोविड-19 के इस नए वैरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है। एक्सई वेरिएंट को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की तरफ से वैरिएंट ऑफ कंसर्न की लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है। जब तक कोई वैरिएंट ऑफ कंसर्न नहीं आता है, तब तक चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं। रोजाना दुनियाभर में कोई न कोई नया वैरिएंट आ ही रहा है। हमें कोरोना के नए-नए वैरिएंट के साथ रहना सीखना होगा, ये वैरिएंट आगे भी आते रहेंगे। हालांकि, हमें अभी भी कोरोना के नियमों का पालन करने की जरूरत है।

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